मां बम्लेश्वरी के दरबार से लेकर 2 अन्य तीर्थ स्थानों तक पहुंचने 70 करोड़ रुपए से बनेगा परिक्रमा पथ

राजेन्द्र देवांगन
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मां बम्लेश्वरी की नगरी में परिक्रमा पथ बनने वाला है। यह पथ मां बम्लेश्वरी के दरबार से अन्य तीर्थ स्थलों को जोड़ेगा। इसके लिए 70 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन के द्वारा सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है। अफसरों ने राज्य शासन को सर्वे रिपोर.तीर्थ स्थलों के भ्रमण करने में भी उन्हें काफी आसानी होगी। बजट में इसके लिए राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। बताया गया कि यह परिक्रमा पथ गाजमर्रा गांव से चंद्रगिरी पर्वत तक जाएगा।

वहां से प्रज्ञा गिरी को जोड़ेगा। राका से मंदिर की पार्किंग से होकर कालका पारा तक बनेगा। वहां से नीचे मंदिर से होते हुए चिचोला मार्ग में जुड़ेगा। 70 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना के लिए राजस्व के बाद पीडब्ल्यूडी ने सर्वे करा लिया है। विस्तृत कार्ययोजना बनाकर इसे राज्य शासन को भेजा जा चुका है।

इसके निर्माण से डोंगरगढ़ को एक नया स्वरूप मिलेगा।परिक्रमा पथ निर्माण की लंबे समय से मांग उठ रही थी। यहां वर्तमान में 55 करोड़ की लागत से प्रसाद योजना के तहत विभिन्न निर्माण कराए जा रहे हैं। मां बम्लेश्वरी मंदिर के अलावा अन्य तीर्थ स्थलों का भ्रमण कराने परिक्रमा पथ बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 4.25 किमी के इस पथ से होकर भक्त सुगमता से सभी तीर्थ स्थलों में जाकर दर्शन कर सकेंगे। मां बम्लेश्वरी सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर दर्शन करने डोंगरगढ़ में हर साल 35 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचने लगेंगे।

सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है इसमें सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। सर्वे की रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी गई है। ये काम होगा तो आने वाले समय में डोंगरगढ़ पहुंचने वाले दर्शनार्थियों की सुविधाओं में भी वृद्धि होगी। संजय अग्रवाल, कलेक्टरडोंगरगढ़ में हवन का कार्यक्रम 11 अक्टूबर को होगा। मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट के संजीव गोमास्ता ने बताया कि दो दिनों तक पंचमी की वजह से 11 अक्टूबर को हवन होगा। अष्टमी इसी दिन मनाई जाएगी।

12 अक्टूबर को ऊपर मंदिर में सुबह ज्योति विसर्जन होगा। 12 अक्टूबर की रात को नीचे मंदिर में प्रज्जवलित ज्योति कलशों का विसर्जन महावीर तालाब में किया जाएगा। 11 अक्टूबर की सुबह ऊपर मंदिर और शाम को नीचे मंदिर में हवन का कार्यक्रम होगा।

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