चिटफंड के जाल में फंसा परिवार, मानसिक तनाव से पति की मौत: पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार

Jagdish Dewangan
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मुंगेली: गांधी वार्ड, सदर बाजार निवासी सुनीता देवांगन ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर चिटफंड कंपनी के नाम पर हुई ठगी से पति अजय देवांगन की मौत का आरोप लगाया है। उन्होंने ऋषि देवांगन, अरुण बंजारे और नीलू यादव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व 4 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला
सुनीता देवांगन के अनुसार, उनके पति अजय देवांगन पिछले कुछ समय से तनाव में रहते थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि बिलासपुर, अमेरी कॉलोनी निवासी ऋषि देवांगन ने 06 फरवरी 2026 को मुंगेली के पुनीत रेस्टोरेंट में एक बैठक आयोजित की थी। उसमें ऋषि देवांगन के साथ प्रोमोटर अरुण बंजारे भी मौजूद था।

दोनों ने चिटफंड से जुड़ी एक कंपनी का प्लान समझाया और दावा किया कि “पैसा लगाने पर हर तीन माह में डबल-तिबल हो जाएगा”। विश्वास में आकर अजय देवांगन ने नगद व ऑनलाइन करीब 4 लाख रुपये जमा कर दिए। इसकी जानकारी उन्होंने अपने मित्र अनिल देवांगन और दुर्गेश देवांगन को भी दी थी।

पैसे मांगने पर टालमटोल, फिर धमकी
समय बीतने पर जब अजय ने पैसे वापस मांगे तो ऋषि देवांगन ने “कंपनी की स्कीम अपडेट हो रही है” कहकर टालना शुरू कर दिया। बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। व्हाट्सएप पर मैसेज करने पर ऋषि ने कहा कि “पैसा कंपनी में लगाया है, मुझे नहीं दिया” और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।

तनाव के कारण गई जान
सुनीता का आरोप है कि लगातार तनाव के चलते 11 जून को अजय देवांगन खाना खाते समय चक्कर खाकर गिर पड़े। समाज के अध्यक्ष आनंद देवांगन की मदद से उन्हें मुंगेली के निजी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ से बिलासपुर रेफर किया गया। बिलासपुर में डॉक्टरों ने हाइपरटेंशन के कारण ब्रेन की नस में समस्या बताकर रायपुर ले जाने को कहा। 12 जून की रात रायपुर में इलाज के दौरान अजय की मौत हो गई। डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण हाइपरटेंशन बताया।

कई और लोग भी ठगी के शिकार
सुनीता ने बताया कि उनके पति के मित्र अनिल देवांगन, दुर्गेश देवांगन, आनंद देवांगन, विष्णु देवांगन, जगदीश देवांगन, जलेश देवांगन, सुदामा देवांगन, हीरालाल देवांगन, से भी इसी तरह पैसे लिए गए हैं।

पत्नी की मांग
सुनीता देवांगन ने कहा कि ऋषि देवांगन, अरुण बंजारे एवं नीलू यादव की धोखाधड़ी के कारण ही उनके पति की मानसिक स्थिति बिगड़ी और मौत हुई। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई कर ठगी के 4 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी गरीब के साथ ऐसी ठगी न हो।


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संपादक - जगदीश देवांगन