बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कलेक्टर कार्यालय में दैनिक वेतनभोगी पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये लेने और कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र देने का मामला सामने आया है।
पीड़ित प्रफुल्ल कुमार दुबे का आरोप है कि मनीष यादव ने उनसे नौकरी लगवाने के नाम पर रकम ली और नियुक्ति पत्र थमा दिया।
जब पीड़ित नियुक्ति पत्र लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, तब उसे कथित तौर पर नियुक्ति पत्र के फर्जी होने की जानकारी मिली।
*नौकरी के नाम पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप*

प्रफुल्ल कुमार दुबे, पिता राजेश कुमार दुबे, के अनुसार मनीष यादव ने उन्हें बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय में दैनिक वेतनभोगी पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। पीड़ित का आरोप है कि इस काम के बदले उनसे 50 हजार रुपये लिए गए और बाद में नियुक्ति पत्र दे दिया गया।
*कलेक्टर कार्यालय पहुंचने पर सामने आया मामला*
पीड़ित के मुताबिक, नियुक्ति पत्र मिलने के बाद वह कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। वहां जानकारी लेने पर उसे पता चला कि नियुक्ति पत्र कथित तौर पर फर्जी है। इसके बाद उसने अपने साथ धोखाधड़ी होने का आरोप लगाया।
दी गई जानकारी के अनुसार, पैसे लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाला मनीष यादव वर्तमान में बिलासपुर के कोनी स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में भृत्य के पद पर पदस्थ हैं।
*शिकायत और जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी*
फिलहाल उपलब्ध जानकारी पीड़ित के आरोपों पर आधारित है। पुलिस में शिकायत दर्ज होने या विभागीय जांच शुरू होने की पुष्टि संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

