Category: अपराध

  • एक करोड़ से लेकर दस लाख तक के ईनामी नक्सली:75 नक्सलियों पर नये सिरे से ईनाम की घोषणा, देखें पूरी लिस्ट कौन नक्सली कितना ईनामी……!

    एक करोड़ से लेकर दस लाख तक के ईनामी नक्सली:75 नक्सलियों पर नये सिरे से ईनाम की घोषणा, देखें पूरी लिस्ट कौन नक्सली कितना ईनामी……!

    Naxalite Updatated Prize: मिसिर बेसरा पर एक करोड़ का इनाम, नक्सली पर नकेल कसने के लिए नए सिरे से की गई घोषणा, यहां देखें पूरी लिस्ट….!
    झारखंड में 75 नक्सलियों के ईनाम का ऐलान नये सिरे से किया गया है। यह खूंखार नक्सली जिनकी तलाश सुरक्षा बलों को लंबे समय से है। किसी भी तरह राज्य सरकार इन नक्सलियों को सलाखों के पीछे बंद करना चाहती है। यही वजह है कि ईनाम की राशि नये सिरे से तय की गयी है।

    नक्सलियों को पकड़ने की रणनीति तैयार
    झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज है। कई इलाकों से नक्सलियों को खदेड़ कर उन्हें सीमित क्षेत्र में रखा गया है। राज्य सरकार ने अब नक्सलियों को पकड़ने की रणनीति और तेज कर दी है। झारखंड में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भाकपा माओवादी, पीएलएफआई, टीपीसी, जेजेएमपी के शीर्ष 75 फरार उग्रवादियों के खिलाफ सरकार ने नये सिरे से ईनाम का ऐलान किया है।

    एक करोड़ के ईनामी नक्सली
    राज्य सरकार ने नए सिरे से भाकपा के तीन माओवादियों पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, सेंट्रल कमिटी मेंबर असीम मंडल उर्फ तिमिर व पतिराम मांझी उर्फ अनल दा पर एक करोड़ का इनाम रखा है। इनामी उग्रवादियों की सूची में पीएलएफआई के जोनल कमांडर तिलकेश्वर गोप का भी नाम शामिल है। गृह विभाग ने तिलकेश्वर पर 10 लाख का इनाम घोषित कर दिया है। इसी साल जनवरी में उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है। वर्तमान में वह जेल में बंद है।

    25 लाख ईनामी नक्सली
    पीएलएफआई सुप्रीमो समेत छह सैक कमांडरों पर 25 लाख का इनाम घोषित किया गया है। पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप पर अब 25 लाख का इनाम है। माओवादियों के सैक कमांडर करमचंद हांसदा उर्फ चमन, लालचंद्र हेंब्रम उर्फ अनमोल दा, रघुनाथ हेंब्रम उर्फ निर्भय जी, अजीत उरांव उर्फ चार्लिस उरांव, अजय महतो उर्फ टाइगर पर 25 लाख का इनाम है।

    15 लाख ईनामी नक्सली
    15 लाख ईनामी नक्सलियों में माओवादी कुंबा मुर्मू उर्फ मोछू, संजय महतो उर्फ वासुदेव, सर्वजीत यादव उर्फ नवीन, छोटू खेरवार, पीएलएफआई के मार्टिन केरकेट्टा, टीपीसी के आक्रमण गंझू, भाकपा माओवादी कृष्णा हांसदा, रामप्रसाद मार्डी, नितेश यादव, रवींद्र गंझू, अमित मुंडा, बेला सरकार, गणेश भारती पर 15 लाख का इनाम घोषित किया है।

    माओवादी एरिया कमांडर लाजीम अंसारी, पंकज कोरवा, कुंवर मांझी, बिरेन सिंह, पीएलएफआई के बलराम लोहरा, सागेन अंगरिया, टीपीसी के करीम जी पर दो लाख का इनाम घोषित है। जेजेएमपी के फिरोज अंसारी, ललिंद्र महतो, टीपीसी के विरेंद्र गंझू, संतोष गंझू, सहेंद्र यादव, पीएलएफआई के सुखराम गुडिया, सामुएल बुढ़, माओवादी कैडर मेरिना सिरका, पांचा उरांव, मीता उर्प नयनतारा, लक्ष्मण राय पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है।

    10 लाख ईनामी नक्सलियों के नाम
    तिलकेश्वर गोप पर 10 लाख का इनाम है साथ ही टीपीसी के शशिकांत उर्फ आरिफ जी, माओवादी जोनल कमेटी सदस्य रामदयाल महतो, मृत्युंजय जी, मुनेश्वर गंझू, अरविंद भुइयां उर्फ मुखिया जी, जेजेएमपी के पप्पू लोहरा, माओवादी मनोहर गंझू, नीरज सिंह खेरवार, साहिबराम मांझी, विवेक यादव, सीताराम रजवार उर्फ रमन जी, चंदन सिंह खेरवार, गोदराय यादव, अभिजीत यादव पर पांच लाख का इनाम घोषित हुआ है।

    भाकपा माओवादी के सबजोनल कमांउर रंथू उरांव, अघनू गंझू, गुलशन सिंह मुंडा, प्रदीप सिंह खेरवार, सहदेव महतो, संतोष भुइयां, सहदेव यादव, ननकुरिया उर्फ नंदकिशोर यादव, दशरथ उरांव, बीरबल उरांव, रवींद्र यादव, शीतल मोची, चंद्रभान पाहन, लवलेश गंझू, अजय यादव, जयंति उर्फ रेखा, खुदी मुंडा, प्रभात मुंडा, प्रभात गंझू, गोविंद बिजरिया।

  • अब छत्तीसगढ़ में होगा नार्को टेस्ट: गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा- दुर्ग में बनेगा फोरेंसिक साइंस कॉलेज….!

    अब छत्तीसगढ़ में होगा नार्को टेस्ट: गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा- दुर्ग में बनेगा फोरेंसिक साइंस कॉलेज….!

    अब छत्तीसगढ़ में होगा नार्को टेस्ट: गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा- दुर्ग में बनेगा फोरेंसिक साइंस कॉलेज….!
    बड़े अपराधों में इस्तेमाल किए जाने वाले नार्को टेस्ट के लिए अब देश के बड़े राज्यों में नंबर नहीं लगाना पड़ेगा। दूसरे राज्यों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नार्को टेस्ट के लिए छत्तीसगढ़ अब आत्मनिर्भर बन गया है। राज्य सरकार ने नार्को टेस्ट के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। रायपुर एम्स के साथ मिलकर इसके लिए जरूरी मशीनें भी मंगा ली गई हैं । ये जानकारी छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने विधानसभा में दी है। 

    प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधियों पर लगाम कसने के लिए लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है। दूसरे राज्यों में जाकर टेस्ट कराने की वजह से जांच में देरी होती थी पर अब नार्को टेस्ट में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर बन चुका है। बढ़ते हुए साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए सभी पांच रेंज मुख्यालयों में साइबर थानों की स्थापना की जा रही है।

    28  जिलों में डायल 112 की सुविधा
    उन्होंने बताय कि बढ़ते अपराध पर लगाम लगे इसके लिए दुर्ग में फारेंसिंक साइंस लेबोरेट्री कॉलेज की स्थापना भी की जाएगी। वर्तमान में प्रदेश के 11 जिलों में डायल 112 की सुविधा थी, जिसमें अब 17 अन्य जिलों को भी शामिल कर लिया गया है। इस तरह से अब डायल 112 की सुविधा 28 जिलों में होगी। 

    क्या होता है नार्को टेस्ट?
    नार्को-एनालाइसिस टेस्ट को ही नार्को टेस्ट कहा जाता है। आपराधिक केस की जांच-पड़ताल के लिए इस परीक्षण से मदद ली जाती है। हालांकि इस टेस्ट की सफलता-वैधता पर हमेशा से ही सवाल उठते रहे हैं। वहीं कोर्ट इसको मान्य नहीं करता है। एनसीबीआई के मुताबिक,नार्को टेस्ट एक डिसेप्शन डिटेक्शन टेस्ट है, जिस कैटेगरी में पॉलीग्राफ और ब्रेन-मैपिंग टेस्ट भी आते हैं। इसमें अपराध से जुड़ी सच्चाई और सबूतों को ढूंढने में नार्को परीक्षण काफी मददगार साबित होता है। यह टेस्ट व्यक्ति को सम्मोहन की स्थिति में ले जाता है, जहां उसका चेतन मन कमजोर  हो जाता है और वह जानकारी देने से पहले सोचने-समझने की स्थिति में नहीं रहता। न्यायालय में नार्को टेस्ट की रिपोर्ट मान्य नहीं है, लेकिन जांच एजेंसियां थर्ड टॉर्चर के मानवीय विकल्प के रूप में इसके लिए अनुमति लेती हैं।

  • Bastar News: बस्तर के मजदूरों को आंध्र प्रदेश में ठेकेदार ने बनाया बंधक, मौका देखकर भागे मजदूर ने सुनाई आपबीती…!

    Bastar News: बस्तर के मजदूरों को आंध्र प्रदेश में ठेकेदार ने बनाया बंधक, मौका देखकर भागे मजदूर ने सुनाई आपबीती…!

    रिपोर्टर सतेन्द्र सिंह

    Bastar news” 11 मजदूरों को ठेकेदार ने बनाया बंधक… न पैसे दे रहा और न घर जाने दे रहा, चंगुल से भागकर आए युवक ने बताई आपबीती…!

    छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में बस्तर के 11 मजदूरों को बंधक बना लिया गया है। इनमें से बस्तर जिले के 5 और बीजापुर जिले के 6 मजदूर शामिल हैं। बंधक बनाए गए मजदूरों से उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए हैं। साथ ही उनकी पिटाई भी की जा रही है। न तो उन्हें खाना दिया जा रहा है और न ही पैसे दिए जा रहे हैं। घर आने की कहते तो ठेकेदार उन्हें प्रताड़ित करने लगता है। दरअसल, ठेकेदार के चंगुल से भागकर आए एक मजदूर ने आपबीती बताई है। ठेकेदार के चंगुल से साथियों को छुड़वाने के लिए कलेक्टर से गुहार लगाई है।

    मजदूर का नाम सुखराम कमेटे है, जो बस्तर जिले का रहने वाला है। इसने बताया कि, कुछ दिन पहले बस्तर और बीजापुर जिले के 11 से ज्यादा ग्रामीण मजदूरी का काम करने के लिए आंध्र प्रदेश जा रहे थे। भद्राचलम में उन्हें एक एजेंट मिला। जो सभी को गुमराह कर अपने साथ विजयानगरम में एक ठेकेदार के पास लाया। फिर उन्हें वहीं छोड़कर खुद कहीं चला गया। ठेकेदार एक बिल्डिंग बनाने के काम में सभी मजदूरों को लगा रखा था। दिनभर काम करवाता था। समय से न तो खाना मिलता था और न ही पैसे दिए जा रहे थे।

    घर जाने कहा तो बनाया बंधक
    फिर एक दिन सभी मजदूर काम छोड़कर घर लौटने का इरादा बनाए। ठेकेदार से मजदूरी मांगी और घर जाने की बात कही गई। लेकिन ठेकेदार ने घर जाने से मना कर दिया। सभी मजदूरों से उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए। मजदूरों को बंधक बना लिया गया। डेरा से किसी को भी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। सुखराम ने बताया कि, हम सभी में से किसी एक का बाहर निकलना जरूरी था। ताकि इस मामले की जानकारी घर वालों को दी जा सके। जिसके बाद सभी ने प्लान किया और मुझे बाहर भेजने की योजना बनाई।

    कलेक्टर से गुहार लगाई गई है
    सुखराम ने बताया कि, एक दिन रात के अंधेरे में मैं किसी तरह वहां से भाग निकला। जंगल के रास्ते होते हुए शहर तक आया। फिर लिफ्ट मांगकर भद्राचलम तक पहुंचा। जिसके बाद वहां से फिर अपने घर बस्तर आकर घर वालों को पूरी जानकारी दी। अब गांव के ग्रामीणों के साथ मिलकर बाकि लोगों को ठेकेदार के चंगुल से छुड़वाने कलेक्टर से गुहार लगाई है। इधर, अफसरों का कहना है कि, जल्द ही एक टीम बनाकर विजयानगरम भेजी जाएगी। बंधक बनाए गए मजदूरों को छुड़वाया जाएगा।

    पहले भी आ चुके हैं इस तरह के मामले
    बस्तर से पलायन कर अन्य राज्य में मजदूरी करने गए मजदूरों को बंधक बनाए जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ महीने पहले तमिलनाडु में बंधक बनाए गए मजदूरों को प्रशासन की एक टीम ने छुड़वाकर लाया था। इसके अलावा हैदराबाद में भी एक प्राइवेट कंपनी में बस्तर के 24 मजदूरों को बंधक बनाया गया था उन्हें भी प्रशासन की टीम ने छुड़ाकर लाया था।

  • Bilaspur news “महिला को न्याय दिलाने यादव समाज ने घेरा एसपी दफ्तर:रसूखदार परिवार के ड्राइवर की मौत पर हंगामा, कहा- मारपीट हुई है तो हत्या का केस क्यों नहीं….!

    Bilaspur news “महिला को न्याय दिलाने यादव समाज ने घेरा एसपी दफ्तर:रसूखदार परिवार के ड्राइवर की मौत पर हंगामा, कहा- मारपीट हुई है तो हत्या का केस क्यों नहीं….!

    महिला को न्याय दिलाने यादव समाज ने घेरा एसपी दफ्तर:रसूखदार परिवार के ड्राइवर की मौत पर हंगामा, कहा- मारपीट हुई है तो हत्या का केस क्यों नहीं….!

    बिलासपुर में रसूखदार परिवार के ड्राइवर की मौत की जांच को लेकर आक्रोश भड़क गया है। मंगलवार को यादव समाज के लोगों ने विधवा महिला को न्याय दिलाने एसपी दफ्तर का घेराव कर जमकर हंगामा मचाया। और हत्या का अपराध दर्ज कर मुआवजा राशि दिलाने की मांग की। पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
    तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मोछ निवासी केजू उर्फ गोवर्धन यादव (30) सरकंडा के जोरापारा में किराये के मकान में रहता था। वह बरसय्या ट्रेडर्स के यहां ड्राइवर का काम करता था। बीते 5 फरवरी को बरसय्या परिवार के यहां पार्टी थी। उसी रात करीब 10 बजे अमेरी चौक में केजऊ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसकी लाश खून से लथपथ मिली थी। उसके शरीर में चोंट व खरोंच के निशान थे। लेकिन, पुलिस ने उसकी मौत को हादसा बता दिया था। इस पर उसकी पत्नी ने हत्या होने की आशंका जताई है। लेकिन, इसके बाद भी पुलिस ने दुघर्टना में लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया है।

    महिला बोली- पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं, न्यायिक जांच हो
    मृतक ड्राइवर केजऊ राम यादव की पत्नी मीनाक्षी यादव का कहना है कि उसके पति के साथ मारपीट की घटना हुई है, जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई है। पुलिस भी मान रही है कि उसके साथ मारपीट हुई है तो इसके बाद भी हत्या का अपराध दर्ज क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने इस केस की न्यायिक जांच कर हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।

    समाज के लोगों ने कहा- महिला को दी जाए मुआवजा राशि
    यादव समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि इस गंभीर मामले की जांच में शुरू से ही पुलिस की भूमिका संदिग्ध रहा है। जांच में लीपापोती कर रसूखदार अपराधियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजने और ड्राइवर की विधवा पत्नी को मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है।

    पांच लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया है केस
    सिविल लाइन सीएसपी संदीप पटेल का कहना है कि, इस केस की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई थी। 10 बिंदुओं पर जांच की रिपोर्ट एसपी को सौंपा गया है। जिसके आधार पर केजऊ की मौत को संदि मानते हुए 304 ए और असॉल्ट इन नेचर को देखते हुए 325 के तहत स्वप्निल गुप्ता, सौरभ शिन्दे, सुयश केडिया और शोभा मधुकर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। साथ ही कहा है कि पुलिस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद और खुलासे करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • Bijapur news” माओवादियों ने रेत परिवहन कर रहे वाहनों में की आगजनी. 2 टिप्पर और 2 ट्रैक्टर को किया आग के हवाले….!

    Bijapur news” माओवादियों ने रेत परिवहन कर रहे वाहनों में की आगजनी. 2 टिप्पर और 2 ट्रैक्टर को किया आग के हवाले….!

    रिपोर्टर सिरोज विश्वकर्मा

    Breaking news माओवादियों ने रेत परिवहन कर रहे वाहनों में की आगजनी. 2 टिप्पर और 2 ट्रैक्टर को किया आग के हवाले….!

    बीजापुर@ माओवादियों ने रेत परिवहन कर रहे वाहनों में की आगजनी. 2 टिप्पर और 2 ट्रैक्टर को किया आग के हवाले. वाहन चालक और मजदूरों के सुरक्षित होने की मिल रही खबर. नैमेड थानाक्षेत्र के कोडेपाल से होकर बहने वाले नाले के नजदीक दिया वारदात को अंजाम. विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर. घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं.

  • चारामा के ग्राम चावड़ी में मिली जलती हुई कार की गुत्थी सुलझी, कांकेर पुलिस को मिली बड़ी सफलता…!

    चारामा के ग्राम चावड़ी में मिली जलती हुई कार की गुत्थी सुलझी, कांकेर पुलिस को मिली बड़ी सफलता…!

    रिपोर्टर प्रमिला नेताम

    चारामा के ग्राम चावड़ी में मिली जलती हुई कार की गुत्थी सुलझी, कांकेर पुलिस को मिली बड़ी सफलता…!

    कांकेर। पुलिस अधीक्षक कांकेर शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश ठाकुर एव अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री मोहसिन खान के पर्यवेक्षण में जिला कांकेर पुलिस द्वारा थाना चारामा के ग्राम चावड़ी में मिले जलती हुई कार की गुत्थी को सुलझा लिया गया है चारों गुमशुदा व्यक्तियों को सकुशल बरामद कर लिया गया है  पुलिस ने बीमा की राशि गई साजिश का भी पर्दाफाश कर लिया है मामले का विवरण इस प्रकार है कि थाना चारामा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चावड़ी में दिनांक 01.03.2023 की रात्रि में चारामा कोरर मार्ग पर एक जलती हुई कार होने की सूचना मिली थी, उक्त सूचना पर थाना चारामा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची परंतु तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी, जिस संबंध में पतासाजी के दौरान दिनांक 02/03/23 की प्रातः उक्त जली हुई कार पखांजूर पिव्हि 42 निवासी बिपुल सिकदार के स्वामित्व का होना ज्ञात हुआ था, मौके पर कार स्वामी के पुत्र हर्षित सिकदार ने जली हुई कार की पहचान कर पुलिस को जानकारी दिया था कि उक्त कार  मारुति xl6 में पखांजूर पिव्हि 42 निवासी समीरन सिकदार पिता विपुल सिकदार उम्र  29 वर्ष,उसकी पत्नी जया सिकदार उम्र 26 वर्ष, अपने बेटे दीप सिकदार उम्र 9 वर्ष एवं पुत्री कृतिका सिकदार उम्र 4 वर्ष के साथ रायपुर इलाज हेतु  दिनांक 01/03/23 को गए हुए थे  जोकि अपने परिवार से मोबाइल फोन पर लगातार संपर्क में थे रायपुर से वापसी के दौरान धमतरी पहुंचकर उन्होंने अपने पिता एवं परिवार के लोगों को धमतरी में होटल में रात्रि भोजन कर पखांजूर हेतु कार से निकलने की बात भी बताई थी ग्राम चावड़ी में वही कार जली हुई अवस्था में मिली थी, परंतु कार सवार चारों व्यक्तियों का कोई पता नहीं था, पुलिस द्वारा उक्त जली हुई कार की जांच  मौके पर फॉरेंसिक टीम से  कराई गई कार की जांच में कोई मानव अवशेष होना नहीं पाया गया था,परंतु कार में 2 नग जले हुए मोबाइल मिले थे इससे यह आशंका थी कि कार सवार व्यक्तियों का अपहरण अथवा हत्या भी हो सकता है परिजन बार-बार इस बात की आशंका भी व्यक्त कर रहे थे, थाना चारामा में चारों लापता व्यक्तियों के संबंध में परिजनों की रिपोर्ट पर  चारों व्यक्तियों की गुमशुदगी की रिपोर्ट गुम इंसान क्रमांक11,12,13,14 दर्ज कर पता तलाश किया जा रहा था, पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री शलभ कुमार सिन्हा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुमशुदा व्यक्तियों की पतासाजी हेतु 5 पुलिस टीम गठित किया था पतासाजी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे, होटलों की चेकिंग के दौरान पुलिस को जानकारी 00प्राप्त हुई कि धमतरी स्थित आशियाना लाज में उक्त लापता परिवार दिनांक 01.03.2023 की रात्रि में रुका हुआ था, तथा पुलिस को गुमशुदा व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों के कॉल रिकॉर्ड की तस्दीक करने पर ज्ञात हुआ की गुमशुदा हुए समिरन सिकदार ने रायपुर स्थित अजय फोटो स्टूडियो में अपने 93 फोटो प्रिंट कराने हेतु दिए थे, जिसे दिनांक 02.03.2023 को समीरन सिकदार फोटो को ले जा चुका था, जानकारी होने पर पुलिस आश्वस्त थी कि चारों व्यक्ति का अपहरण नहीं हुआ है और वे स्वयं से ही छिप रहे हैं उक्त संबंध में पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार पतासाजी कर रही थी जांच के दौरान पुलिस टीमों द्वारा पखांजूर से रायपुर तक सेल आईडी के टावर डंप में 900000 से अधिक मोबाइल नंबरों का साइबर सेल द्वारा विश्लेषण कर 45000 मोबाइल नंबरों को शॉर्टलिस्ट कर तस्दीक किया जा रहा था तथा पखांजूर से रायपुर के मध्य लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए 300 से अधिक होटलों की चेकिंग की गई, रेलवे स्टेशन बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, एयरपोर्ट की जांच की गई, पुलिस परिजनों एवं समीरन सीकदार के व्यवसाय से जुड़े लोगों से भी लगातार पूछताछ कर रही थी तभी दिनांक 13/03/23 की रात्रि में गुमशुदा हुए समीरन सिकदार ने अपने फार्म हाउस के वर्करों के माध्यम से मोबाइल पर पुलिस से संपर्क कर अपने को परिवार सहित पीवी 42 में पहुंचने की बात बताई तब पुलिस द्वारा तत्काल अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया पूछताछ में समीरन सिकदार एवं उसकी पत्नी जया सिकदर ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिनों से व्यापार में नुकसान होने से वह परेशान थे इसी दौरान उन्होंने पूरे परिवार का इंश्योरेंस भी कराया था  बीमा पॉलिसी के अनुसार मृत्यु होने पर 72 लाख रुपया के भुगतान का प्रावधान था इसी लालच में पति ने योजना बनाई थी कि कार को जला देंगे और पत्नी जया को गुमराह कर  गायब हो जाएंगे जिससे लोग उसे कार में जलकर मृत होना समझ जाएंगे और बीमा कंपनी 72 लाख रुपया भुगतान कर देगी जिससे व्यापार में नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी और पखांजूर से दूर किसी दूसरे स्थान पर  नए तरीके से अपना जीवन यापन करेंगा। योजना के अनुसार समिरन सिकदार ने पत्नी जया सिकदार अपने दोनों बच्चों के साथ रायपुर आने के दौरान धमतरी आशियाना लॉज में रुका वहां से रात्रि भोजन कर समीरन सिकदार ने अपनी पत्नी जया एवं बच्चों को लाज में छोड़कर कार को लेकर  चारामा पहुंचा चारामा में पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा और चारामा कोरर मार्ग पर ग्राम चावड़ी पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से पूर्व से निर्धारित स्थल पर कार को पेड़ से टकरा कर खड़ा कर दिया और पेट्रोल छिड़ककर माचिस से आग लगा दिया और पैदल खेत जंगल के रास्ते चारामा पहुंचा चरमा से बस में सवार होकर धमतरी पहुंचा और अपने परिवार को होटल आशियाना लॉज से लेकर रायपुर चला गया रायपुर में अजय फोटो स्टूडियो से फोटो लिया और बस में सवार होकर इलाहाबाद चला गया इलाहाबाद में 1 दिन रुका और दूसरे दिन ट्रेन में सवार होकर पटना गया पटना में मोबाइल तथा दूसरे के नाम का चालू मोबाइल नंबर खरीदा और अपने मोबाइल पर दैनिक  मोबाइल ऐप डाउनलोड कर खबरों को देखा तो उसे ज्ञात हुआ कि उसकी स्वयं को परिवार सहित जलकर मर जाने और मृत्यु उपरांत बीमा की रकम ले लेने की योजना विफल हो गई है वह धमतरी के लॉज तथा फोटो स्टूडियो में लोकेट हो गया हैं जिससे पुलिस को चारों गुमशुदा का जानबूझकर लापता होने का षड्यंत्र करना ज्ञात हो गया है तब वह  पुलिस से बचने के लिए पटना से, गुवाहाटी  चला गया होटल में रुका रहा वह न्यूज़ एप लगातार  कांकेर की खबरें देख रहा था उसे अंदेशा हो गया था कि वह बहुत जल्दी पुलिस के गिरफ्त में आ जाएगा सजा के भय से वह गुवाहाटी से संबलपुर आ गया संबलपुर से प्राइवेट टैक्सी में पखांजूर पिव्हि 42 पहुंचा और अपने  फार्म हाउस के वर्करों के माध्यम से पुलिस से फोन पर संपर्क किया । पुलिस ने चारों गुमशुदा को पीवी 42  से बरामद किया गया गया है। सिमरन सीकदार के कब्जे से 504000 नगदी रकम मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। सम्पूर्ण जांच  पर  समीरन सिकदार के   द्वारा धारा 435,427,120,420,511 भादवि के अंतर्गत अपराध घटित करना पाए जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया सिमरन सीकदर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा जा रहा है । पुलिस प्रत्येक पहलू पर जांच कर रही है  गुमशुदा समीरन सीकदार से प्राप्त जानकारी के आधार पर रुके हुए स्थान एवं होटलों से संपर्क स्थापित कर तस्दीक किया जा रहा है। सहायता करने वाले लोगों की संलिप्तता प्रमाणित पाए जाने पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

  • छत्तीसगढ़: CRPF में नौकरी पाने का सुनहरा मौका, 400 आदिवासी युवकों की होगी भर्ती…!

    छत्तीसगढ़: CRPF में नौकरी पाने का सुनहरा मौका, 400 आदिवासी युवकों की होगी भर्ती…!

    Bastariya Battalion: बस्तर में सीआरपीएफ की ताकत बढ़ाने के लिए 400 आदिवासी युवकों की होगी भर्ती

    Bastariya Battalion: जगदलपुर। केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने विशेष भर्ती अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के अंदरूनी क्षेत्रों के 400 आदिवासी युवकों के एक नए समूह का चयन कर इनकी भर्ती बल में आरक्षक पद पर की जाएगी।

    दरिंदों ने पहले भाई को धमकी देकर भगाया, फिर युवती के साथ सूनसान जगह किया सामूहिक दुष्कर्म, पांच गिरफ्तार, दो फरार

    आदिवासी युवा अधिकतर ‘बस्तरिया बटालियन’ का हिस्सा होंगे, जिसका नाम छत्तीसगढ़ के तत्कालीन अविभाजित बस्तर जिले के नाम पर रखा गया था।

    सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने बताया कि सभी चयनित 400 आदिवासी युवकों के नियुक्ति प्रस्ताव जारी कर दिए गए हैं। केंद्र ने 2016 में ‘बस्तरिया बटालियन’ की स्थापना की घोषणा की थी। इसके तहत कर्मियों को बड़े पैमाने पर बस्तर क्षेत्र से लिया जाता है और उन्हें छत्तीसगढ़ में माओवादी विरोधी अभियानों को अंजाम देने का काम सौंपा गया है।

    एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सरकार ने आदिवासी पुरुषों और महिलाओं की भर्ती के लिए उन्हें वजन और लंबाई की श्रेणी में छूट दी है। इस तरह की बटालियन बनाने के पीछे नक्सलियों के विरुद्ध लड़ाई में सुरक्षा बल को मजबूती देना है।

    बदली युद्धनीति: सुरक्षा बलों की बढ़ती पैठ से कमजोर पड़े नक्‍सली अब छोटे हमलों में दर्ज करा रहे उपस्थिति

    छत्तीसगढ़ के जिन युवाओं को बल में भर्ती किया गया है, वे स्थानीय बोली जानते हैं। ये क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों से परिचित है। ये युवा नक्सलियों की गोपनीय जानकारी लेने में सक्षम होंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र के स्थानीय लोगों में सुरक्षा बल के लिए एक अच्छा संदेश जाएगा। इन्हें नक्सल प्रभावित क्षेत्र में काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

  • जानिए क्यों झारखंड से हुई छह कोबरा टीमों की वापसी, नक्सलियों के खिलाफ संभाल रखा था मोर्चा…!

    जानिए क्यों झारखंड से हुई छह कोबरा टीमों की वापसी, नक्सलियों के खिलाफ संभाल रखा था मोर्चा…!

    जानिए क्यों झारखंड से हुई छह कोबरा टीमों की वापसी, नक्सलियों के खिलाफ संभाल रखा था मोर्चा…!
    रांची : झारखंड में नक्सलियों का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. इधर, केंद्र सरकार झारखंड को नक्सली उग्रवाद से मुक्त करने का दावा कर रही है. सीआरपीएफ की नक्सल विरोधी यूनिट कोबरा को झारखंड से बाहर नक्सलियों का मुकाबला करने के लिए भेजा जाएगा.

    नक्सली इलाकों में टीम की होगी तैनाती
    आधिकारिक सूचना के अनुसार बदता दें कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल मुख्यालय की नई समीक्षा के बाद कोबरा की छह टीमें तेलंगाना और छत्तीसगढ़ भेजी जाएगी. साथ ही 3 टीमों को नई तैनाती योजना के अनुसार मार्च तक आगे बढ़ाया जाएगा. कोबरा फोर्स के कमांडरों का कहना है कि राज्य के जिन स्थानों पर नक्सली मौजूद है वहां टीम बुनियादी सुविधाओं के साथ ही तकनीकी वस्तुएं उन इलाकों में जाएगी, ताकि हर खतरे को खत्म किया जा सके. जानकारी के लिए बता दें कि कोबरा की टीमों को चेन्नापुरम, तिप्पापुरम और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तैनात किया जाएगा.

    एनएसजी को दी जा चुकी है ट्रेनिंग
    राष्ट्रीय सुरक्षा गार् (एनएसजी ) को नक्सल विरोधी बलों से जंगल युद्ध कीा ट्रेनिंग दी जा चुकी है. केंद्रीय एजेंसियों ने ड्रोन की मदद से कई प्रकार की कार्रवाई की है. अब एनएसजी के कमांडर भी नक्सल वाद को खत्म करे में सीआरपीएफ के जवानों का साथ देंगे. 

    झारखंड को कराया जाएगा नक्सल मुक्त
    सरकार करीब तीन दशक के बाद सुरक्षाबलों ने झारखंड के बुद्धा पहाड़ को नक्सलियों के वर्चस्व से मुक्त कराया है. सीआरपीएफ के पूर्व डीजी कुलदीप सिंह ने अनुसार बुद्ध पहाड़ एक नक्सल बहुल क्षेत्र था. उसको मुक्त करा दिया गया साथ ही हाल ही में एक एमआई-17 हेलिकॉप्टर भी सफलतापूर्वक वहां उतरे गए है, सीआरपीएफ ने वहां कैंप लगाए हुए है. अब सभी इलाके में और अधिक कोबरा टीमों को तैनात किया जाएगा.

  • CG news”कोंडागांव में नक्सलियों ने 6 ग्रामीणों का किया अपहरण.. एक की हत्या..

    CG news”कोंडागांव में नक्सलियों ने 6 ग्रामीणों का किया अपहरण.. एक की हत्या..

    Chhattisgarh: कोंडागांव में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर के शक में की एक ग्रामीण की हत्या, छह लोगों को किया था अगवा

    कोंडागांव जिले के पुगारपाल थाना इलाके के तुमड़ीपारा खासपारा गांव में रहने वाले छह ग्रामीणों को नक्सली बंधक बनाकर अपने साथ ले गए। चार ग्रामीणों को छोड़ दिया। दो ग्रामीणों को नक्सली अपने साथ जंगल ले गए, यहां से एक ग्रामीण किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला, लेकिन नक्सलियों ने एक ग्रामीण की हत्या कर दी। 

    पुगारपाल थाना प्रभारी रामजी तारम के अनुसार, शनिवार की शाम को थाना से करीब छह किमी दूर तुमड़ीपाल खासपारा में जात्रा चल रहा था, जिसमें गांव के लोग शामिल होने के लिए गए हुए थे, इसी दौरान करीब पांच बजे वर्दीधारी नक्सली जात्रा में पहुंचे। 

    नक्सलियों के पास हथियार थे। नक्सली मौके से बारहमासी नाग, सोनार यादव, गणेश के अलावा अन्य तीन लोगों को अपने साथ जंगल में ले गए, जहां से चार लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि नक्सली अपने साथ सोनार और बारहमासी को जंगल की तरफ ले गए, लेकिन सोनार नक्सलियों को चकमा देकर वहां से भाग निकला। 

    नक्सली बारहमासी को अपने साथ ले गए, रात करीब एक बजे ग्रामीण को डंडे से पिटाई करने के साथ ही गला दबाकर हत्या कर दी। रात को ही नक्सलियों ने मृतक के परिजनों को सूचना दी और शव को परिजनों को सौंप दिया। 
     
    कुछ पर्चा भी दिया है। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी रात में ही पुलिस को दे दी। पुलिस का कहना है की नक्सलियों ने ग्रामीण की हत्या क्यों की है, इस बात की जांच की जा रही है।

    कुछ लोगों का कहना था कि नक्सलियों द्वारा ग्रामीण को पुलिस मुखबिर माना जा रहा था, जिसके चलते शायद ग्रामीण की हत्या की गई है। इस घटना के बाद से गांव और परिवार में दहशत है।

  • रतनपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहन की चेकिंग के दौरान एक इनोवा से 3,97,500 रुपये मिले…

    रतनपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहन की चेकिंग के दौरान एक इनोवा से 3,97,500 रुपये मिले…

    रतनपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहन की चेकिंग के दौरान एक इनोवा से 3,97,500 रुपये मिले…


    पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर श्री संतोष सिंग द्वारा जिले में संदिग्ध वाहनो की आकस्मिक चेकिंग करवाई जा रही है

    इसी क्रम में दिनांक 27/02/2023 को रतनपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहन की चेकिंग के दौरान एक इनोवा कार क्रमांक सीजी 10 एफए 2888 का चालक पुलिस को देख कर भागने लगा जो बोधिबंद में कार अनियंत्रित होकर रोड से नीचे उतरकर नाली में जा फंसी

    तस्दीक़ करने पर उक्त इनोवा वाहन का चालक मोहम्मद मंसूर s/o मोहम्मद मंजूर निवासी बनिया टोला कोतमा मध्यप्रदेश शराब के नशे में था,वाहन को चेक करने पर उसमें 3,97,500 रुपये मिले जिसके संबंध में पूछताछ करने पर गोलमोल जवाब देने लगा,वाहन चालक का मुलाहिजा कराकर धारा 185 एमवी एक्ट की कार्यवाही की गई एवं बरामद रकम के संबंध में नोटिस दिया गया जो रकम कहाँ से आया व किसका है इस संबंध में कोई जानकारी नहीं देने पर धारा 102 crpc के तहत जप्त कर जाँच में लिया गया