नक्सल विरोधी अभियानों में वीरता दिखाने वाले एएसआई विवेक कौशले का निधन

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बस्तर में दो बार मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन, कैंसर से जूझते हुए रायपुर में ली अंतिम सांस

जगदलपुर। नक्सल विरोधी अभियानों में अपनी वीरता का परिचय देने वाले एएसआई विवेक कौशले का मंगलवार को निधन हो गया। कैंसर से पीड़ित विवेक का रायपुर में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर से परिवार सहित पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।

बस्तर में अदम्य साहस का परिचय

जांजगीर-चांपा निवासी विवेक कौशले ने वर्ष 2010 में बस्तर में बतौर आरक्षक अपनी सेवा शुरू की थी। पुलिस और नक्सलियों के बीच बुरगुम में हुई मुठभेड़ में उन्होंने अहम भूमिका निभाई, जिसमें कई नक्सली ढेर हुए थे। उनकी बहादुरी को देखते हुए उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर हवलदार बनाया गया।

दरभा में दूसरी मुठभेड़, दोबारा मिला प्रमोशन

इसके बाद उन्हें कोतवाली थाना भेजा गया, लेकिन नक्सल प्रभावित इलाकों में उनकी वीरता का सिलसिला जारी रहा। दरभा क्षेत्र में हुई एक और बड़ी मुठभेड़ में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे प्रभावित होकर पुलिस विभाग ने उन्हें एक और आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर एएसआई बना दिया।

बीमारी के बाद इलाज के दौरान निधन

प्रमोशन के बाद विवेक कौशले पीपी कोर्स करने के लिए राजनांदगांव गए, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जांच के लिए उनके सैंपल बेंगलुरु भेजे गए, जहां उन्हें कैंसर होने की पुष्टि हुई। रायपुर में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गए।

उनका पार्थिव शरीर गृहग्राम भेज दिया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर पुलिस विभाग के साथियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।

Share This Article