करोड़ो खर्च, फिर भी मरीज बेहाल,, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बना रेफरल सेंटर ?.. कैथ लैब नहीं,, ऑक्सीजन प्लांट नहीं..200 करोड़ का अस्पताल सवालों के घेरे में ?…

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बिलासपुर। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विजय केशरवानी ने कोनी स्थित 220 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बने अस्पताल का प्रधानमंत्री से लोकार्पण तो करा लिया गया, लेकिन आज भी अस्पताल पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा और अत्याधुनिक एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यह अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बना रेफरल सेंटर ?..

विजय केशरवानी ने कहा कि जनता ने आधुनिक इलाज की उम्मीद में इस अस्पताल का इंतजार किया था, लेकिन गंभीर मरीजों को आज भी सिम्स, जिला अस्पताल अथवा अन्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अस्पताल में हार्ट, किडनी और ब्रेन से जुड़ी गंभीर बीमारियों का समुचित इलाज ही उपलब्ध नहीं है, तो फिर 200 करोड़ रुपये खर्च करने का औचित्य क्या है। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रधानमंत्री द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को लोकार्पण और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद भी डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद अस्पताल पूरी तरह चालू क्यों नहीं हो सका।

कैथ लैब नहीं,, ऑक्सीजन प्लांट नहीं

कांग्रेस नेता ने अस्पताल के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जगदलपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की तरह यदि बिलासपुर के इस अस्पताल को भी भविष्य में किसी निजी संस्था को सौंपने की योजना है तो सरकार स्पष्ट करे। उन्होंने बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला से भी सवाल किया कि यदि निजीकरण का प्रयास हुआ तो क्या वे इसका विरोध करेंगे और जनता के साथ खड़े होंगे। उन्होंने सरकार से श्वेत पत्र जारी कर अस्पताल की वास्तविक स्थिति, सुविधाओं और भविष्य की योजना सार्वजनिक करने की मांग की।

.200 करोड़ का अस्पताल सवालों के घेरे में ?…
विजय केशरवानी ने अस्पताल में नियमित विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति, कैथ लैब एवं ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा और पूर्ण सुविधायुक्त एंबुलेंस तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कीं और निजीकरण पर स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो कांग्रेस जनता के स्वास्थ्य अधिकार को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा, “बिलासपुर की जनता ने केवल भवन नहीं, इलाज मांगा था। जनता को उद्घाटन नहीं, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं चाहिए।”

Share This Article