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  • कुंभ मेला में राउरकेला पुलिस की सेवा और सहयोग

    कुंभ मेला में राउरकेला पुलिस की सेवा और सहयोग

    राउरकेला, बंडामुंडा और चक्रधरपुर रेल मंडल के आरपीएफ जवान और टिकट निरीक्षक आगामी कुंभ मेला में श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी निभाएंगे। यह कदम रेलवे प्रशासन की ओर से कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    आरपीएफ और टीटीई की तैनाती

    • आरपीएफ जवानों की संख्या: राउरकेला आरपीएफ पोस्ट से छह और बंडामुंडा आरपीएफ पोस्ट से पांच जवानों को कुंभ मेला में ड्यूटी के लिए भेजा जा रहा है।
    • टीटीई की संख्या: राउरकेला रेलवे स्टेशन के सात टिकट निरीक्षकों को भी कुंभ मेले में सेवा के लिए तैनात किया गया है।
    • क्षेत्रीय तैनाती: दक्षिण पूर्व जोन से कुल 106 टिकट निरीक्षक कुंभ मेले में तैनात होंगे, जिनमें चक्रधरपुर मंडल के 23 टीटीई शामिल हैं।
    • आरपीएफ बल: चक्रधरपुर मंडल से 60 आरपीएफ जवान और अधिकारी कुंभ मेले में अपनी सेवाएं देंगे। इनमें दो खोजी कुत्ते भी शामिल होंगे जो मेले के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

    ड्यूटी का समय और दायित्व

    • टीटीई की ड्यूटी: टिकट निरीक्षक 11 से 16 दिसंबर तक कुंभ मेले में अपनी सेवाएं देंगे। वे श्रद्धालुओं के लिए टिकट जांच, दिशा-निर्देश और यातायात प्रबंधन में मदद करेंगे।
    • आरपीएफ की ड्यूटी: आरपीएफ जवान 18 दिसंबर को कुंभ स्नान समाप्त होने तक सुरक्षा ड्यूटी पर रहेंगे। इनका मुख्य दायित्व मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटना होगा।

    रेलवे प्रशासन की तैयारी

    रेलवे प्रशासन ने कुंभ मेले में ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों के लिए निर्देश पत्र संबंधित विभागों को जारी कर दिए हैं। तैनाती के लिए चुने गए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार किया गया है।

    विशेष सेवाएं और सहयोग

    • श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
    • टीटीई और आरपीएफ की टीम श्रद्धालुओं को सही मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेगी।
    • खोजी कुत्तों की तैनाती से मेले की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

    निष्कर्ष

    कुंभ मेला में राउरकेला और चक्रधरपुर मंडल के रेल कर्मचारियों और आरपीएफ जवानों की तैनाती श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। यह तैनाती न केवल रेलवे के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाएगी, बल्कि मेले की सफलता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला: वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा, डीपफेक सामग्री हटाने का निर्देश

    दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला: वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा, डीपफेक सामग्री हटाने का निर्देश

    दिल्ली हाई कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की: डीपफेक सामग्री हटाने का निर्देश

    नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उनके खिलाफ बनाए गए डीपफेक कंटेंट को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि उनके नाम, चेहरे, छवि, आवाज, तस्वीर, वीडियो आदि का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या डीपफेक तकनीक के माध्यम से बिना उनकी लिखित सहमति के किसी भी प्रकार के व्यावसायिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

    यह आदेश जस्टिस अमित बंसल की पीठ ने दिया, जिसमें 8 प्रतिवादी व्यक्तियों और संस्थाओं को निर्देशित किया गया है।

    रजत शर्मा ने याचिका में किए गंभीर आरोप

    रजत शर्मा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उनके व्यक्तित्व और छवि का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। AI तकनीक के माध्यम से उनके चेहरे और आवाज़ को बदलकर नकली वीडियो बनाए गए हैं, जिनमें झूठी स्वास्थ्य जानकारी भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की सामग्री उनके शो ‘आज की बात: रजत शर्मा के साथ’ के फुटेज और इंडिया टीवी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क का उल्लंघन कर रही है।

    फर्जी कंटेंट हटाने का आदेश

    कोर्ट ने Meta Platforms Inc. (फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी) को निर्देश दिया कि वे तुरंत डीपफेक और अन्य फर्जी सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म से हटाएं। कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता को भविष्य में किसी अन्य फर्जी वीडियो या सामग्री का पता चलता है, तो वे Meta Platforms से संपर्क कर उसे ब्लॉक या हटाने का अनुरोध कर सकते हैं।

    प्रारंभिक जांच में याचिकाकर्ता के पक्ष में मामला

    कोर्ट ने कहा कि याचिका के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला रजत शर्मा के पक्ष में है। यह स्पष्ट किया गया कि अगर इस प्रकार की सामग्री को प्रसारित होने दिया गया, तो इससे रजत शर्मा की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति हो सकती है।

    मामले की अगली सुनवाई 3 अप्रैल 2025 को होगी

    कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 अप्रैल 2025 की तारीख तय की है। इस मामले में रजत शर्मा की ओर से सीनियर वकील साईकृष्ण राजगोपाल, दिशा शर्मा, स्नेहिमा जौहरी और दीपिका पोखरी ने उनका पक्ष रखा।

    निष्कर्ष

    यह आदेश व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते दुरुपयोग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रजत शर्मा ने इस आदेश का स्वागत करते हुए इसे एक सकारात्मक दिशा में कदम बताया।

  • कोतवाली थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक की दबंगई, दुष्कर्म का केस वापस लेने पीड़िता पर बना रहा दबाव

    कोतवाली थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक की दबंगई, दुष्कर्म का केस वापस लेने पीड़िता पर बना रहा दबाव

    बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक तेज कुमार रात्रे ने मंगला की रहने वाली महिला के साथ फेसबुक में दोस्ती की, फिर उसका पुलिस क्वार्टर में ले जाकर बलात्कार किया. पीड़िता ने मामले में प्रधान आरक्षक तेज कुमार रात्रे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. फिर दर्ज होने के बाद आरोपी प्रधान आरक्षक ने महिला के पति को जान से मारने एक्सीडेंट कर दिया. इस मामले में भी पीड़िता ने प्रधान आरक्षक के खिलाफ एक्सीडेंट का मामला दर्ज कराया है.

    प्रधान आरक्षक तेज कुमार रात्रे
    पीड़ित महिला का आरोप है कि आरोपी प्रधान आरक्षक तेज कुमार रात्रे लगातार उसे कैसे वापस लेने धमकी दे रहा है. और नहीं लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है. मामले में पीड़िता ने उच्च अधिकारियों से दोषी प्रधान आरक्षक तेज कुमार रात्रे के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की गुजारिश की है.

    आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ थाने में मामला दर्ज होने के बाद भी, वह कोतवाली थाने में बना हुआ है. और लगातार पीड़िता को केस वापस लेने और वर्दी का खौफ दिखाकर लगाकर धमकी दे रहा है.

  • अबुझमाड़ में विकास की नई किरण: नारायणपुर के कच्चापाल में नक्सल विरोधी अभियान के तहत नया कैंप स्थापित

    अबुझमाड़ में विकास की नई किरण: नारायणपुर के कच्चापाल में नक्सल विरोधी अभियान के तहत नया कैंप स्थापित

    नारायणपुर जिले के घोर नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में विकास और सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। अबुझमाड़ के कच्चापाल गांव में 18 दिसंबर को नक्सल विरोधी अभियान के तहत नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया। यह इस वर्ष का सातवां नया कैंप है, जो न केवल क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि विकास कार्यों को भी गति प्रदान करेगा।

    नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर का सपना

    कच्चापाल में नवीन कैंप का उद्घाटन नारायणपुर पुलिस के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। इस पहल का उद्देश्य नक्सल उन्मूलन अभियान “माड़ बचाव” के तहत ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करना और क्षेत्र में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

    • स्थापना की भूमिका:
      इस कैंप की स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फाइटर और बीएसएफ की 133वीं, 135वीं, 162वीं, और 11वीं वाहिनी की अहम भूमिका रही।
    • स्थान:
      नवीन कैंप कच्चापाल, थाना कोहकामेटा, ओरछा ब्लॉक के अबुझमाड़ क्षेत्र में स्थित है।

    विकास कार्यों को मिलेगी गति

    नवीन कैंप की स्थापना से आसपास के गांवों में विकास कार्यों का दायरा बढ़ेगा।

    • मूलभूत सुविधाएं:
      सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, और मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं अब तेजी से विकसित होंगी।
    • नियद नेल्ला नार योजना:
      केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्राथमिकता से पांच गांवों तक पहुंचाने की तैयारी है।

    ग्रामीणों में उत्साह और सुरक्षा का माहौल

    नक्सल विरोधी अभियान के चलते अब क्षेत्र के लोग भयमुक्त होकर जीने लगे हैं।

    • भय से मुक्ति:
      ग्रामीणों के बीच नक्सली हिंसा का डर कम हुआ है, और वे अब अपने विचारों को खुलकर व्यक्त कर पा रहे हैं।
    • समस्या निवारण शिविर:
      जन समस्या निवारण शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

    सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई

    सुरक्षा बलों ने कच्चापाल के कैंप स्थापना के साथ-साथ कोहकामेटा-ईरकभट्टी-कच्चापाल-तोके-कुतुल मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षित बनाने में सहयोग किया है।

    • सघन अभियान:
      क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल विरोधी अभियानों को और तेज किया जा रहा है।
    • अधिकारियों की भागीदारी:
      पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुडिया, और बीएसएफ के नवल सिंह सेनानी समेत अन्य अधिकारियों ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर कैंप की स्थापना सुनिश्चित की।

    भविष्य की उम्मीदें

    नारायणपुर में इस तरह के कैंपों की स्थापना ने न केवल नक्सल उन्मूलन में तेजी लाई है, बल्कि ग्रामीणों को विकास और सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया है।
    कच्चापाल में नया कैंप नक्सल मुक्त और सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। ग्रामीणों ने सरकार और सुरक्षा बलों के इस प्रयास की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि यह पहल उनके जीवन में स्थायी सुधार लाएगी।

  • Gariyaband Panther Attack-मौत’ से भिड़ गई मां, हमला करने वाले तेंदुए को भी कर लिया कैद

    Gariyaband Panther Attack-मौत’ से भिड़ गई मां, हमला करने वाले तेंदुए को भी कर लिया कैद

    गरियाबंद में मवेशी चराने गए युवक पर किया हमला।
    फिर मासूम को शिकार बनाने की फिराक में था तेंदुए।
    बच्ची की मां ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए को पकड़ा।
    एक मां अपने बच्चे की रक्षा के लिए दुनिया के किसी भी खतरे से भिड़ सकती है। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां एक मां अपने बच्चे को बचाने के लिए मौत रूपी तेंदुए से भिड़ गई।

    अपनी बेटी को मौत के मुंह से खींच लाने के साथ तेंदुए को कैद भी कर लिया। जानकारी के अनुसार, सोमवार को ग्राम बारूका में सुबह करीब साढ़े 10 बजे 34 साल का मनहरन यादव जंगल में मवेशियों को चराने गया था। उस पर तेंदुए ने हमला कर दिया।

    किसी तरह से जान बचाकर लौटे मनहरन यादव ने गांव लौटकर घटना की जानकारी दी। उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    तीन साल की बच्ची पर किया हमला
    इसके बाद तेंदुआ दोपहर के वक्त गांव में घुस आया और एक घर के आंगन में खेल रही तीन वर्षीय बच्ची को निशाना बनाया। तेंदुए ने बच्ची को उठाने की कोशिश की। मगर, परिजनों की चीख-पुकार और हल्ला सुनकर वह भाग खड़ा हुआ।

    हालांकि, कुछ देर बाद तेंदुआ फिर लौटकर उसी घर के पास पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई। तेंदुए की वापसी से डरी-सहमी बच्ची की मां ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई। उसने तेंदुए को काबू में करने की योजना बनाई। महिला ने वालीबॉल का नेट इस्तेमाल कर तेंदुए को फंसाने में सफलता पाई, इस दौरान ग्रामीणों ने भी उसका साथ दिया और उसे पकड़ लिया।

    तीन घंटे तक चला रेस्क्यू तेंदुए को पकड़ने के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। लगभग तीन तीन घंटे तक चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद तेंदुए को पिंजरे में बंद कर रायपुर के जंगल सफारी भेज दिया गया।

  • 19 जिलों में शीतलहर का कहर: बलरामपुर सबसे ठंडा, बस्तर संभाग में बारिश के आसार

    19 जिलों में शीतलहर का कहर: बलरामपुर सबसे ठंडा, बस्तर संभाग में बारिश के आसार

    छत्तीसगढ़ में शीतलहर का कहर: 19 जिलों में अलर्ट, बलरामपुर सबसे ठंडा, बस्तर में बारिश के आसार

    छत्तीसगढ़ में उत्तर से आ रही शुष्क हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने 19 जिलों में अगले दो दिनों के लिए कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है।

    बलरामपुर सबसे ठंडा

    प्रदेश में बलरामपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.3 डिग्री कम है। जशपुर के बगीचा में खुले मैदानों में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गईं।

    बस्तर संभाग में बारिश की संभावना

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 17 दिसंबर से प्रदेश में नमी बढ़ेगी, जिससे हल्के बादल छा सकते हैं। 18 दिसंबर को बस्तर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं।

    मैदानी इलाकों में ठंड का असर

    रविवार को दुर्ग सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है। राजनांदगांव में तापमान 8.5 डिग्री दर्ज हुआ। ठंड के कारण सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी भी कम रही।

    रायपुर में शीतलहर का असर

    रायपुर में रात का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। रायपुर नगर निगम ने प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। मंगलवार से तापमान स्थिर होने की संभावना है।

    बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान

    ठंड के चलते बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल बेहद जरूरी है। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और गुनगुने तेल से मालिश करें। बुजुर्गों को घर में रखें और बैलेंस्ड डाइट खिलाएं।

    अमरकंटक और मैनपाट में भी ठंड का असर तेज हो गया है। वहां पत्तियों और टहनियों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं।

    छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन ठंड का प्रकोप जारी रहेगा, लेकिन 18 दिसंबर से हल्की राहत मिलने की संभावना है।

  • बुर्जुग मां को बेटा-बहू करते थे परेशान- छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने दी न्यायालय जाने की सलाह

    बुर्जुग मां को बेटा-बहू करते थे परेशान- छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने दी न्यायालय जाने की सलाह

    रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगणों श्रीमती सरला कोसरिया, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं सुश्री दीपिका शोरी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर आज 295…. वी. सुनवाई हुई। रायपुर जिले में 141 वी. जनसुनवाई ।

    आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया की उसे कार्यस्थल पर अनावेदकगणों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था, आवेदिका अनावेदकगणों की संस्था में 15 वर्षों से कार्यरत् है।

    स्कूल की अध्यक्ष जो आवेदिका से साथ कार्य कर रही थी उसे अनावेदकगणों ने जांच में गडबडी पाये जाने पर कार्य से निकाल दिया, जिसकी सूचना आवेदिका को नही थी। आवेदिका ने बताया कि अनावेदकगणों द्वारा हिसाब मांगने व हस्ताक्षर को लेकर आवेदिका के साथ गाली-गलौच व मारपीट किया और आवेदिका को 1 माह का वेतन भी नही दिया गया। आयोग ने यह निर्देश दिया कि दोनो पक्ष अपने अपने दस्तावेज लेकर आयोग में उपस्थित हो ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

    एक प्रकरण के दौरान बुर्जुग आवेदिका ने बताया कि उसका बेटा-बहू उससे दुर्व्यव्हार करते है और आवेदिका के नाम के मकान में ही निवास कर शारीरिक व मानसिक रूप से अत्याचार कर रहे है। आयोग ने कहा कि ऐसी स्थिति में दोनो अनावेदक (बेटा-बहू) के खिलाफ आवेदिका घरेलू हिंसा का मामला न्यायालय में दर्ज करवा सकती है व आयोग ने अनावेदकगणों को समझाईश देते हुए कहा कि वह तत्काल आवेदिका के मकान को खाली करें अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।

    एक प्रकरण में अनावेदक ने आवेदिका के दोनो बच्चों 2 वर्ष और 4 माह को आवेदिका से छीनकर अपने पास रख लिया था. आयोग के द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए अनावेदक को बुलाया गया। अनावेदक अपने 2 वर्ष के बच्चे को लेकर उपस्थित हुआ और 4 माह के बच्चे को वह झांसी से 200 कि.मी. दूर अपनी बुआ के पास छोड़ आया है। आयोग की समझाईश पर दोनो पक्ष साथ रहने को तैयार है। अनावेदक को निर्देशित किया गया कि 13.12.2024 को अपने 4 माह के बच्चे को लेकर आयोग में उपस्थित हो, तब प्रकरण पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा।

    एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि आवेदिका की मां ने मकान उसके नाम पर रजिस्ट्री किया था, लेकिन अनावेदकगण आवेदिका से गुंडागर्दी करते है इसलिए आवेदिका मकान में नहीं रह पा रही है। अनावेदिका का कहना है कि आवेदिका ने अपनी मां से धोखे से रजिस्ट्री करवाई थी। आयोग ने कहा कि आगामी सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सभी अनावेदकगणों को उपस्थित किया जाना अनिवार्य है ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

    अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों को सुना गया जिसमें आवेदिका ने बताया कि आवेदिका के नाम के मकान में अनावेदक (पति) रहता है उनकी 23 वर्ष की पुत्री है। आवेदिका ने कहा कि अनावेदक (पति) उससे दुर्व्यवहार करता है। आयोग के सामने भी अनावेदक ने बत्तमीजी से बात किया जिसे आयोग के सदस्यों ने भी देखा। अगली सुनवाई में आवेदिका और अनावेदक को अपनी पुत्री को आयोग में उपस्थित करने को कहा गया, जिससे प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

  • महिला पत्रकार से दुर्व्यवहार का मामला, आयोग ने टीआई और CSP को SP के मार्फत किया तलब

    महिला पत्रकार से दुर्व्यवहार का मामला, आयोग ने टीआई और CSP को SP के मार्फत किया तलब

    रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगणों श्रीमती सरला कोसरिया, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं सुश्री दीपिका शोरी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर आज 294…. वी. सुनवाई हुई। रायपुर जिले में 140 वी. जनसुनवाई।

    आज के एक प्रकरण के दौरान दोनो पक्षों को सुना गया। आवेदिका ने बताया कि दोनो पक्षों का तलाक हो चुका है और अनावेदक ने दूसरा विवाह कर लिया है। अनावेदक ने बताया कि वह अपने बेटे का खर्च वहन कर रहा है। और गुढियारी का मकान आवेदिका के नाम से कर दिया है लेकिन मकान की रजिस्ट्री अब तक नही हुई है। आवेदिका मानसिक समस्या के कारण अपनी स्थिति को व्यक्त नहीं कर पा रही है। इसलिए आगामी सुनवाई में आवेदिका के परिवार से उसके भाई को बुलाया जायेगा ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

    एक अन्य प्रकरण में आवेदिका एवं अनावेदक (पति) उपस्थित हुए, उनके के दो बच्चे 19 वर्ष और 15 वर्ष के है। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक (पति) का अन्य महिला से अवैध संबंध है जिसे अनावेदक (पति) ने आयोग के समक्ष स्वीकार किया। आवेदिका और अनावेदक पति-पत्नी है उनका तलाक नहीं हुआ है। और दूसरी महिला भी विवाहित है और उसका भी तलाक नहीं हुआ है। ऐसी दशा में अनावेदक के गलत आचरण से दो परिवार तहस-नहस हो रहे है। और दोनो परिवार के कुल 6 बच्चों का जीवन बर्बाद हो रहा है। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक (पति) किसी तरह से आवेदिका व बच्चों को भरण-पोषण नहीं देता है। साल में सिर्फ 1 दिन के लिए अपने परिवार से मिलने आता है। आगामी सुनवाई में अनावेदिका दूसरी पत्नी और उसके सभी अनावेदकगणों की उपस्थिति एस.पी. के माध्यम से कराये जाने का निर्देश दिया गया ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

    अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदक ने उससे 1 लाख रू. नगद लिया था और 2018 में वापस करने के लिए लिखित इकरारनामा में हस्ताक्षर किया था, लेकिन आज दिनांक तक उसने रूपये वापस नहीं दिये है। आयोग की सुनवाई के दौरान अनावेदक ने यह स्वीकार किया कि वह आवेदिका को राशि वापस करेगा, लेकिन आज अपने बयान से मुकर रहा है। इकरारनामा दिखाये जाने पर अनावेदक ने पुनः स्वीकार किया कि उसने यह एग्रीमेंट किया था. इससे यह स्पष्ट है कि अनावेदक ने आवेदिका को धोखा देने के उद्देश्य से 1 लाख रू. लिये तथा आज दिनांक तक वापस नहीं किया है। अनावेदक ने आयोग के समक्ष अपनी गलती स्वीकार की। आयोग ने आवेदिका को यह निर्देश दिया कि वह उसके साथ हुए धोखाधड़ी व 1 लाख रू. वसूली की राशि का दीवानी एवं अपराधिक मामला न्यायालय एवं थाने में दर्ज करवाये। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।

    एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदक के शो रूम से उसने ई-रिक्शा खरीदा था, लेकिन उसकी बैटरी पुरानी थी, बैटरी खराब हो गई। आवेदिका इसकी शिकायत लेकर वापस शो-रूम गई लेकिन आवेदिका को ई-रिक्शा की नई बैटरी नहीं दिया गया। आवेदिका ने बताया कि लगभग 5 माह से ई-रिक्शा खडी है। गाडी की बैटरी खराब होने से उसका रोजगार ठप हो गया है। बैंक का ब्याज भी बढ़ रहा है। आवेदिका ने बताया कि बैटरी की गारंटी कार्ड में दूसरे का नाम लिखा है. जब गाडी आवेदिका की है तो उसमें दूसरे का नाम लिखा होना अनावेदक की गलत मानसिकता को दर्शाता है। अनावेदक लगातार बहाने बनाकर बचने का प्रयास कर रहा था, फिर अपनी गलती मानी और 1 माह में आवेदिका को नयी बैटरी व आर.टी.ओ का राशि दिलाने स्वीकार किया।

    एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया की अनावेदक के द्वारा उसे डंडे से पीटा गया और छेडछाड कर गंदी गंदी गालिया दी गई, जिसकी शिकायत आवेदिका ने महिला आयोग में की, आवेदिका पेशे से पत्रकार है और उसे अनावेदक सी.एस.पी. द्वारा पत्रकार शब्द हटाने के लिए धमकाया गया, चूकिं इस प्रकरण में अनावेदक पक्ष अनुपस्थित रहा इसलिए आयोग के द्वारा अनावेदक को उपस्थित करने के लिए पुलिस अधीक्षक रायपुर को पत्र भेजे जाने का निर्देश दिया गया, जिससे प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

    एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदक (पति) ने आवेदिका से बिना तलाक लिये अन्य महिला को अपने साथ रखा है। जिसे अनावेदक ने स्वीकार किया और आयोग के समक्ष आवेदिका से कान पकड़कर माफी मांगी और साथ रहने की बात स्वीकार की। दूसरी महिला आवेदिका के पति के साथ अवैध रूप से रह रही थी। दूसरी महिला के पास रहने का कोई सुरक्षित स्थान नही है इसलिए आयोग द्वारा दूसरी महिला को सुरक्षा की दृष्टि से और सुधरने का मौका देकर 2 माह के लिए नारी निकेतन भेजने का आदेश दिया।

  • छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड; 5 डिग्री तक गिर पारा- उत्तर से आ रही ठंडी हवा

    छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड; 5 डिग्री तक गिर पारा- उत्तर से आ रही ठंडी हवा

    रायपुर -उत्तर से आ रही ठंडी हवा, पांच डिग्री तक पारा गिरने से बढ़ेगी सर्दी सुबह के समय में कोहरा छाए रहने के साथ ही दिनभर ठंडी हवाएं भी चलेंगी। फोटो- प्रतीकात्मक।

    तापमान में गिरावट का दौर उत्तर से दक्षिण की तरफ होगा।
    प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज। न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज।
    रायपुर। मौसम में एक बार फिर परिवर्तन का दौर शुरू हो रहा है। उत्तर की ओर से ठंडी हवाओं का आना शुरू होने के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर भी मंगलवार से शुरू हो गया है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार, नम हवाओं का आगमन अब कम हो गया ह।

    उत्तर की ओर से ठंडी हवाएं लगातार आ रही हैं। इसकी वजह से अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने के आसार हैं। वहीं, गिरावट का दौर उत्तर की ओर से शुरू होगा। इसके बाद ठंडी हवाओं का प्रभाव मध्य छत्तीसगढ़ में, जबकि अंत में दक्षिणी छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा।

        दुर्ग में रहा सबसे ज्यादा तापमान
    यानी कि अगले दो से तीन दिनों में अच्छी ठंड देखने को मिलेगी। सुबह के समय में कोहरा छाए रहने के साथ ही दिनभर ठंडी हवाएं भी चलेंगी। इसी बीच सोमवार को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई।

    इसमें रायगढ़ के मुकड़ेगा में 9.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं, प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में, जबकि न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

          अब यह बन रहा है सिस्टम
    उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन प्रारंभ होने की संभावना है, जिसके कारण प्रदेश में मौसम शुष्क रहने संभावना है। साथ ही न्यूनतम तापमान में लगातार अगले चार दिनों तक गिरावट रहने की संभावना है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में चार डिग्री सेल्सियस के आसपास गिरावट संभावित है। वहीं, सरगुजा संभाग में 2-3 डिग्री सेल्सियस गिरावट संभावित है।

         दिसंबर में गर्मी सामान्य
    मौसम विज्ञानियों के अनुसार दिसंबर में लगभग हर वर्ष हल्की गर्मी देखने को मिलती है। मगर, इसके बाद ठंडी हवाओं का आगमन तेज होता है। वहीं, पिछले तीस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान लगभग सभी केंद्रों में सामान्य औसत से ज्यादा है।

    यह दुर्ग में 3.5 डिग्री, अंबिकापुर में 2.3 डिग्री, बिलासपुर में 1.8 डिग्री, पेंड्रा रोड में 1.7 डिग्री, रायपुर में 1.4 डिग्री और जगदलपुर में सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक है। न्यूनतम तापमान उतार-चढ़ाव भरा : इसके अलावा न्यूनतम तापमान उतार चढ़ाव भरा है।

    यह रायपुर में सर्वाधिक 5.9 डिग्री, अंबिकापुर में 3.3 डिग्री, बिलासपुर में 2.8 डिग्री, पेंड्रा रोड में 1.8 डिग्री सेल्सियस तक सामान्य औसत से अधिक है। वहीं, दुर्ग में यह 1.6 डिग्री और जगदलपुर में 1.8 डिग्री सेल्सियस सामान्य औसत से कम है।

  • CG BREAKING : अग्निवीर भर्ती में अभ्यर्थी की मौत, दौड़ पूरी करने के बाद गिरा और फिर नहीं उठा युवक

    CG BREAKING : अग्निवीर भर्ती में अभ्यर्थी की मौत, दौड़ पूरी करने के बाद गिरा और फिर नहीं उठा युवक

    रायगढ़। बोईरदादर स्टेडियम में जारी अग्निवीर भर्ती रैली के संबंध में, सेना के आयोजको के माध्यम से प्राप्त प्राथमिक जानकारी अनुसार, 09 दिसंबर 2024 सोमवार को मनोज कुमार साहू, पिता अनिल कुमार साहू, उम्र 20 वर्ष, पता-ग्राम-खोरपा, ब्लॉक / तहसील – अभनपुर, जिला-रायपुर (छ.ग.) द्वारा, आर्मी भर्ती केन्द्र स्टेडियम रायगढ़ में प्रथम स्टेज 1600 मी. की दौड़ सफलता पूर्वक पूर्ण किया। प्रथम चरण पूर्ण करने के तत्काल पश्चात् अगले चरण में बायोमेट्रिक लगाने से पहले अचानक, मैदान में गिर गया।

    डॉक्टरों और परिजनों ने बताया अभ्यर्थी सिकल सेल से था ग्रसित
    अभ्यर्थी को तत्काल स्टेडियम में मौजूद जिला स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल टीम के द्वारा मौके पर ही जांच किया गया। जिसमें मौके पर मौजुद चिकित्सको द्वारा प्रारंभिक जांच पश्चात् पाया गया कि अभ्यर्थी को सांस लेने में काफी दिक्क्त हो रही थी। अभ्यर्थी का SPO2 ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल लगातार कम हो रहा था, जिसके कारण अभ्यर्थी सचेत परंतु डिसओरीयेंटेड पाया गया। उसे तत्काल मेडिकल ऑक्सीजन प्रदाय के साथ प्राथमिक चिकित्सा प्रदाय करते हुए एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय, रायगढ़ रिफर किया गया। जहां अभ्यर्थी बेहोश अवस्था में लाया गया जिसे इन्ट्यूबेट एवं स्टेबल करते हुए हायर सेंटर मेडिकल कॉलेज, रायगढ़ भेजा गया। जहाँ रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के विशषज्ञो की टीम के द्वारा समुचित ईलाज किया गया। परंतु अभ्यर्थी की स्थिति अति गंभीर होने के कारण दिनांक 09 दिसंबर 2024 को रात्रि 11:35 बजे मृत्यु हो गई। परिजनो के कथनानुसार एवं चिकित्सको के जांच अनुसार यह पाया गया कि, अभ्यर्थी मनोज कुमाार साहू पूर्व से सिकलसेल बीमारी से ग्रसित था।

    परिजनो की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सको की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसके पश्चात् परिजन को शव सुपुर्द करके तहसीलदार एवं सीईओ जनपद के साथ गृह ग्राम खोरपा, तह-अभनपुर जिला रायपुर भेजा गया। जिला प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। एवं मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी 10 लाख रूपयें के आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा।