“आरक्षण कटौती के खिलाफ पिछड़ा वर्ग समाज का आंदोलन: बस्तर बंद का ऐलान, निकाय और पंचायत चुनावों पर सवाल”

राजेन्द्र देवांगन
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बस्तर : छत्तीसगढ़ में कुछ महीनों बाद निकाय और ग्राम पंचायत चुनाव होने हैं.जिसके लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरे जिले में संपन्न हो चुकी है.लेकिन इस आरक्षण प्रक्रिया को लेकर पिछड़ा वर्ग समाज ने ऐतराज जताया है.जिसे लेकर बस्तर बंद बुलाया गया है.30 दिसंबर को पिछड़ा वर्ग समाज के बस्तर बंद का व्यापस असर देखने को मिला है.

व्यापारियों ने दिया बस्तर बंद को समर्थन : सुबह से ही बस्तर बंद को सफल बनाने के लिए पिछड़ा वर्ग समाज के सदस्य रैली निकालकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने की अपील कर रहे हैं.इस दौरान कई व्यापारियों ने बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखी. जगदलपुर शहर का संजय मार्केट, गोल बाजार और रोड के किनारे मौजूद कई दुकानें बंद हैं.पिछड़ा वर्ग समाज के संभागीय अध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ ने कहा कि विधानसभा-लोकसभा के बाद छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव आगामी दिनों में संपन्न होगा.जिसमें समाज की सीटें काट दी गई है.

इस चुनाव में पिछड़ा वर्ग समाज की सीटों को काटा गया है. आरक्षण की प्रक्रिया में पिछड़ा वर्ग समाज को नुकसान झेलना पड़ा है. जिसके कारण पिछड़ा वर्ग समाज ने 30 दिसंबर को बस्तर संभाग बंद करने का आह्वान किया. सुबह से ही घूम-घूमकर बस्तर बंद को सफल बनाया जा रहा है. इसके बाद धरना प्रदर्शन करके चक्का जाम भी किया जाएगा- तरुण सिंह धाकड़, संभागीय अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग समाज

उग्र आंदोलन की चेतावनी : तरुण सिंह धाकड़ के मुताबिक सरकार को चेतावनी भी दी जाएगी. यदि धरना प्रदर्शन, बस्तर बंद और चक्का जाम के बाद भी पिछड़ा वर्ग समाज की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं देती है तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन पिछड़ा वर्ग समाज करेगा.

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