Tag: नई दिल्ली

  • बाल-बाल बची देहरादून एक्सप्रेस, चिंगारी उठने पर लोको पायलट ने लगाई इमरजेंसी ब्रेक, फिर साजिश का पता चला

    बाल-बाल बची देहरादून एक्सप्रेस, चिंगारी उठने पर लोको पायलट ने लगाई इमरजेंसी ब्रेक, फिर साजिश का पता चला

    नई दिल्ली: उत्तराखंड में एक बार फिर ट्रेन को पलटाने की साजिश की गई और इस बार निशाने पर थी काठगोदाम से देहरादून जा रही देहरादून एक्सप्रेस। जानकारी के मुताबिक डोईवाला और हर्रावाला स्टेशन के बीच रेल पटरी पर करीब 15 फीट लंबा लोहे का सरिया रखा हुआ था। जैसे ही देहरादून एक्सप्रेस यहां से गुजरी अचानक इंजन से तेज आवाज आने लगी और चिंगारी उठने लगी। इसके बाद लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी जिससे बड़ा हादसा होने टल गया। जानकारी के मुताबिक यह घटना सुबह 4.30 बजे हुई।

    जानकारी के मुताबिक सुबह 4.30 बजे काठगोदाम से देहरादून जा रही देहरादून एक्सप्रेस डोईवाला और हर्रावाला के बीच ट्रैक पर रखे लोहे के टुकड़े से टकरा गई। लोको पायलट अनुज गर्ग को इंजन के नीचे से एक तेज आवाज सुनाई दी। तेज आवाज और चिंगारी उठती देख लोको पायलट को किसी खतरे का अंदेशा हुआ। इसके बाद उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी।

    लोको पायलट और उनके असिस्टेंट ने नीचे उतरकर हालात का जायजा लिया तो पाया कि इंजन के नीचे रेलवे ट्रैक पर एक 15 फीट लंबा और तीन फ़ीट मोटा सरिया फंसा हुआ था। लोको पायलट ने तत्परता से सरिया को ट्रैक से हटाया। इसके बाद ट्रेन के आगे बढ़ने का रास्ता क्लियर हुआ। फिर ट्रेन को सुरक्षित देहरादून तक लाया गया।

    रेलवे की ओर से इस घटना को गंभीरता से लेते हुए डोईवाला कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • सौरभ भारद्वाज ने ‘श्रीराम’ से की केजरीवाल की तुलना, बोले- सतयुग के बाद ऐसा पहली बार हुआ

    सौरभ भारद्वाज ने ‘श्रीराम’ से की केजरीवाल की तुलना, बोले- सतयुग के बाद ऐसा पहली बार हुआ

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफे का ऐलान किया है। कल वो सीएम पद से इस्तीफा देने वाले हैं। इसे लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। ऐसे में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीएम केजरीवाल के फैसले पर सफाई दी है।

    सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा?
    सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जनता के बीच भारतीय जनता पार्टी को लेकर जबरदस्त नाराजगी है। जनता के द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री के पीछे बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। एक ईमानदार आदमी के पीछे पूरी की पूरी केंद्र सरकार लग गई और उसे जेल भेज दिया गया। वो आदमी जब जेल से बाहर निकला तो उसने सत्ता का सुख नहीं भोगा। उसने तय किया कि मैं जनता की अदालत में जाऊंगा और जब तक जनता नहीं कहेगी, दिल्ली की गद्दी पर नहीं बैठूंगा।

    भगवान राम ने छोड़ी थी अयोध्या- सौरभ
    सौरभ भारद्वाज ने केजरीवाल की तुलना भगवान राम के वनवास से की है। सौरभ का कहना है कि कई लोगों ने मुझसे कहा कि सतयुग में सुना था भगवान राम ने परिस्थितियों के कारण राजगद्दी का त्याग किया था और 14 साल के वनवास पर चले गए थे। अयोध्या की पूरी जनता रो रही थी, बिलख रही थी कि राम आप मत जाइए और आप इस सिंहासन पर बैठिए। मगर मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने सिंहासन छोड़ने का फैसला किया। उनके भाई भरत खड़ाऊं रखकर इंतजार करते रहे कि राम वापस आएंगे।

    केजरीवाल हनुमान भक्त- सौरभ
    सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल राम नहीं हैं। राम भगवान थे। मगर भगवान राम के भक्त हनुमान और हनुमान के भक्त अरविंद केजरीवाल हैं। उनकी राम से तुलना नहीं की जा सकती। मगर जिस मर्यादा के नाम पर भगवान राम ने सतयुग में अपना सिंहासन छोड़ा था। उसी मर्यादा के लिए अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की गद्दी छोड़ने का फैसला किया है।

  • Google ने हिंदुस्तान की बेटी को दिया 60 लाख का पैकेज, जानें कौन हैं अलंकृता साक्षी

    Google ने हिंदुस्तान की बेटी को दिया 60 लाख का पैकेज, जानें कौन हैं अलंकृता साक्षी

    दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी गूगल ने बिहार के भागलपुर जिले की अलंकृता साक्षी को 60 लाख सालाना के पैकेज पर जॉब दी है. बिहार की अलंकृता गूगल में बतौर सिक्योरिटी एनालिस्ट शामिल हुई. कथित तौर पर उसे ₹60 LPA का पैकेज ऑफर किया गया. वह पहले अर्न्स्ट एंड यंग, विप्रो और सैमसंग जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुकी है.

    साक्षी ने अपनी नई नौकरी के बारे में खबर साझा करने के लिए लिंक्डइन का सहारा लिया. उन्होंने लिखा, “मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मैं गूगल में बतौर सिक्योरिटी एनालिस्ट शामिल हुई हूं! मैं इस अवसर के लिए बहुत आभारी हूं और ऐसी अभिनव और गतिशील टीम के साथ काम करने के लिए उत्साहित हूं. मेरी यात्रा के दौरान मेरा साथ देने वाले सभी लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद. आपका प्रोत्साहन और मार्गदर्शन अमूल्य रहा है. नई शुरुआत और आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं.”

    उसकी पोस्ट को लोगों से ढेरों लाइक और कमेंट मिले, जिसमें कई लोगों ने उसे बधाई दी. कुछ लोगों ने उसके जीवन की इस नई यात्रा के लिए उसे सलाह भी दी. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “बधाई हो अलंकृता! मैंने एक न्यूज़ चैनल पर आपकी Google भर्ती की खबर सुनी है. टेक दिग्गज Google से उच्चतम पैकेज प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि है. आप उज्ज्वल भविष्य की तलाश कर रहे कई लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती हैं.” एक अन्य ने लिखा, “अविश्वसनीय सफलता के लिए बधाई.”

    अलंकृता साक्षी कौन हैं?

    लिंक्डइन के अनुसार, अलंकृता साक्षी ने झारखंड में यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत विप्रो में “प्रोजेक्ट इंजीनियर” के तौर पर की थी. बाद में, वह अर्न्स्ट एंड यंग में “सिक्योरिटी एनालिस्ट” के रूप में चली गईं. वह दो महीने पहले “सिक्योरिटी एनालिस्ट” के रूप में Google में शामिल हुईं.

  • शराब घोटाला मामलाः सुप्रीम कोर्ट का आदेश- एम्स के डॉक्टर्स करेंगे अनवर ढेबर की मेडिकल जाँच, 10 दिनों के भीतर देनी होगी रिपोर्ट

    शराब घोटाला मामलाः सुप्रीम कोर्ट का आदेश- एम्स के डॉक्टर्स करेंगे अनवर ढेबर की मेडिकल जाँच, 10 दिनों के भीतर देनी होगी रिपोर्ट

    दिल्ली। छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी-ईओडब्लू के जाँच का सामना कर रहे अनवर ढेबर के स्वास्थ्य की जाँच के लिए एम्स के डॉक्टरों की टीम से रिपोर्ट तलब किया है। राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया है। हाई कोर्ट से मेडिकल आधार पर मिली थी जमानत अनवर ढेबर की ओर से हाईकोर्ट को यह बताया गया था कि, उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हैं। उनकी ओर से अदालत को बताया गया कि, उनका उपचार स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है। उनके वकील की ओर से अदालत में मेडिकल रिपोर्ट भी पेश किए गए।

    जिसके आधार पर उन्हें उच्च न्यायालय से ज़मानत मिल गई थी। अनवर ढेबर को यह ज़मानत ईओडब्लू के प्रकरण में मिली थी। तब ईडी ने शराब घोटाला मामले में गिरफ़्तार नहीं किया था। Also Read – वैष्णो देवी के नए पैदल मार्ग पर लैंडस्लाइड : 2 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, 3 घायल राज्य की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश हाईकोर्ट से मिली ज़मानत को चुनौती देने राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका याने एसएलपी दायर की। राज्य सरकार ने जस्टिस अभय एस ओका के समक्ष अनवर ढेबर को स्वास्थ्य आधार पर मिली ज़मानत का विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 6 याने जस्टिस अभय ओका ने सरकार की ओर से पेश तर्को को सुनने के बाद निर्देश दिए-“एम्स के डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित हो, यह बोर्ड 10 दिनों के भीतर अनवर ढेबर के स्वास्थ्य की जाँच करेगा। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट देखेगा।”

  • दिल्ली शराब घोटाले में पूर्व CM KCR की बेटी बीआरएस नेता Kalvakuntla Kavitha को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

    दिल्ली शराब घोटाले में पूर्व CM KCR की बेटी बीआरएस नेता Kalvakuntla Kavitha को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

    नई दिल्ली:-बीआरएस नेता के. कविता को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जमानत दे दी। न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कविता को जमानत देते समय नियमित रूप से मुकदमे की कार्यवाही में उपस्थित रहने और जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया, “सीबीआई और ईडी मामलों में 10-10 लाख रुपये के बांड पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है। वह सबूतों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं करेंगी। पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करना होगा।”

    न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन ने कहा कि आदेश का ऑपरेटिव हिस्सा मंगलवार को अपलोड कर दिया जाएगा। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि उसने कविता को जमानत पर रिहा करते समय मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की और जमानत मिलने से मुकदमे पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे पहले शीर्ष अदालत ने कविता की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की थी, जब अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस.वी. राजू ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था।

    सर्वोच्च न्यायालय ने 12 अगस्त को कविता की याचिकाओं की जांच करने पर सहमति जताई थी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तथा ईडी से अपना जवाब दाखिल करने को कहा था। उस समय कोर्ट ने जांच एजेंसियों का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। कविता को पहले ईडी ने 15 मार्च को उनके हैदराबाद स्थित घर से गिरफ्तार किया था और दिल्ली लाया था और बाद में 11 अप्रैल को सीबीआई ने उन्हें तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान हिरासत में लिया था।

  • दुष्कर्म-हत्याकांड में सामने आई कोलकाता पुलिस की गंभीर खामियां, जज बोले- ‘30 साल के करियर में ऐसी लापरवाही नहीं देखी’, सुनवाई जारी

    दुष्कर्म-हत्याकांड में सामने आई कोलकाता पुलिस की गंभीर खामियां, जज बोले- ‘30 साल के करियर में ऐसी लापरवाही नहीं देखी’, सुनवाई जारी

    नई दिल्ली। कोलकाता में लेडी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। गुरुवार को मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की।

    सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्टेटस रिपोर्ट पढ़ी। यह रिपोर्ट गोपनीय रहेगी। इस बीच, जजों ने हड़ताली डॉक्टरों से अपील की कि वे काम पर लौट आए। जजों ने कहा कि मरीजों को बहुत मुश्किल से अपॉइंटमेंट मिलता है। सुनवाई जारी है।

    कोलकाता पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठा सवाल

    सुनवाई के दौरान कोलकाता पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठे। सीजेआई ने कहा, बहुत परेशान करने वाली बात है कि सुबह 10.10 बजे अननेचुरल डेथ की डायर एंट्री हुई। इसके 12 घंटे बाद क्राइम सीन का डिमार्केशन हुआ।

    सुनवाई के दौरान यह हैरानी करने वाली बात भी सामने आई कि पोस्टमार्टम के बाद एफआईआर दर्ज की गई। सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम शाम को 7.10 बजे खत्म हुआ, जबकि एफआईआर रात 11.45 दर्ज की गई। जजों ने कहा कि उन्होंने अपने 30 साल के करियर में ऐसी लापरवाही नहीं देखी।

    मोहम्मद रज्जब बिलासपुर 9755114786

  • बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर 21 अगस्त तक लगाई रोक…!

    बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर 21 अगस्त तक लगाई रोक…!

    दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर को बड़ी राहत देते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि 21 अगस्त तक उन्हें गिरफ्तार न किया जाए। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने पूजा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।

    धोखाधड़ी और गलत तरीके से ओबीसी और दिव्यांगता कोटा लाभ हासिल करने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व आईएएस प्रशिक्षु पूजा खेडकर को राहत दी है।
    अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि पूजा को 21 अगस्त तक गिरफ्तार न किया जाए। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने पूजा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।

    हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग ने 31 जुलाई को पूजा की उम्मीदवारी को रद्द करते हुए भविष्य में उनके परीक्षाओं में शामिल होने पर रोक लगा दी है।

  • Gold-Silver Price Today : सोने-चांदी के ग्राहकों को बड़ी राहत..जानें अपने शहर के लेटेस्ट रेट…!

    Gold-Silver Price Today : सोने-चांदी के ग्राहकों को बड़ी राहत..जानें अपने शहर के लेटेस्ट रेट…!

    नई दिल्ली: देश में सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई है. 30 जुलाई को भारत में सोने की कीमतें 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है. इस रेट में हाई प्योरिटी वाले सोने के लिए प्रीमियम शामिल है, जिसमें 24 कैरेट सोने की कीमत 69,170 रुपये प्रति 10 ग्राम है. आभूषणों में रुचि रखने वालों के लिए, 22 कैरेट सोना की कीमत 63,410 रुपये प्रति 10 ग्राम है. इस बीच, चांदी की कीमत 85,100 रुपये प्रति किलोग्राम रही.

    आज आपके शहर में सोने का लेटेस्ट रेट

    शहर 22 कैरेट सोने का भाव 24 कैरेट सोने का भाव
    दिल्ली 63,560 69,320
    मुंबई 63,410 69,170
    अहमदाबाद 63,460 69,220
    चेन्नई 64,140 69,970
    कोलकाता 63,410 69,170
    लखनऊ 63,560 69,320
    बेंगलुरु 63,410 69,170
    जयपुर 63,560 69,320
    पटना 63,460 69,220
    हैदराबाद 63,410 69,170
    सोने के दाम में क्यों आई गिरावट?
    सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी सहित विभिन्न उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती की है. कीमती धातुओं के सिक्कों, सोने/चांदी की खोज और सोने और चांदी की छड़ों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया गया. सोने और चांदी के डोर के लिए इसे 14.35 फीसदी से घटाकर 5.35 फीसदी कर दिया गया.

    आयातित सोने पर भारत की निर्भरता घरेलू कीमतों को काफी हद तक प्रभावित करती है, जो वैश्विक रुझानों को करीब से दिखाती है. इसके अतिरिक्त, भारत में सोने का सांस्कृतिक महत्व, विशेष रूप से त्योहारों और शादियों के दौरान, मांग के स्तर को प्रभावित कर सकता हैं।

  • सुनहरा मौका! गोल्ड खरीदने का बेस्ट टाइम? आसमान से जमीन पर आया सोना का भाव..  -सोना खरीदने का सही समय…!

    सुनहरा मौका! गोल्ड खरीदने का बेस्ट टाइम? आसमान से जमीन पर आया सोना का भाव.. -सोना खरीदने का सही समय…!

    सुनहरा मौका! गोल्ड खरीदने का बेस्ट टाइम? आसमान से जमीन पर आया सोना का भाव..
    -सोना खरीदने का सही समय…!

    नई दिल्ली: आज सावन का दूसरा सोमवार है और के महीने में सोने का भाव जमकर टूटा है. बीते एक हफ्ते में ही गोल्ड की कीमत करीब 5000 रुपये से ज्यादा घट गई है. सोना ही नहीं चांदी भी लगातार कमजोर हो रही है. मोदी 3.0 का पहला बजट और इसमें सोने पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में कटौती के फैसले के बाद से इसके दाम भरभराकर टूटे हैं. हालांकि, दाम घटने के पीछे सिर्फ ये एक वजह नहीं, बल्कि अन्य कई कारण भी हैं. ऐसे में क्या ये Gold खरीदने का सही समय है?

    सावन के महीने में सोना सस्ता हो गया है और सावन के पहले सोमवार से अब तक Gold Price में हुए बदलाव पर नजर डालें, तो ये 72000 के पार से गिरते हुए 68,000 के आस-पास कारोबार कर रहा है. वहीं बीते 12 दिनों का डेटा देखें तो 17 जुलाई को Gold Price 74,731 रुपये प्रति 10 ग्राम था और तब से अब तक ये करीब 9 फीसदी गिर गया है. हालांकि, सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इसमें थोड़ी तेजी जरूर दर्ज की गई है. लेकिन ये अभी भी 69,000 के नीचे बना हुआ है. इस एक हफ्ते की अवधि में गोल्ड रेट 5,000 रुपये के करीब घट (Gold Rate Fall) गया है. IBJA की वेबसाइट के मुताबिक, सोमवार को गोल्ड रेट पर गौर करें तो.24 कैरेट गोल्ड (999) 68,790 रुपये/10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड 67,140 रुपये/10 ग्राम 20 कैरेट गोल्ड 61,230 रुपये/10 ग्राम 18 कैरेट गोल्ड 55,720 रुपये/10 ग्राम सोने के साथ ही चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. कस्टम ड्यूटी घटाए जाने के सरकार के फैसले का असर Silver Rate पर भी दिखाई दिया है. 22 जुलाई को चांदी का भाव 89,203 रुपये प्रति किलो चल रहा था, जो कि अब 81,000 के आस-पास ट्रेड कर रहा है. यानी इसमें लगभग 8,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आ चुकी है.

  • Supreme Court on Pension :पेंशन अधिकार है… दान नहीं, लेकिन नियमों के तहत ही दावा किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट..!

    Supreme Court on Pension :पेंशन अधिकार है… दान नहीं, लेकिन नियमों के तहत ही दावा किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट..!

    Supreme Court on Pension
    :पेंशन अधिकार है… दान नहीं, लेकिन नियमों के तहत ही दावा किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट..!
    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पेंशन एक अधिकार है, न कि दान. यह एक संवैधानिक अधिकार है, जिसका कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्ति पर हकदार होता है. हालांकि, पेंशन का दावा तभी किया जा सकता है, जब यह संबंधित नियमों या योजना के तहत स्कीकृत हो. जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने यूपी रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के संघ द्वारा दायर याचिकाओं के पर फैसला सुनाया.
    पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अगर कोई कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत आता है और पेंशन योग्य पद पर नहीं है, तो वह पेंशन का दावा नहीं कर सकता है, न ही कोर्ट नियोक्ता को ऐसे कर्मचारी को पेंशन देने का निर्देश दे सकता है, जो नियमों के तहत कवर नहीं है.
    इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ और खंडपीठ ने विशेष अपीलों और रिट याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि अपीलकर्ता या याचिकाकर्ता पेंशन योग्य पद पर नहीं हैं और इसलिए वे पेंशन पाने के हकदार नहीं हैं. याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.

    हाईकोर्ट ने कहा था कि अपीलकर्ताओं को कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत लाभ सहित सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त होने के बाद भी इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती कि उन्हें पेंशन भी दी जानी चाहिए. यूपी परिवहन निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने तर्क दिया कि सभी अपीलकर्ताओं ने पहले ही कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत सेवानिवृत्ति के बाद लाभ लेने का विकल्प चुना है और उसका लाभ उठाया है, इसलिए उनके वर्तमान दावे को हाईकोर्ट द्वारा सही तरीके से खारिज कर दिया गया है.