Bilaspur : जहरीली शराब मौत मामले में कच्ची शराब बनाने वाले के घर पर चला बुलडोजर

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बिलासपुर में जहरीली शराब से हुई 9 लोगों की मौत के बाद अब जिला और पुलिस प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है। जिस घर में शराब बनाकर बेची जा रही थी, उस घर पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है।दरअसल, 20 दिन पहले कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम लोफंदी में शराब पीने से एक सप्ताह के भीतर 9 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें जहरीली शराब पीने से मौत की बात सामने आई। जिम्मेदार अधिकारियों ने मौतों के अलग-अलग कारण बताए, जिसमें फूड प्वाइजनिंग भी बताया गया।

अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

वहीं, कांग्रेस की जांच टीम भी गांव पहुंची और नेताओं ने कहा कि, बीजेपी और प्रशासन गुमराह कर रहा है। कांग्रेस की जांच टीम को मृतकों के परिजनों ने भी बताया कि उनकी मौत शराब पीने से हुई है। वहीं, यह भी पता चला था कि पड़ोसी गांव घुटकू से शराब की सप्लाई होती थी। लोफंदी के जिस कोमल लहरे की मौत हुई, वह घुटकू से शराब लेकर आता था। वह 21 जनवरी को शराब बेचने के मामले में ही जेल गया था और उसके साथ घुटकू की बंदे लोनिया को भी जेल भेजा गया था

शराब कोचिया के बेजा मकान पर चला बुलडोजर, फैक्ट्री जमींदोज

लोफंदी में हुई मौतों को लेकर प्रशासन ने अलग-अलग कारण बताए लेकिन 20 दिनों बाद घुटकू में कोचिया के घर पर धावा बोल दिया। वहीं अब बाकी कोचियों के खिलाफ भी कार्रवाई का दावा किया जा रहा है।

महुआ शराब का हॉट-स्पॉट बना घुटकू गांव अवैध शराब का हॉट-स्पॉट बन चुका है। यहां एक ऐसी शराब फैक्ट्री का पता प्रशासन को चला जिसे केदार लोनिया नामक कोचिया अवैध रूप से बनाए गए मकान पर चलाता था। पक्का मकान सरकारी जमीन पर बनाया गया था।

महुआ शराब का हॉट-स्पॉट बना घुटकू

इस मकान पर आबकारी और पुलिस की टीम कई बार छापेमारी कर चुकी है। बार-बार कार्रवाई के बाद भी कोचिया शराब बनाने से बाज नहीं आ रहा था, जिस पर एसपी रजनेश सिंह ने कलेक्टर अवनीश शरण को सख्त कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था। जिसके बाद सोमवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मकान को बुलडोजर से तोड़ दिया। वहीं उसकी फैक्ट्री को जमींदोज कर दिया।

बताया जा रहा है कि शराब कोचिया केदार लोनिया ने तीन-चार साल पहले गांव के सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कर पक्का मकान बना लिया था। इस मकान का उपयोग वह अवैध शराब बनाने के लिए करता था और आस-पास के गांवों में शराब भी बेचा करता था।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाया था मकान

इस जगह पर अवैध रूप से लोगों को शराब भी पिलाया करता था। कलेक्टर के निर्देश पर सोमवार को तहसीलदार श्रद्धा सिंह के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की टीम ने गांव पहुंचकर बेजा कब्जा को बुलडोजर से ढहा दिया।

बता दें कि केदार लोनिया के विरूद्ध आबकारी एक्ट सहित 4 अपराध दर्ज हैं। इस केस में अभी वो जेल में है।

Share This Article