इधर बिलासपुर में निजात अभियान चलाया जा रहा है वहीं, अब गांजा बेचना भी हुआ डिजिटल ..
इधर बिलासपुर में निजात अभियान चलाया जा रहा है वही अब गांजा बेचना भी हुआ डिजिटल .. गांजा का पैसा paytm के द्वारा लेकर महिला करती थी गांजे की बिकरीशहर में आजकल सभी व्यपार डिजिटल हो गया है , लेकिन आपको बताते हुए हैरानी होगी के यहां गांजा भी paytm का QR कोड लगाकर बेचा जा रहा है । ऐसे ही एक मामले में सिविल लाइन थाने छेत्र में पुलिस ने एक महिला की गिरफ्तार किया है जिसमे महिला गांजे को बेचकर महिला ग्रहको की सुविधा के लिए QR कोड लगाकर पेमेंट लेती थी । महिला online payment लेकर भी पुड़िया में बेचती है गांजा, इस खबर को मुखबिर से पाकर सिविललाइन पुलिस तत्काल वहाँ पहुंची. वहाँ आरोपी महिला QR code के through रकम लेकर पुड़िआ में गांजा की बिक्री आरोपी महिला के साथ एक अन्य सहयोगी चाम्पा निवासी भी अवैध माफक पदार्थ गांजा के साथ गिरफ्तार
आरोपी 1 कृष्ण कुमार धीवर पिता श्री श्याम लाल धीवर उम्र 35 साल साकिन गांधीनगर थाना रतनपुर 2 कमलेश निर्मलकर पिता श्री रामशरण निर्मलकर उम्र 25 साल साकिन गांधीनगर थाना रतनपुर —
जप्त मश्रूका अवैध कच्ची महुआ शराब 10 लीटर कीमती 2000 रू घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल 01 नग मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं कि जिले में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा चलाये जा रहे नशे के विरूद्ध आपरेशन निजात कार्यवाही बिलासपुर जिले में की जा रही है श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री राहूल देव शर्मा एवं अनुविभागीय अधिकारी कोटा श्री आशीष अरोरा के मार्गदर्शन पर थाना रतनपुर पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही किया जा रहा हैं कि दिनांक 21.02.2023 के मुखबीर सूचना प्राप्त हुआ कि 02 व्यक्तिमोटर सायकल सवार भारी मात्रा में मोटर सायकल में शराब बिक्री हेतु लेकर जा रहे हैं कि सूचना पर त्वरित थाना टीम रवाना कर गांधीनगर के पास उक्त संदेही मोटर सायकल सवार व्यक्तियो को रोका जो पुलिस को गोल मोल जवाब देने लगे पूछताछ पर पीछे बैठे सवार एक पीट्ठू बैग में दो प्लास्टिक के जेरीकेन में करीब 10 लीटर कच्ची मुहुआ शराब कीमती लगभग 2000 रू को जप्त किया नाम पता पूछने पर अपना 1 कृष्ण कुमार धीवर पिता श्री श्याम लाल धीवर उम्र 35 साल साकिन गांधीनगर थाना रतनपुर 2 कमलेश निर्मलकर पिता श्री रामशरण निर्मलकर उम्र 25 साल साकिन गांधीनगर थाना रतनपुर बताया किसी प्रकार का कोई कागजात नही होने से अभिुक्त गणो के विरूद्ध धारा 34(2)आबकारी एक्ट की कार्यवाही किया गया हैं।
बीच सड़क पर धारदार हथियार से हमला करने वाले आरोपी के लिए फांसी की मांग, लोगों ने पुलिस थाने का किया घेराव…
राजधानी रायपुर में एक बेहद ही शर्मसार कर देने वाली घटना जीहुई जिसके बाद ये मामला पूरे देश भर में आग की तरह फ़ैल गया। राजधानी के गुढ़ियारी इलाके में शनिवार देर शाम एक 47 साल का शख्स 16 साल की नाबालिग लड़की का बाल पकड़कर सरेराह लेकर कहीं जाता दिखाई दे रहा था। आरोपी के हांथ में गंडासा और लड़की को खून से लथपथ देख हर कोई समझ गया कि यह शख्स सिरफिरा है और इसी वजह से कोई भी बीचबचाव करने नहीं गया।
बताया गया कि आरोपी शख्स ओंकार नाबालिग लड़की से शादी करना चाहता था लेकिन लड़की ने मना कर दिया और उसके यहां नौकरी छोड़ दी जिसके बाद सिरफिरा शख्स गंडासा लेकर लड़की के घर घुस गया और उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। लड़की खून से लथपथ होकर अपनी जान बचाने के लिए भागने लगी लेकिन रास्ते में गिर गई।इसी बीच आरोपी पहुंचा और लड़की का बाल पकड़ कर उसका बाल पकड़कर घसीटने लग गया।
परिजनों का कहना है कि आरोपी ओंकार तिवारी के पास केरोसिन भी मिला है। जब वह लड़की के घर पहुंचा तो इसके पास मिट्टी का तेल मौजूद था। लड़की पर यह तेल डालकर उसे जलाने की कोशिश भी आरोपी करने वाला था। फिलहाल पुलिस आरोपी और लड़की के परिजनों से पूछताछ कर रही है। लड़की की हालत ठीक होने पर पुलिस उसका भी बयान लेगी।
पुलिस ने धारा 307 के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब इस मामले में कल सोमवार देर रात मोहल्लेवालों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने गुढ़ियारी पुलिस स्टेशन का घेराव कर दिया। आक्रोशित लोगों ने आरोपी को फांसी देने की मांग की है।बड़ी संख्या में आसपास के लोग गुढ़ियारी थाने पहुंचे और जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। लोगों ने नारेबाजी करते हुए शासन-प्रशासन से आरोपी के लिए फांसी की मांग की। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। वहीं डॉक्टरों ने पीड़िता की हालत भी खतरे से बाहर बताया है।
बीजापुर, में 4 अज्ञात लोगों ने की जवान की निर्मम हत्या. मृत, जांच में जुटी पुलिस…;
बीजापुर, में 4 अज्ञात लोगों ने की जवान की निर्मम हत्या. मृत जवान का नाम पन्नी वेट्टी. दंतेवाड़ा जिले के पुलिस लाइन में हवलदार के पद पर पदस्थ था जवान. 19 फरवरी को छुट्टी लेकर भाई की शादी में शामिल होने बेलचर गांव पहुंचा था जवान. रात 2 बजे कुल्हाड़ी से वार कर दिया वारदात को अंजाम. भाई की शादी में शामिल होने बीजापुर के बेलचर गांव आया था जवान. घटनास्थल पर नहीं मिला नक्सल पर्चा. भैरमगढ थानाक्षेत्र का मामला. घटना के हर पहलू पर जांच कर रही है पुलिस: अंजनेय वार्ष्णेय, SP, बीजापुर.
कालोनाइजर बृजेश साहू कर रहे हैं गुंडागर्दी, करोड़ों की बेशकीमती जमीन हड़पने के लिए कर रहे है साजिश, पूरा परिवार दहशत में…
कालोनाइजर बृजेश साहू कर रहे हैं गुंडागर्दी, करोड़ों की बेशकीमती जमीन हड़पने के लिए कर रहे है साजिश, पूरा परिवार दहशत में नंदेश्वर मंदिर चांटीडीह निवासी कमला गडरिया और उनके पुत्र प्रदीप पाली ने रविवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में पहुंचकर कॉलोनाइजर और भूमाफियाओं द्वारा खुद की जमीन पर कब्जा किए जाने की पीड़ा बताई। उन्होंने बताया वर्षों पुरानी उनकी हक और स्वामित्त्व की भूमि मौजा खमतराई पटवारी हल्का नंबर 25 राजस्व निगम मंडल कोनी में स्थित है। खसरा नंबर 971/7 कुल रकबा 1 एकड़ भूमि जो समस्त राजस्व प्रपत्र में उनके नाम पर ही दर्ज है। उस भूमि पर सीमेंट का खंबा और तार के जरिए घेराबंदी कराया गया था जिसे अनधिकृत रूप से कॉलोनाइजर बृजेश साहू और रवि मिश्रा के द्वारा उखाड़ कर फेंक दिया गया है। पीड़ित मां और बेटे ने पत्रकारों को बताया कि बृजेश साहू और रवि मिश्रा के द्वारा किए गए इस कृत्य को लेकर जब विरोध किया गया तो कुछ गुंडे आकर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और वे दोनों काफी डरे सहमे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता / पति का निधन हो चुका है और परिवार में केवल दो ही प्राणी है। गुंडों की धमकी से वे दहशत में हैं। उन्हें हर पल अपनी जिंदगी पर खतरा मंडराता नजर आता है। पीड़ित परिवार ने बताया कि जब गुंडे उनके खंबे और तार को हटा रहे थे तो इसकी सूचना सरकंडा थाने में दी गई थी मगर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके अलावा एसडीएम बिलासपुर को भी इस बारे में अवगत कराया गया था तो उन्होंने मामला पुलिस का है कहकर पुलिस के पास भेज दिया। आर आई छतलाल कश्यप कांग्रेसी बिल्डर के दबाव में हैं जिसकी वजह से उनकी जमीन का तीन बार समय देने के बाद भी सीमांकन नहीं किया जा रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि उनकी भूमि को नक्शे में दूसरी जगह बैठा दिया गया है और उनकी वास्तविक भूमि को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जिला और पुलिस प्रशासन से इस मामले में मदद की गुहार लगाई है।
ACCU टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है. टीम ने सकरी और तारबाहर क्षेत्र मे हुई 6 चोरियों के 8 आरोपियों को पकड़ने मे सफलता पायी
ACCU टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है. टीम ने सकरी और तारबाहर क्षेत्र मे हुई 6 चोरीयो के 8 आरोपियों को पकड़ने मे सफलता पायी है. जिसमे ज्वेलर्स संचालक और 2 नाबालिक शामिल है. रविवार को एसपी संतोष कुमार सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, मुख्य आरोपी वीरेंद्र साहू अपने साथियों के साथ मिलकर तारबाहर और सकरी क्षेत्र में चोरी की घटना को अंजाम दिया था.आरोपियों ने 16 फरवरी को सकरी थाना क्षेत्र में रहने वाले आदिम जाति कल्याण विभाग के रिटायर्ड अधिकारी के यहाँ से साढे ₹10 लाख रु के सोने चांदी के आभूषण पार कर दिया था. 12 फरवरी को भी आरोपियों ने तार बाहर थाना क्षेत्र के रामनरेश साहू जो कि रेलवे में अधिकारी हैं उनके यहां चोरी की घटना को अंजाम दिया था. पुलिस ने आरोपियों से 26 लाख रुपए मूल्य के सोने चांदी के जेवरात, नगदी ₹24000 रु, 5 मोबाइल फोन, एलईडी टीवी जप्त किया है. मामले में पुलिस दो आरोपियों से पूछताछ कर रही है उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया जायेगा.
Janjgir Champa News: मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा अवैध क्लीनिक.…!
बम्हनीडीह । ब्लाक मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत कपिस्दा में पिछले कई वर्षों से झोलाछाप डाक्टर अपना क्लीनिक अवैध तरीके से संचालित कर रहा है। वह कपिस्दा सहित आसपास के गांव की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। ग्राम कपिस्दा मेडिकल स्टोर की आड में झोलाछाप डाक्टर अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन कर रहा है। गांवों की भोली भाली जनता सरकारी अस्पताल के बजाय यहां पहुंचकर महंगे दामों में इलाज करवा रहे हंै। जबकि ग्रामीणों का आरोप है इनकी इलाज की वजह से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है
लेकिन इसके बावजूद इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। जब भी कार्रवाई की भनक लगती है तो ये अपने रिश्तेदार जो स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है उसके दम पर बच निकलत है और कार्रवाई करने वाली टीम आज तक इनके यहां नही पहुंची है। ग्राम कपिस्दा में मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध तरीके प्रेक्टिस की जा रही है। लोगों से मोटी फीस वसूलकर झोलाछाप डाक्टर मेडिकल स्टोर के बगल के कमरे में मरीजों का इलाज करते हैं। सामान्य बुखार सहित अन्य बीमारी पर भी हजारों रुपए की दवाइयां दे दी जाती है। कई बार अज्ञानता के कारण हाई डोज की वजह से तबीयत ज्यादा खराब हो जाती है। इसके बाद परिजन मरीज को लेकर सामुदायिक और जिला अस्पताल ले जाते हैं। गांव में मेडिकल स्टोर के साथ अवैध कलीनिक भी चल रहे हैं। इनके पास न तो डाक्टर की योग्यता है और न ही कोई डिग्री
मेडिकल स्टोर के बगल में चलता है क्लीनिक
छोटी-मोटी बीमारी होने पर ग्रामीण इस अवैध क्लीनिक संचालक के पास पहुंचते है। यहां पर बीमारी के लक्षण देखकर पहले उन्हें डराया जाता है और इसके बाद उनके इलाज के लिए जांच कर दवाइयां दी जाती है। मेडिकल स्टोर के बगल में अवैध क्लीनिक खोल रखा है। जहां वह मरीजों को ग्लुकोज चढ़ाता है और इंजेक्शन लगाता है।
कई बार शिकायत फिर भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि झोलाछाप डाक्टर का एक रिश्तेदार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बम्हनीडीह में पदस्थ है। इसके चलते वे ग्राम कपिस्दा में मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं। इस अवैध प्रेक्टिसनर के खिलाफ कई बार आनलाइन व आफलाइन शिकायतें चिकित्सा विभाग को गई है। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रूपए के लालच में ये आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इनके खिलापु सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
142लीटर महुआ शराब और4525किलोग्राम महुआ लाहान बरामद)* आबकारी वृत मस्तूरी तख़तपुर सीपत बिल्हा में अवैध कच्ची शराब विक्रेताओं पर कार्यवाही* —////——–////———////——–////—— कलेक्टर बिलासपुर श्री सौरभ कुमार के निर्देशन तथा उपायुक्त आबकारी जिला बिलासपुर श्रीमती नीतू नोतानी ठाकुर के मार्गदर्शन में दिनाँक15,16,17/02/23 को आबकारी बिलासपुर द्वारा कच्ची शराब के अवैध विक्रेताओं पर कार्यवाही किये जाकर हजारों किलोग्राम लाहान एवं कच्ची शराब बरामद किए गए। 1. कायम प्रकरण – 08 2.जप्त मदिरा – 142लीटर महुआ शराब एवं 4525किलोग्राम लाहान बरामद 3.गिरफ्तार आरोपी- 05 4.गैरजमानतीप्रकरण-07(1)संतोष लहरे ग्रामरिसदा से09 लीटर महुआ शराब एवं300 किलोग्राम लाहान (2)अज्ञात लीलागर नदी के तट पर ग्राम रिसदा मस्तूरी से 40लीटर महुआ शराबएवं700किलोग्राम लाहानएवं300 किलोग्राम लाहान* (3)अज्ञात तालाब के किनारे ग्राम रिसदा मस्तूरी से 45लीटर महुआ शराब एवं 900किलोग्राम लाहान (4)ग्राम चकरभाठामें एक लावारिस प्रकरण ,25लीटर कच्ची शराब2100किलोग्राम लाहान (5) अरुण वर्मा निवासी हरदी कला थाना चकरभाठा से7लीटर महुआ शराबएवं150किलोग्राम लाहान (6)परमेश्वर सूर्यवंशी सीपतसे7लीटर महुआ शराब (7)नरेश मरकाम साकिन सलखा थाना सीपत से06लीटर महुआ शराब आबकारी अधिनियम की धारा34(1)क,च34(2)59क का प्रकरण दर्ज कियाआरोपियों को जेल निरुद्ध किया गया। *(5)जमानतीय प्रकरण-(1) सौखी साहू उम्र 45वर्ष सा.लाखासर तख़तपुर से3ली.एवं 375किलोग्राम आब.अधि. 34(1)क,च दर्ज।टीम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी कल्पना राठौर द्वारा वृत्त तख़तपुर में सहायक जिला आबकारी अधिकारी आनंद वर्मा, आबकारी उप निरीक्षक प्रदीप वर्मा, रमेश दुबे,मेघा साहू द्वारा बिल्हा में,प्रदीप वर्मा द्वारा वृत सीपत में, दीपक सिंग ठाकुर द्वारावृत मस्तूरी एवं स्टाफआबकारी आरक्षक अनिल तिवारी, शुभम, उपेंद्र सिंह, सुधीर मिश्रा, राजेश यादव, सुभाष तिवारी, कमलेश सिंह ड्राइवर जलेश सिंह, जितेंद्र शर्मासहित कार्यवाही की गई।
किशोरों को अपराध के दलदल में धकेलने की अदृश्य फैक्ट्री…!
जिला जांजगीर के अभिभावकों को जागरूक रहने की आवश्यकता है । उनके युवा होते बेटे किसी की नजर में है । 90 के दशक में एंग्री यंग मैन वाली फिल्मों में अक्सर इस तरह की कहानी हुआ करती थी और वह कहानी आज जांजगीर में दोहराई जा रही है । जिला जांजगीर में रहने वाले अमित ( बदला हुआ नाम ) पहले एक अच्छे परिवार का युवा था । अच्छे परिवार से ताल्लुक रखने वाला अमित थोड़ा लापरवाह और कुछ बेपरवाह था अपनी लापरवाही और बेपरवाही में उसकी दोस्ती कुछ ऐसे लोग ऐसे लोगों से हुई जो कानून तोड़ने और कानून का मजाक बनाने में विश्वास करते थे और निश्चित रूप से ऐसे लोग गलत काम भी किया करते थे उनकी संगत में आकर अमित को भी कानून के खिलाफ जाकर काम करना हिम्मत और बहादूरी का काम लगता था । जब अमित नो एंट्री में घुस कर नियम तोड़ते हुए पुलिस अधिकारियों को धता बताकर निकल जाता उसके गिरोह के दोस्त दांतों तले उंगली दबा लेते थे और अमित की बहादुरी और हिम्मत को सराहते थे । ऐसे में अमित को खुद में खुद को एक विद्रोही हीरो की तरह महसूस करता था जो किसी नियम कानून को नहीं मानता । ऐसे लोगों की संगत में रहकर और उनके द्वारा ही ऐसे कामों में प्रोत्साहन और लोगों का अमित के काम को देखकर आश्चर्य से भर जाना अमित को उकसाता था कुछ दिनों बाद अमित ने ऐसे काम करना शुरू कर दिया जो कानून की नजर में अपराध था लेकिन अमित उसे कर रहा था अपनी हिम्मत और ताकत दिखाने के लिए और जैसा कि होना था वह एक दिन पुलिस से पकड़ा जाता है लेकिन अब उसके वहीं दोस्त जिन्होंने उसे इन कामों को करने पर हिम्मत बढ़ाई थी वह उससे मुंह नहीं फेरते बल्कि उसे पुलिस से छुड़ा लेते हैं । अब अमित की दोस्ती उन लोगों से और बढ़ जाती हैं और अमित अपने उन दोस्तों पर विश्वास करना शुरू कर देता है कि ये दोस्त सच्चे हैं और घरवाले मतलबी जिन्होंने उसे छुड़ाने की कोशिश नहीं की केवल उसे ही फटकारते रहे । कुछ दिन शांत रहने के बाद अमित फिर ऐसे ही कानून विरोधी काम करता है और पकड़ा जाता है यहां फिर उसके वहीं दोस्त काम आते हैं । यह क्रम चार से पांच बार चलता है और अब अमित पूरी तरह उनका अहसान मंद हो चुका है और वो अपने दोस्तो पर पूरी तरह विश्वास करने लगा है साथ ही गलत काम करने के एवज में कम उम्र में ही हाथ में रुपए आना अमित को इस गिरोह से पूरी तरह बांध देता है । यहां अमित के घरवालों का कहना था कि जब वे अमित के लिए मदद मांगने लोगों से मिले अप्रत्याशित रूप से उनकी मदद के लिए हां बोलकर लोग पलट गये और घरवाले अमित की मदद नहीं कर पाये और अमित की मदद उसके दोस्तों ने की और अमित परिवार वालों से दूर से बहुत दू्र होता गया । अब इधर अमित को उसके दोस्तों के गिरोह ने कुछ ऐसे काम करने कहा जिससे वो सीधे-सीधे कानून और समाज की नजर में अपराधी सिद्ध हो जाता लेकिन अमित न चाहते हुए भी अपने दोस्तों की बात माननी थी क्योंकि दोस्तों के अहसान से दबा था और साथ ही अमित को यह भी आश्वासन मिला कि उसे पुलिस से बचाया जायेगा और सच में पुलिस से बचाया गया लेकिन उसके एवज में परिवार पूरी तरह छूट गया ,
समाज की नजरों में अपराधी हो गया और उस गिरोह के मुखिया या बास जो अब अमित के सामने खुलकर आ चुका था और वहीं उसे सीधे बात करता था , उसकी बात मानने के सिवाय कोई चारा नहीं था कुल मिलाकर अमित उनकी हाथों का खिलौना बन गया था और उससे हर वह आपराधिक कार्य कराये जा रहे थे जो कानून समाज की नजर में ग़लत था । एक दिन ऐसा भी आता है कि अमित से ऐसा काम कराया जाता है जिसकी कानून की नजर में कोई माफी नहीं थी और अब अमित की आजादी उसके दोस्तों के लिए बहुत महंगी हो गई थी इसलिए आज अमित जेल में हैं और उस गिरोह को उसके जैसे कई अमित मिल चुके हैं जो रुपयों की जरूरत , या अमित जैसे विद्रोही हीरो जैसी भावना , या् तंत्र की चक्की में बेमतलब पिसे और तंत्र से धोखा खाये युवक उसके लिए काम कर रहे हैं लेकिन इनमें सामान्य बात यह है कि इन सभी युवाओं को चाहे वह मध्यम वर्गीय परिवार से हो या निम्न वर्ग से सभी को एक ही तरीके से इस गिरोह में योजना के तहत शामिल किया गया है । इन सभी युवाओं को पहले गलत काम के लिए उकसाया गया , उन्हें पुलिस से कई बार बचाया गया और की बार मदद के एहसान तले दबे इन युवाओं को कानून विरोधी काम करने दबाव बनाया गया और अंत में या तो वे मार दिए गए या उन्हें जेल जाना पड़ा इसलिए जांजगीर के अभिभावकों को अपने युवा होते पुत्रो पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है खासकर उन युवाओं पर जिनमें थोड़ी भी प्रतिभा के साथ तंत्र से भिड़ जाने की क्षमता या बागी प्रवृत्ति है ऐसे युवाओं को पहले तो छोटे-मोटे अपराधों में राजनैतिक संरक्षण देकर विश्वास हासिल किया जाता है फिर अपराधी का ठप्पा लगने के बाद इन्हें कभी भू-माफिया के गुर्गे के तौर पर लोगों को धमकाने , मार-पीट करने भेजा जाता है और कभी अपने राजनीतिक फायदे के लिए जिस तरह चाहे इस्तेमाल किया जाता है इसलिए जांजगीर के साथ आसपास के अभिभावकों को अपने युवा पुत्रो की गतिविधियां पर नजर रखने की बहुत जरूरत है और साथ ही इस विषय में सच्चाई पता कर कुछ इस तरह की व्यवस्था अभिभावक और पुलिस प्रशासन मिलकर बनाये कि इनके घटिया इरादे किसी युवा का सुनहरा भविष्य बर्बाद न कर सके और उनके कुत्सित इरादे पर पानी फिर जाये ।
Sukma Naxalites Surrender News: लाल आतंक का रास्ता छोड़ा, छत्तीसगढ़ के इस जिले में मुख्यधारा से जुड़े 33 नक्सली…! छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा से बड़ी खबर सामने आई है. यहां आयोजित एक सार्वजनिक सभा में एक साथ 33 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया. इनमें से कई इनामी नक्सली भी शामिल हैं. नक्सलियों ने एसपी की उपस्थिति में आत्मसर्मपण कर दिया. सुकमा के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने बताया कि जिले के डब्बामरका कैंप में मंगलवार को आयोजित ‘जन दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान नक्सलियों ने पुलिस के सामने आकर सरेंडर कर दिया. पुलिस का दावा है कि नक्सलियों पर पुलिस कैंपों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है.
मुख्यधारा में शामिल होने के लिए डाल दिए हथियार
आत्म सरेंडर करने वालों में दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष दिरदो मुदा, चेतना नाट्य मंडली (नक्सल के सांस्कृतिक संगठन) के अध्यक्ष हिड़मा और मिलिशिया कमांडर वाजम हिड़मा शामिल हैं. इन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था. उन्होंने कहा कि वे अपने प्रतिबंधित संगठन की “खोखली विचारधारा” से निराश थे और उन्होंने मुख्यधारा में शामिल होने के लिए हथियार डाल दिए.
कैंप खुलने का दिख रहा है असर
पुलिस के एख अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कथित तौर पर सुकमा जिले के किस्ताराम इलाके में पूर्व में कई घटनाओं में शामिल थे. लेकिन उन्होंने मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा जताई और सरेंडर कर दिया. जिले के एसपी ने बताया कि जिले में नवीन कैंपों की स्थापना का ग्रामीणों पर अनुकूल प्रभाव पड़ रहा है. इन कैंपों की स्थापना के बाद विकास के कार्यों से प्रभावित होकर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं. स्थानीय डब्बामरका में कैंप खुलने के तीसरे दिन ही पुलिस का प्रभाव सामने आया है. पुलिस का कहना है कि हालांकि ग्रामीण इन कैंपों का विरोध करते रहे हैं लेकिन इसका सकारात्मक रूप भी सामने आया है.