CG:बांस शिल्प कला से हो रही महिलाओं की कमाई, बढ़ा आत्मविश्वास….

राजेन्द्र देवांगन
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ब्यूरो रिपोर्ट सुरेन कुमार

CG : बांस शिल्प के जरिये आमदनी में हुई बढ़ोत्तरी….
गरियाबंद जिले के ग्राम डोंगरीगांव के अनोज कुमार, ग्राम काजनसरा के दिनेश कुमार, ग्राम पाठसिवनी के चन्द्रप्रकाश, रावणभाठा के टिलोसरी और ग्राम धमनी के सावित्री सोनवानी ने छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा डोंगरीगांव में संचालित बांस शिल्प केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर जॉबवर्क के माध्यम से अपने परिवार की माली हालत में सुधार कर अपनी आर्थिक स्थिति में बढ़ोत्तरी लाने मे कामयाबी हासिल किये है। प्रशिक्षण प्राप्त कर ये लोग बांस के सोफा सेट ,फाइल रेक, चेयर, डायनिंग सेट, कॉर्नर रेक, स्टूल, फ्लॉवर पॉट, चुड़ी हेंगर, लेटर बाक्स एवं गुलदस्ता हेंगल आदि अन्य बांस शिल्प निर्मित कर बाजार में बिक्री कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे है।

इसके अलावा ये लोग मास्टर ट्रेनर के रूप में बांसशिल्प केन्द्र में अन्य प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित भी कर रहे है। आर्थिक रूप से कमजोर पारिवारिक पृष्टभूमि से जुड़े अनोज कुमार, दिनेश कुमार, चन्द्रप्रकाश, टिलोसरी और सावित्री के लिए बॉसशिल्प स्वरोजगार का अच्छा माध्यम बन गया है। आमदनी के जरिया मिल जाने से आज वे प्रसंचितभाव से शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं।

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