पखांजूर। छत्तीसगढ़ के पखांजूर के माझीकुटनी गांव के एक किसान के खेत में खलिहान में रखी मक्के की फसल में अचानक आग लग गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया। बताया जा रहा है कि किसान ने बैंक से कर्ज लेकर इस सीजन में मक्के की खेती की थी। करीब छह महीने की कड़ी मेहनत और उम्मीदों के साथ फसल तैयार हुई थी, जिसे खेत में ही सुरक्षित रखा गया था, लेकिन अचानक लगी आग ने देखते ही देखते पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया।
किसान की उम्मीदें हुईं जलकर राख
मिली जानकारी के अनुसार, किसान ने इस बार मक्के के चार पैकेट बीज लगाए थे और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, ताकि बैंक का कर्ज चुकाने के साथ परिवार का खर्च भी चल सके। लेकिन आग की इस घटना ने उसकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
लोन लेकर की थी खेती
पीड़ित किसान ने बताया कि, बैंक से लोन लेकर मक्का की खेती की थी। छह महीने की मेहनत के बाद फसल तैयार हुई और खलिहान में रखी गई थी, लेकिन अचानक आग लगने से पूरा मक्का जलकर नष्ट हो गया।
खेत में रखा मक्का
आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना में खेत में रखा पूरा मक्का जल गया, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कर्ज में डूबा किसान
कर्ज के सहारे खेती करने वाले इस किसान के लिए यह नुकसान किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। अब पीड़ित किसान प्रशासन से मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है।
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खेत के खलिहान में लगी आग :
किसान की लाखों की मक्के की फसल जलकर राख, मुआवजे की गुहार -

भीषण गर्मी में पानी संकट से जूझता दंतेवाड़ा शंखनी नदी का जलस्तर गिरा, 20 हजार आबादी की पेयजल व्यवस्था पर खतरा
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में भीषण गर्मी के बीच शहर में जल संकट गहराता नजर आ रहा है। शंखनी नदी पर बने एनीकेट का गेट जल संसाधन विभाग द्वारा रिटर्निंग वाल निर्माण कार्य के चलते खोल दिए जाने से नदी का जलस्तर तेजी से गिर गया है। इसका सीधा असर शहर की करीब 20 हजार आबादी की पेयजल व्यवस्था पर पड़ने लगा है।
शहर की जलापूर्ति पर मंडरा संकट
शहर की जलापूर्ति पूरी तरह इसी नदी पर बने इंटेक वाल पर निर्भर है। जलस्तर कम होने से पानी की सप्लाई बाधित होने लगी है। हालात संभालने के लिए नगर पालिका ने नदी में रेत का अस्थायी बांध बनाकर पानी रोकने की कोशिश की है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी और लगातार घटते जलस्तर के बीच यह उपाय पर्याप्त साबित नहीं हो रहा।
आपात स्थिति से निपटने को नगरपालिका तैयार नहीं
नगरपालिका की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। पालिका के पास 13 पानी टैंकर उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए केवल 3 ड्राइवर ही हैं, जिससे आपात स्थिति में जल वितरण प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा जल संसाधन विभाग और नगर पालिका के बीच समन्वय की कमी भी समस्या को बढ़ा रही है, जिसके चलते कार्य गैर-तकनीकी तरीके से किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
रेत का बांध सुधार लिया गया, जल सप्लाई जारी-
नगरपालिका के सीएमओ वीकेएस पालदास का कहना है कि, रेत का बांध पहले टूट गया था, जिसे सुधार लिया गया है और फिलहाल जल सप्लाई जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि, गंदे पानी की साफ-सफाई कर सप्लाई की जा रही है।
विभागों की लट्ठम-लट्ठा में फंसी पेयजल व्यवस्था
वहीं स्थानीय निवासी यशवंत यादव ने बताया कि पूरे शहर की पेयजल व्यवस्था शंखनी नदी पर निर्भर है। रिटर्निंग वाल निर्माण के कारण गेट खोलने से इंटेक वाल पर जलस्तर गिर गया है। विभागों के बीच समन्वय की कमी और गैर-तकनीकी निर्माण कार्य के चलते स्थिति बिगड़ी है, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ सकता है। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में दंतेवाड़ा को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। -

वर-वधु को 100 वा हेलमेट बाटकर बनाया कीर्तिमान…1001 हेलमेट बांटने का गिनीज बुक में नाम दर्ज हो लक्ष्य रखा…
बिलासपुर, बदलते दौर में जहां शादियों में महंगे और दिखावटी उपहारों का चलन बढ़ गया है, वहीं गुप्ता समाज ने एक ऐसी पहल शुरू की है जो सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का संदेश भी दे रही है। अब दूल्हा-दुल्हन को उपहार में हेलमेट दिया जा रहा है—ताकि उनका वैवाहिक जीवन सुरक्षित और लंबा हो। छत्तीसगढ़ में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए अखिल भारतीय कसौंधन वैश्य महासभा ट्रस्ट पंजीकृत के नेतृत्व में गुप्ता समाज ने यह अनोखी और सराहनीय पहल शुरू की है। समाज के लोग शादियों में पहुंचकर वर-वधु को हेलमेट भेंट कर रहे हैं और साथ ही सड़क सुरक्षा का संदेश भी दे रहे हैं। समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता का कहना है आज बिलासपुर के मांगलिक आयोजन में वर-वधु को 100 वा हेलमेट बाटकर शतक पूरा हुआ और
1001 हेलमेट बांटने का गिनीज बुक में नाम दर्ज हो लक्ष्य रखा गया, आज भी अधिकांश लोग दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने में लापरवाही करते हैं। यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित होती है। ऐसे में अगर शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर हेलमेट को उपहार बनाया जाए, तो यह सिर्फ एक गिफ्ट नहीं बल्कि “जीवन रक्षा का संकल्प” बन जाता है।
इस अभियान के तहत सिर्फ हेलमेट ही नहीं, बल्कि लोगों को पैम्फलेट बांटकर भी जागरूक किया जा रहा है। मंच से अपील की जाती है कि चाहे युवा हों, बुजुर्ग या बच्चे—हर किसी के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। साथ ही कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाने का भी संदेश दिया जा रहा है।
गुप्ता समाज की यह पहल अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। समाज का मानना है कि अगर छोटे-छोटे प्रयासों से लोगों की सोच बदली जाए, तो सड़क हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
खास बात:
अब यह पहल सिर्फ शादियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जन्मदिन और अन्य आयोजनों में भी “रिटर्न गिफ्ट” के रूप में हेलमेट देने की अपील की जा रही है—ताकि हर घर में सुरक्षा की संस्कृति विकसित हो सके।
जहां एक ओर शादियों में खुशियों का माहौल होता है, वहीं गुप्ता समाज इस खुशी के साथ सुरक्षा का संदेश जोड़कर एक नई मिसाल पेश कर रहा है—क्योंकि असली उपहार वही है, जो जिंदगी बचाए। इस अवसर पर समाज के रामेश्वर गुप्ता, दिलीप गुप्ता, रामकृष्ण गुप्ता, रमेश गुप्ता, धीरेन्द्र गुप्ता, आशीष गुप्ता, अजय गुप्ता, आनंद गुप्ता, श्रीमती लीला गुप्ता, लेखनी गुप्ता, श्रीमती दीपा गुप्ता, श्रीमती सुजाता गुप्ता, श्रीमती माधुरी गुप्ता, श्रीमती मधु गुप्ता आदि उपस्थित रहे l -

केशकाल में विकास की आड़ में पर्यावरण से खिलवाड़ NH-30 परियोजना में गलत सर्वे से करोड़ों का नुकसान,
काटे गए हजारों पेड़ -चूक का जिम्मेदार कौन?कोंडागांव -फरसगांव। NH-30 केशकाल बाईपास में विकास के नाम पर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बस्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए किए गए बाईपास निर्माण में गलत सर्वे और विभागीय चूक के कारण हजारों हरे-भरे पेड़ अनावश्यक रूप से काट दिए गए। नए सर्वे में जब यह गड़बड़ी उजागर हुई, तो वन विभाग और नेशनल हाईवे विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नज़र आए।
केशकाल में विकास की आड़ में पर्यावरण से खिलवाड़ NH-30 परियोजना में गलत सर्वे से करोड़ों का नुकसान, काटे काटे गए हजारों पेड़- चूक का जिम्मेदार कौन?
बस्तर की लाइफलाइन पर भारी लापरवाही
रायपुर से बस्तर और आगे आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु तक जोड़ने वाला NH-30 एक प्रमुख परिवहन मार्ग है। केशकाल घाट में लगातार जाम और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए बाईपास परियोजना प्रस्तावित हुई थी, ताकि वाहनों का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके। लेकिन इस महत्त्वपूर्ण परियोजना में लापरवाही की परतें खुलने से यह विकास कार्य विवादों में घिर गया है।NH-30 परियोजना में गलत सर्वे से करोड़ों का नुकसान,
गलत अलाइनमेंट का खुलासा और हजारों पेड़ों की व्यर्थ कटाई
वन विभाग और नेशनल हाईवे विभाग के बीच हुई समन्वय की कमी और तकनीकी चूक के कारण बाईपास के लिए तय किए गए मार्ग में भारी अंतर पाया गया। नए सर्वे में यह पुष्टि हुई कि करीब 11 किलोमीटर बाईपास में से लगभग 5 किलोमीटर हिस्सा गलत अलाइनमेंट पर था। इसी गलत मार्ग के आधार पर वर्ष 2016-17 में बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ काट दिए गए थे। इन पेड़ों की कटाई से न केवल पर्यावरण को नुकसान हुआ बल्कि सरकार को भी करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
6,000 और पेड़ काटने की तैयारी
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परियोजना को दोबारा शुरू करने से पहले हुए नए सर्वे में यह सामने आया है कि वास्तविक अलाइनमेंट पर कार्य करने के लिए अब फिर से 6 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई की आवश्यकता बताई जा रही है। यानी एक ही परियोजना में पर्यावरण को दोहरी क्षति- पहले गलत जगह कटाई और अब वास्तविक मार्ग पर कटाई का सामना करना पड़ेगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इस बार भी विभाग बिना ठोस जांच के आगे बढ़ेगा?
वन विभाग की कार्रवाई और जांच की दिशा
केशकाल डीएफओ दिव्या गौतम के अनुसार, मार्च महीने में हाईवे विभाग से प्राप्त जानकारी में बताया गया था कि पूर्व में की गई पेड़ों की कटाई गलत जगह पर हुई थी। इस जानकारी के बाद वन विभाग ने तत्काल एक टीम गठित कर नया सर्वे शुरू कराया। स्वीकृत अलाइनमेंट का पुनः सत्यापन किया जा रहा है और जिन क्षेत्रों में पहले कटाई की गई थी, उनका वास्तविक मार्ग से सामंजस्य भी जांचा जा रहा है। विभागीय स्तर पर दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
इस चूक का जिम्मेदार कौन?
इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी परियोजना में गलत अलाइनमेंट का निर्धारण कैसे हो गया? पेड़ों की कटाई से पहले उचित सत्यापन क्यों नहीं किया गया? पर्यावरण को जो भारी क्षति हुई है, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? और क्या विभागीय कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह जाएगी या वास्तव में दोषियों तक पहुंचेगी? परियोजना के पुनर्सर्वे और जांच रिपोर्ट से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। -

गौशाला शेड निर्माण का नपा अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने किया भूमिपूजन,तय समय में कार्य पूर्ण करने दिए निर्देश
मुंगेली/नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत गौवंश की सुरक्षा और उनके बेहतर रखरखाव के उद्देश्य से मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ हुआ। रेहूंटा गांव मार्ग पर स्थित गौशाला में शेड निर्माण कार्य के लिए नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने भूमि पूजन किया। इस निर्माण कार्य के साथ ही अब गौवंश को भीषण गर्मी और बारिश के मौसम में उचित आश्रय मिल सकेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने अपने विशेष मद से 9 लाख 53 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है। अध्यक्ष का मानना है कि शहर में गौवंश के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फंड की कमी इस कार्य में आड़े नहीं आएगी और गौशाला का निर्माण जल्द से जल्द पूर्ण किया जाएगा।गुणवत्ता के प्रति सख्त निर्देश
भूमि पूजन के पश्चात अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने कार्यस्थल पर मौजूद ठेकेदार आनंद मिश्रा और संबंधित इंजीनियर को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए और इसमें गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण की निगरानी रखने के लिए भी निर्देशित किया ताकि काम मजबूत और टिकाऊ हो।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
विनय चोपड़ा,पार्षद,मकबूल खान,पार्षद प्रतिनिधि,राजेश छेदइया,धीरज पाण्डेय,आनंद मिश्रा,ठेकेदार,बबलू गौशाला शेड के निर्माण से अब रेहूंटा मार्ग के आसपास रहने वाले गौवंश को एक सुरक्षित और व्यवस्थित छत नसीब होगी,जिससे स्थानीय लोगों ने भी नगर पालिका अध्यक्ष के इस कदम की सराहना की है।
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सर्प रेस्क्यू के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
मुंगेली, 04 मई 2026// कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में बारिश के दिनों में घरों और आसपास निकलने वाले सर्प के रेस्क्यू के लिए वन विभाग द्वारा सर्प बचाव दल का गठन किया गया है। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 6263452782, 9981439989, 9669049793 और 9285442276 जारी किया गया है, जिसमें कॉल कर आवश्यक सहायता के लिए त्वरित जानकारी दे सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से प्राप्त जानकारी पर सर्प पकड़ने के लियेे रेस्क्यू टीम को संबंधित जगहों पर भेजा जाएगा।

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जनगणना दल से दुर्व्यवहार पर युवक गिरफ्तार
मुंगेली, 03 मई 2026// जिला मुख्यालय अंतर्गत ग्राम जमकोर में जनगणना कार्य के दौरान एक युवक द्वारा शासकीय कर्मचारियों से दुर्व्यवहार और धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया एवं जेल भेजने की कार्यवाही की गयी।
मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज ने बताया कि 02 मई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी ग्राम जमकोर में सर्वे हेतु पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय निवासी रंजीत कुमार चेलकर के घर जनगणना हेतु पहुंचने पर आरोपी ने टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की बात कहते हुए कर्मचारियों को अपशब्द कहे और डराने-धमकाने लगा। स्थिति को गंभीर होते देख मौके पर ग्राम प्रमुख और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने पर भी आरोपी शांत नहीं हुआ और उत्तेजित व्यवहार करता रहा। संभावित अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत शांति भंग की आशंका में मामला दर्ज किया गया है, साथ ही धारा 126(बी) और 135(3) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें।
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हीरालाल वार्ड पार्षद निमेश देवांगन ने वृद्धाश्रम में मनाया जन्मदिन, फल वितरण कर लिया आशीर्वाद
मुंगेली— हीरालाल वार्ड के पार्षद एवं समाजसेवी निमेश देवांगन ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सादगी और सेवा का परिचय देते हुए स्थानीय वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के बीच फल वितरण किया और उनके साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने केक काटकर बुजुर्गों के साथ अपना जन्मदिन मनाया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में पार्षद रोशन सोनी, सौरभ बाजपेई, आकाश सोनी सहित धर्म सेवा से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस अवसर को सेवा और सम्मान के भाव से मनाया।
इस मौके पर निमेश देवांगन ने कहा कि समाज में बुजुर्गों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके आशीर्वाद से ही जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर हर व्यक्ति को आगे आकर जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए, क्योंकि बुजुर्गों के साथ बिताया गया समय और सेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती।
जनसेवा और सादगी की मिसाल
निमेश देवांगन हीरालाल वार्ड के एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते हैं। वे अपने मिलनसार स्वभाव, सहज व्यवहार और जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाते हैं। वार्ड के विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है, जिसमें सड़क, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
श्री राम होटल के संचालक के रूप में व्यवसाय और समाजसेवा के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। क्षेत्र में वे “बड़े भैया” के रूप में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, इस अवसर पर क्षेत्रवासियों ने निमेश देवांगन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर जनसेवा की कामना की।
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नगर की जीवनदायिनी आगर नदी अब होगी प्रदूषण मुक्त:नपा अध्यक्ष रोहित शुक्ला की पहल रंग लाई,7.74 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक एसटीपी
मुंगेली/शहर के निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। शहर की जीवनदायिनी ‘आगर नदी’ को सीवेज के प्रदूषित पानी से बचाने की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला के निरंतर प्रयासों और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते,भारत सरकार नई दिल्ली के द्वारा लागू स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के तहत राज्य शासन ने मुंगेली में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण के लिए 7.74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।

आगर नदी को बचाने के लिए संकल्पित है नपा अध्यक्ष
निर्वाचित होने के बाद से ही नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने लंबे समय से आगर नदी के संरक्षण को अपनी प्राथमिकता सूची में रखा है उनका मानना है कि मुंगेली की पहचान इस नदी से जुड़ी है और बढ़ते शहरीकरण के कारण नदी में गिर रहा गंदा पानी इसे लगातार प्रदूषित कर रहा है। अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और लगातार शासन स्तर पर इसके लिए पैरवी की। अंततःउनके प्रयासों का ही परिणाम है कि ‘स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0’ के तहत मुंगेली को यह बड़ी सौगात मिली है।वही नगर को मिले इस सौगात के लिए नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू,उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव एवं नगर विधायक पुन्नूलाल मोहले का आभार व्यक्त किया है
क्या है परियोजना और इसका महत्व?
राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा 11 नवंबर 2025 को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के नालों के पानी को आगर नदी में मिलने से रोकना है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण से पानी का शोधन (Treatment) किया जाएगा जिससे न केवल नदी का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) सुरक्षित होगा,बल्कि शहर का भू-जल स्तर और स्वच्छता का वातावरण भी बेहतर होगा।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं और शर्तें
समयबद्ध कार्य:परियोजना के तहत न केवल प्लांट का निर्माण होगा, बल्कि इसके अगले 5 वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
पारदर्शिता और जवाबदेही:नगर पालिका परिषद मुंगेली को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। अध्यक्ष रोहित शुक्ला की निगरानी में कार्य होगा जहाँ हर महीने प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाण पत्र राज्य नोडल एजेंसी को सौंपना अनिवार्य होगा।
तकनीकी मानक:निर्माण कार्य को पूरी तरह से यांत्रिकी प्रकोष्ठ,संचालनालय,नगरीय प्रशासन एवं विकास के मानकों के अनुरूप ही पूरा किया जाएगा।
नगर पालिका के अधिकारी ने दी जानकारी
इस परीयोजना को लेकर नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्य को लेकर निविदा की पक्रिया पूरी कर ली गई है जिसके तहत आने वाले दिनों में इस कार्य का शुभारंभ किया जाएगा जिससे कि नगर की जीवनदायिनी आगर नदी के संरक्षण को लेकर एक बड़ी पहल साबित होगी
शहर के लिए बड़ा बदलाव
एसटीपी के बनने से मुंगेली की सफाई व्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा। आगर नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए यह परियोजना एक वरदान साबित होगी। नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला के इस कदम की सराहना करते हुए शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने इसे मुंगेली के विकास की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ करार दिया है।
आने वाले समय में जब यह परियोजना धरातल पर उतरेगी तो मुंगेली न केवल ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के लक्ष्यों को प्राप्त करेगा बल्कि अपनी जीवनदायिनी आगर नदी को स्वच्छ और निर्मल रखने की अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभाएगा।
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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 05 मई 2026 तक आवेदन आमंत्रित
मुंगेली, कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र परिवार 05 मई 2026 तक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती संजुला शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों की कन्याओं के विवाह में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। इस योजना के तहत शासन द्वारा निर्धारित ₹35,000 की सहायता राशि एवं आवश्यक सामग्री प्रदान की जाती है, जिससे विवाह सरल एवं गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। सभी विवाह शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संपन्न कराए जाएंगे।
आवेदन के साथ हितग्राहियों को आधार कार्ड, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र (छत्तीसगढ़), अविवाहित प्रमाण पत्र, बीपीएल/आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करना अनिवार्य होगा।
अधिक जानकारी एवं आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए संबंधित हितग्राही अपने नजदीकी महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय, एकीकृत बाल विकास (ICDS) परियोजना कार्यालय, पर्यवेक्षक या आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।