Amit Shah Dantewada Visit: बस्तर पंडुम में बोले अमित शाह कहा- अगले चैत्र नवरात्रि से लाल आतंक का सफाया

राजेन्द्र देवांगन
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दंतेवाड़ा– केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को दंतेवाड़ा में आयोजित बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल हुए। मंच पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें पारंपरिक गौर मुकुट पहनाकर स्वागत किया। इसके साथ ही उन्हें कोंडागांव की प्रसिद्ध ढोकरा आर्ट भी भेंट की गई। कार्यक्रम में शाह की प्रमुख बातें लाल आतंक का अंत: अगले चैत्र नवरात्रि तक नक्सलवाद का पूर्ण सफाया हो जाएगा।
बस्तर के राजा की हत्या का आरोप: कांग्रेस के नेतृत्व को राजा की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।
आदिवासी एकजुटता: बस्तर के पंडुम में देशभर के आदिवासी एकत्रित होंगे।

तेंदूपत्ता खरीदी: सरकार सीधे आदिवासियों से ₹5500 प्रति मानक बोरी की दर से तेंदूपत्ता खरीदेगी।
बस्तर का वैश्विक प्रदर्शन: विभिन्न देशों के राजदूतों को बस्तर के विकास और संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।
नक्सल-मुक्त गाँव योजना: नक्सलवाद से मुक्त कराए गए गाँवों को ₹1 करोड़ की विशेष सहायता दी जाएगी।
नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण का आह्वान: सरकार ने हिंसा छोड़ने वाले नक्सलियों को सुरक्षा और पुनर्वास का आश्वासन दिया।
केंद्र-राज्य सहयोग: नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर काम करेंगी।
अमित शाह और सीएम विष्णुदेव साय के बस्तर संबोधन की मुख्य बातें
अगले चैत्र नवरात्रि तक लाल आतंक का अंत: गृहमंत्री अमित शाह ने मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने के बाद कहा – “माता के आशीर्वाद से अगले चैत्र नवरात्रि तक बस्तर से नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा।”

बस्तर पंडुम- आदिवासी एकता का महाकुंभ: अगले साल “बस्तर पंडुम” का भव्य आयोजन होगा, जहां देशभर से आदिवासी समुदाय के लोग एकत्रित होंगे। इस बार ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के 27 हज़ार कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया।
गोलियों की आवाज़ अब स्कूल की घंटियों में बदल रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – “हमने मां दंतेश्वरी के सामने संकल्प लिया है कि बस्तर को नक्सलमुक्त बनाना है। डबल इंजन की सरकार और सुरक्षाबलों की मेहनत से वो दिन दूर नहीं जब यहां दुनिया भर के पर्यटक आएंगे।”
विकास की गारंटी- मोदी सरकार का वादा: पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों तक सड़क, बिजली और पानी पहुंचाया जा रहा है। जिन इलाकों में पहले नक्सली हमले होते थे, वहां अब स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं।
नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण का संदेश: सरकार ने नक्सलियों से आग्रह किया कि वे हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करें। उनके पुनर्वास और सुरक्षा का पूरा प्रबंध किया जाएगा।

बस्तर से नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प- सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “मां दंतेश्वरी की पूजा कर संकल्प लिया है कि नक्सलवाद को खत्म करना है। हमारी डबल इंजन की सरकार इसके लिए पूरी ताकत से लगी है।

गृहमंत्री के मार्गदर्शन में सुरक्षाबल लड़ाई लड़ रहे हैं।” उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम में ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के 27 हजार कलाकार शामिल हुए हैं।

1 साल में बस्तर होगा लाल आतंक से मुक्त- विजय शर्मा
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “अमित शाह जी लौह पुरुष हैं। उन्होंने ठान लिया है कि बस्तर से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया किया जाएगा। अगले 1 साल में बस्तर को लाल आतंक से मुक्त कर दिया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम का आयोजन 32 जनपदों और 7 जिलों में हुआ है। इस बार संभाग स्तरीय आयोजन किया गया, जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है।

तेलंगाना में 86 नक्सलियों ने किया सरेंडर
अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के बीच तेलंगाना के कोत्तागुडम में छत्तीसगढ़ के 86 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। आईजी चंद्रशेखर रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इनमें 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को तेलंगाना सरकार की योजना ऑपरेशन चेयुथा के तहत 25 हजार रुपये सहायता राशि भी दी गई है।

बस्तर में शांति और विकास की दिशा में काम- नेताम
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर पंडुम अब गांव-गांव से निकलकर संभाग स्तर पर पहुंचा है। “हम शांति, विकास और संस्कृति के संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। शाह जी की मौजूदगी से बस्तर को नई ऊर्जा मिल रही है।”

ऐसे हुआ शाह का पारंपरिक स्वागत
गौर मुकुट पहनाकर अमित शाह का स्वागत किया गया
ध्रुवा जनजाति की पारंपरिक सिहाड़ी बीज से बनी माला पहनाई गई

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