Tag: कांकेर

  • कांकेर में वरिष्ठता का धौंस दिखाकर पत्रकार से बदसूलकी “अश्लील गाली गलौच ..जान से मारने की धमकी से डरे सहमे पत्रकार ने कोतवाली में की शिकायत..!

    कांकेर में वरिष्ठता का धौंस दिखाकर पत्रकार से बदसूलकी “अश्लील गाली गलौच ..जान से मारने की धमकी से डरे सहमे पत्रकार ने कोतवाली में की शिकायत..!

    कांकेर :- कांकेर जिले में।हुए नक्सली मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के शव को मेडिकल कालेज कांकेर में रखे जाने के बाद कवरेज के लिए गए कांकेर जिला पत्रकार संघ के सदस्य के साथ स्थानीय पत्रकार के साथ वाद विवाद हो गया ।वाद विवाद के बाद स्थानीय पत्रकार अपने आप को वरिष्ठ पत्रकार का धौंस बताकर जबरदस्ती पत्रकार मोनू ठाकुर को अश्लील गाली गालौच देते हुए धक्का मुक्की देते हुए मोनू ठाकुर पत्रकार की गरिमा को ठेस पहुंचाया है। जिसका कांकेर ज़िला पत्रकार संघ कांकेर के अध्यक्ष सतीश यादव ने पत्रकार विजय पांडे के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके साथ ही कांकेर जिला पत्रकार संघ के सदस्य मोनू ठाकुर के साथ वरिष्ठता का धौंस दिखाने वाले पत्रकार विजय पांडे के खिलाफ निंदा प्रस्ताव का समर्थन वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला एवं स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन छ.ग. रायपुर के अध्यक्ष पी.सी. रथ, संगठन सचिव सुधीर ताम्बोली आजाद के द्वारा भी किया गया है।
    इस घटना के बाद पत्रकार मोनू लोकेंद्र सिंह ठाकुर ने पत्र के माध्यम से बताया कि मैं और मेरे अन्य पत्रकार साथी कांकेर के पलनार में हुए नक्सली मुठभेड़ में मारे गए
    नक्सलियों के शव की कवरेज के लिए 18 अप्रैल 2024 को नांदनमारा कांकेर स्थित मेडिकल कालेज में समाचार कवरेज के दौरान पत्रकार विजय पांडे के द्वारा वरिष्ठता का धौंस दिखाते हुए मेरे साथ वाद-विवाद एवं अश्लील गाली-गलौज करते हुए अनुचित कृत्य किया गया है।जो कि अशोभनीय व निंदनीय है बताते चलें की उक्त पत्रकार के द्वारा इस प्रकार की घटना को कई बार अंजाम दिए जाने की जानकारी मिली है। लेकिन हमेशा किसी न किसी तरह से बात को दबा दी जाती थी। लेकिन इस बार उक्त पत्रकार ने सारी सीमाओं और गरिमा को खंडित करने का काम किया है। जिसके चलते कांकेर जिला पत्रकार संघ सहित अन्य संगठन ने उक्त पत्रकार के रवैए के खिलाफ़ जमकर आक्रोश पनप रहा है। कांकेर जिला पत्रकार संघ सहित अन्य संगठन ने भी
    पत्रकार विजय पडि के द्वारा किये गये उत्क्त कृत्य का भर्त्सना एवं पुरजोर निंदा करती है। साथ ही पत्रकार विजय पांडे के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए विरोध करती है।
    निदा प्रस्ताव पारित करने वालो में मुख्य रूप से पत्रकार संघ अध्यक्ष सतीश यादव उपाध्यक्ष तनुज सिंह ठाकुर, निपेंद् ठाकुर प्रशांत जोशी योगेंद्र बेस हफीज रिजवी तेजमल नाग महिला पत्रकार मंजू सारथी प्रमिला नेताम दीपेश कोरेटी नरेश सोनी सुनील ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित थे।घटना से क्षुब्द पत्रकार मोनू ने कोतवाली पुलिस में कराई एफआईआर दर्ज
    घटना से क्षुब्द पत्रकार मोनू ठाकुर ने बताया कि घटना के दिन पत्रकार विजय पांडे और उनका सहयोगी आशीष परिहार द्वारा अश्लील गाली गलौच मारपीट सहित जान से मारने की धमकी देने के बाद से पीड़ित पत्रकार मोनू ठाकुर डरे व सहमे हुए है। घटना से भयभीत होकर उन्होंने सर्वप्रथम कोतवाली पुलिस कांकेर में लिखित शिकायत पत्र देकर एफआईआर दर्ज करते हुए कथित पत्रकार पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग किया गया है।

    घटना से क्षुब्द पत्रकार मोनू ने कोतवाली पुलिस में कराई एफआईआर दर्ज
    घटना से क्षुब्द पत्रकार मोनू ठाकुर ने बताया कि घटना के दिन पत्रकार विजय पांडे और उनका सहयोगी आशीष परिहार द्वारा अश्लील गाली गलौच मारपीट सहित जान से मारने की धमकी देने के बाद से पीड़ित पत्रकार मोनू ठाकुर डरे व सहमे हुए है। घटना से भयभीत होकर उन्होंने सर्वप्रथम कोतवाली पुलिस कांकेर में लिखित शिकायत पत्र देकर एफआईआर दर्ज करते हुए कथित पत्रकार पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग किया गया है।

  • बांध निर्माण की मांग को लेकर बासनवही के ग्रामीण पहुंचे कांकेर विधायक निवास ..!

    बांध निर्माण की मांग को लेकर बासनवही के ग्रामीण पहुंचे कांकेर विधायक निवास ..!

    बासनवही के ग्रामीण पहुंचे कांकेर विधायक कार्यालय
    बांध निर्माण को लेकर की मांग।ग्राम पंचायत बासनवही व निकट क्षेत्र में कई पिढि से लगातार बांध निर्माण को लेकर मांग उठ रहि है क्षेत्र में कोई भी जल का स्रोत नहि है जिससे किसान आज भी क्रषि करने में जल के बिना असहज है बांध निर्माण से समूचे कांकेर विधानसभा क्षेत्रों में जल कि पूर्ति किया जा सकता है जिससे रोजगार के अवसर भि प्राप्त हो सकता है जिसको लेकर आज बासनवही के ग्रामीण कांकेर विधायक आसाराम नेताम को अपनि समस्या से अवगत कराया और ज्ञापन सौंपा

    जिस पर विधायक ने किया जल्द से जल्द कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया और कहा कि बासनवही क्षेत्र में बांध निर्माण करवाना मेरी पहली प्राथमिकता है जो कि पिछले 40 से भी ज्यादा वर्ष से गहरि समस्या बनि हुई है ।

  • कांकेर की  महिला पत्रकार हुई सम्मानित..वक्ताओं ने कहा- हर कार्य में सक्षम हैं महिलाएं…!

    कांकेर की  महिला पत्रकार हुई सम्मानित..वक्ताओं ने कहा- हर कार्य में सक्षम हैं महिलाएं…!

      कांकेर की  महिला पत्रकार हुई सम्मानित
    महिला दिवस पर किया गया सम्मानित।
    कांकेर के नरहरदेव स्कूल मे महिला दिवस के अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा कांकेर के उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया जिसमें पत्रकारिता विभाग से कांकेर की  महिला पत्रकार श्रीमती प्रमिला नेताम को सम्मानित किया गया । बता दें कि प्रमिला नेताम पिछले 3 सालो से पत्रकारिता में जुड़कर  काम कर रही है । इनके पति स्वर्गीय नागेश नेताम की 2021 मे कोरोना से मौत हो गई थी जिसके पश्चात उनके ससुराल पक्ष ने भी उन्हें साथ रखने से मना कर दिया उनका एक मात्र  5 वर्षीय  पुत्र  है जिसकी लालन-पालन की विकट समस्या प्रमिला के सामने आ गई लेकर वो कठिनाई से हारी नहीं बल्कि बुरे वक्त को ठेंगा दिखाते हुए अपना हौसला बनाए रखा 

    और पत्रकारिता से जुड़कर अपने कठिन परिश्रम से कांकेर पत्रकारिता में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराया और आज अपने बच्चे को आगे बढाने का दृढ़ संकल्प लेकर आज वो इस मुकाम पर पहुंची है।अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की जिला सचिव श्रीमती प्रमिला नेताम ने सम्मानित होने पर कहा कि यह मेरे बेटे को समर्पित है जो सम्मान आज मुझे प्राप्त हुआ है यह सब मेरे बेटे का प्यार और उसके साथ की वजह से पूरा हो पाया है उसको आगे बढाना ही मेरी जिंदगी का एक मात्र लक्ष्य है।

  • Kanker Naxal News:
    पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़, जवानों को भारी पड़ता देख भाग निकले माओवादी

    पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़, जवानों को भारी पड़ता देख भाग निकले माओवादी..!
     छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि नारायणपुर जिले से सर्चिंग पर निकले डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच कांकेर जिले की सीमा में मुठभेड़ हो गई। सभी जवान सुरक्षित बतााये जा रहे हैं। कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के आलपरस के जंगल में मुठभेड़ हुई है।

     बता दें कि लगभग 15 से 20 मिनट तक मुठभेड़ हुई है। कांकेर पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने कहा कि नारायणपुर जिले की पार्टी के साथ कांकेर जिले की सीमा में मुठभेड़ हुई है। वहीं मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग निकले हैं।

  • कांकेर शहर के भण्डारीपारा वार्ड के प्रायमरी, मिडिल स्कूल में मनाया गया वार्षिक उत्सव हुए विभिन्न कार्यक्रम..?

    कांकेर शहर के भण्डारीपारा वार्ड के प्रायमरी, मिडिल स्कूल में मनाया गया वार्षिक उत्सव हुए विभिन्न कार्यक्रम..?

    कांकेर के भण्डारीपारा वार्ड के प्रायमरी, मिडिल स्कूल में मनाया गया वार्षिक उत्सव हुए विभिन्न कार्यक्रम..!
    कांकेर। शहर के भण्डारीपारा वार्ड के प्रायमरी और मिडिल स्कूल में वार्षिक उत्सव के अवसर पर बच्चो का सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमे बच्चो और टीचरों ने मां सरस्वती के आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुवात की फिर बच्चो ने डांस और नाटक की प्रस्तुति दी साथ जिसका बच्चो और पलको ने खूब आनंद लिया।

    इस अवसर पर स्कूल के स्टाफ  श्रीमती अंजली गुना, सीमा ठाकुर, श्रीमती सीमा सिन्हा,चंद्रभान मरकाम, ,फूलमत टेकाम,मधु लता गोस्वामी इति जैन, रेवती पैकरा श्री शंभू राम शोरी  सरोज नागदौनेकलेंद्री साहू। साथ ही वार्ड पार्षद सुशीला यादव, श्री आनंद चौरसिया राजा पारा वार्ड पार्षद , गडमान्य अतिथि श्री मनोज जोशी, दिनेश यादव, मनोज ठाकुर संत पटेल,नरेंद्र यादव,

    शिवराम यादव, लखन लाल पटेल,  शालिक राम पटेल, गुड्डन कश्यप, जयवीर पटेल, नीरज पटेल, ईश्वर पटेल, किशन यादव, पालक
    परदेसी मंडावी, नत्थू यादव, बबलू यादव, सित्तु यादव, राकेश ठाकुर, मनीष मण्डावी,  उपस्थित थे।

  • महान देशभक्त आडवाणी जी को भारत रत्न सम्मान देने का स्वागत..जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी…!

    महान देशभक्त आडवाणी जी को भारत रत्न सम्मान देने का स्वागत..जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी…!
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    कांकेर । समाज सेवी संस्था “जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी द्वारा एक प्रेस वक्तव्य में कहा गया है कि राम मन्दिर आंदोलन तथा रथयात्रा के प्रणेता, भाजपा को आकार और विस्तार देने वाले दृढ़ स्तंभ, प्रखर राष्ट्रवादी, लोकप्रिय जननेता, मूल्य आधारित राजनीति के सशक्त हस्ताक्षर,उत्कृष्ट प्रशासक भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री श्रद्धेय लालकृष्ण आडवाणी’ को भारत रत्न’ से सम्मानित करने का निर्णय अत्यंत प्रशंसनीय है।
    भारत में राम लखन की जोड़ी अटलजी एवं आडवाणी को भारत रत्न देना गौरवान्वित होने एवं गर्व करने का विषय है। इस हेतु भारत के जनप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार। उल्लेखनीय है कि सन् 1984 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मात्र दो लोकसभा सीटें प्राप्त हुई थीं। इस दो की संख्या को 200 तक पहुंचाने का श्रेय निर्विवाद रूप से लालकृष्ण आडवाणी जी के अनथक परिश्रम को जाता है, जिन्होंने न केवल रथ यात्राएं कीं बल्कि संगठन शक्ति बढ़ाने हेतु संपूर्ण देश का कई बार दौरा किया। यही कारण है कि आज भाजपा अधिकतर राज्यों के साथ-साथ केंद्र में भी सत्ता में है। आडवाणी जी की जीवन संध्या के इस कालखंड में उन्हें भारत रत्न का सम्मान दिया जाना केंद्र सरकार का शत प्रतिशत सही निर्णय है, जिसका देश के हर समाज तथा हर वर्ग द्वारा स्वागत किया जा रहा है।

  • कांकेर विधानसभा सीट पर किसकी होगी जीत””क्या तय करेंगी जातिगत समीकरण! जानें चुनावी गणित…!

    कांकेर विधानसभा सीट पर किसकी होगी जीत””क्या तय करेंगी जातिगत समीकरण! जानें चुनावी गणित…!

    कांकेर विधानसभा सीट पर किसकी होगी जीत””क्या तय करेंगी जातिगत समीकरण! जानें चुनावी गणित…!

    ब्यूरो -प्रमिला नेताम

    आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बस्तर संभाग के 12 विधानसभा सीटों में से एक कांकेर विधानसभा बस्तर जिले के बाद सबसे बड़े जिले में के रूप में जाना जाता है.  सन 1998 में कांकेर को एक जिले के रूप में पहचान मिली. इस जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग  5285.01 वर्ग किलोमीटर है. पहाड़ी इलाके में कांकेर शहर बसा हुआ है. कांकेर जिले में कांकेर, चारामा, नरहरपुर, भानुप्रतापुर, अंतागढ़, दुर्गुकोंदल, कोयलीबेडा नामक 7 तहसील हैं. वही गांवों की कुल संख्या 1004 है. राजस्व गांवों की संख्या 995 है जबकि वन गांव की संख्या 9 हैं. कांकेर विधानसभा सीट आदिवासियों के लिए आरक्षित है और यहां के रहवासियों का भी मुख्य आय का स्त्रोत वनोंपज और खेती किसानी है. हालांकि बाकि विधानसभा के मुकाबले कांकेर विधानसभा में शिक्षित लोगों की संख्या ज्यादा है, लेकिन फिर भी सबसे ज्यादा बेरोजगारी इस विधानसभा में है. राजनीतिक दृष्टिकोण से शुरुआत में इसे भाजपा का गढ़ माना जाता था लेकिन पिछले दो चुनाव में भाजपा के प्रत्याशियों को हार मिली है हालांकि कांकेर लोकसभा सीट में भाजपा के प्रत्याशी ही चुनाव जीतते आ रहे हैं.

    इस विधानसभा में आदिवासियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से इस सीट से आदिवासी प्रत्याशी को मौका मिलता है. वर्तमान में कुल मतदाता 1 लाख 78 हजार है. इनमें से 51 फीसदी पुरूष मतदाता हैं और 49 फीसदी महिला मतदाता हैं. महिला मतदाताओं की संख्या- 85436 है. पुरुष मतदाताओं की संख्या- 92737 है. महिलाओ के मुकाबले पुरुषों की संख्या इस विधानसभा में ज्यादा है.

    जातिगत समीकरण 
    आदिवासी – 70 %
    ओबीसी – 20 %
    सामान्य – 10 %
    कुल मतदान केंद्र की संख्या-  240 है. इनमें कई मतदान केंद्र अति संवेदनशील है.

    कांकेर विधानसभा में 1 लाख 78 हजार  मतदाता है. यह क्षेत्र  ग्रामीण और शहरी इलाके में बसा हुआ है. हालांकि इस विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है. लेकिन पिछले 2 विधानसभा चुनाव में इस सीट में कांग्रेस का कब्जा रहा है. इस विधानसभा में जातिगत समीकरण का प्रभाव नहीं है.  2018 के चुनाव में विधायक की दावेदारी करने वाले कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे. भाजपा से हीरा मरकाम जिन्हें 49 हजार 249 वोट प्राप्त हुए थे, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी शिशुपाल सोरी ने 69 हजार 53 वोट पाकर अपनी जीत का डंका बजाया. जानकार हेमंत कश्यप ने कहा कि वर्तमान में भी विधायक शिशुपाल सोरी की कांकेर विधानसभा क्षेत्र में अच्छी पकड़ मानी जा रही है. हालांकि भाजपा ने भी अपने प्रत्याशी का नाम घोषित कर दिया है और आशाराम नेताम को इस विधानसभा से टिकट दिया है. वहीं माना जा रहा है कि कांग्रेस से दोबारा शिशुपाल सोरी को ही टिकट दिया जा सकता है. शिशुपाल सोरी वर्तमान में संसदीय सचिव भी हैं और सीएम भूपेश बघेल के करीबी भी बताए जाते हैं. ऐसे में दोबारा उनके टिकट देने को लेकर संभावनाएं पूरी तरह से बनी हुई है.

    राजनीति समीकरण की बात की जाए तो कांकेर विधानसभा को हमेशा से ही कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है. लेकिन 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी सुमित्रा मरकोले को जीत मिली. हालांकि 2013 और 2018  के चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस ने इस सीट पर बाजी मारी और वर्तमान में इस सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता कहे जाने वाले शिशुपाल सोरी विधायक हैं. कांकेर विधानसभा के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि कांकेर विधानसभा कांग्रेसियों का गढ़ रहा है इस विधानसभा में कांग्रेस के बड़े कद्दावर नेताओं ने चुनाव जीता है. लेकिन 2008 में तख्ता पलटने के साथ भाजपा के प्रत्याशी ने भारी मतों से चुनाव हराया और इन 5 सालों में कांकेर विधानसभा  भाजपा का गढ़ बन गया. वहीं 2013 के विधानसभा चुनाव में दोनो पार्टी के प्रत्याशी के चेहरे बदले और भाजपा से संजय कोडोपी को चुनाव मैदान में उतारा गया और कांग्रेस से शंकर ध्रुव को टिकट दिया गया. शंकर ध्रुव ने करीब 4 हजार वोटो के अंतर से भाजपा के संजय कोडोपी को चुनाव हराया. जिसके बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से शिशुपाल सोरी को कांग्रेस ने टिकट दिया और भाजपा से हीरा मरकाम को टिकट मिला. इस चुनाव में भी भाजपा के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस के शिशुपाल सोरी ने करीब 19 हजार 804 वोटो के अंतर से भाजपा के प्रत्याशी हीरू मरकाम को चुनाव हराया. अब तक इस विधानसभा में हुए चुनाव में दो बार भाजपा और दो बार कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज किया है 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट में कांटे की टक्कर होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

    जानकारी के  बताते हैं कि कांकेर विधानसभा को  शुरुआत में बीजेपी का गढ़ कहा जाता था, क्योंकि यहां के भाजपा के प्रत्याशियों ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के प्रत्याशियों को काफी ज्यादा मतों के अंतर से चुनाव हराया , पार्टी के साथ-साथ व्यक्ति विशेष को लेकर भी यहां की जनता वोट देते आई है ,हालांकि दोनों ही पार्टी के विधायकों ने कांकेर विधानसभा का विकास किया है, खासकर कांकेर का इलाका पर्यटन स्थल के रूप में जाने जाने की वजह से यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य दोनों ही सरकारों ने काफी अच्छे काम किए हैं, लेकिन जनता की माने तो यह भाजपा का गढ़ रहा है, लेकिन पिछले 2 चुनाव में लगातार कांग्रेस के प्रत्याशी भाजपा प्रत्याशियो को  भारी मतों के अंतर से चुनाव हरा रहे हैं, इस वजह से इस सीट में कांग्रेस  मजबूत दिखाई दे रही है छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद  कांकेर विधानसभा सीट भी राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां के भाजपा और कांग्रेस के नेता भी अपने-अपने पार्टी में अच्छी पकड़ रखते हैं और सरकार बनने के साथ ही उन्हें अच्छी पद भी दी जाती है, वर्तमान में शिशुपाल सोरी  जो यहाँ के  विधायक हैं उन्हें संसदीय सचिव बनाया गया है…

    1. कांकेर विधानसभा में ऐसे कई ग्रामीण इलाके है जहां स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं है, जिससे इस क्षेत्र के रहने वाले ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलकर मरीजो को कंधे या कावड़ में बोकर  स्वास्थ केंद्रों और अस्पतालों तक पहुचाना पड़ता है.

    2. कांकेर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में रोड, नाली, पानी की समस्या लंबे समय से  बनी हुई है, कई पंचायतो में हाई स्कूल तक नही बने है, जिसको लेकर ग्रामीण कई बार विधायक से मांग कर चुके हैं. ग्रामीणों को मूलभूत  समस्याओं से सामना करना पड़ रहा है.

    3. कांकेर  विधानसभा में बेरोजगारी भी एक सबसे बड़ी समस्या है. कई युवा शिक्षित बेरोजगार हैं. कांकेर में कोई फैक्ट्री या उद्योग नहीं होने की वजह से अधिकांश युवा कुली मजदूरी पर ही निर्भर हैं. हालांकि हर बार इन्हें रोजगार दिलाने का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन रोजगार कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले सालों की तुलना में वर्तमान में बेरोजगार युवाओं की संख्या और तेजी से बढ़ी है.

    4. इसके अलावा लंबे समय से कांकेर नेशनल हाईवे में दूध नदी में बड़ा पुल बनाने की मांग कर की जा रही है.  बारिश के मौसम में पुराना पूल जलमग्न हो जाने की वजह से कांकेर शहर के कई  इलाके  डूब जाते हैं. पुल पुलिया के निर्माण की मांग करने के बावजूद भी अब तक इन मांगों की अनदेखी हो रही है. यही वजह है कि बारिश के मौसम में कांकेर वासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

    5. वही सबसे बड़ी समस्या नक्सलवाद है. बस्तर की तरह कांकेर विधानसभा भी लंबे समय से नक्सल समस्या से जूझ रहा है. आए दिन यहां नक्सली वारदात आम बात हो चुकी है, इस वजह से अंदरूनी क्षेत्रों में सड़के नहीं बन पाई है. नक्सलियो द्वारा विकास कार्य के विरोध के चलते सरकारी भवन और सड़क निर्माण का कार्य लंबे समय से अटका हुआ है. खासकर अंदरूनी गांव में आजादी के 77 साल बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओ के लिए तरस रहे हैं.

  • Kanker news “बेटे ने दफनाया बाप का शव, 9 दिन बाद पुलिस ने खोदकर निकाला बाहर …!

    Kanker news “बेटे ने दफनाया बाप का शव, 9 दिन बाद पुलिस ने खोदकर निकाला बाहर …!

    Kanker newsबेटे ने दफनाया बाप का शव, 9 दिन बाद पुलिस ने खोदकर निकाला बाहर …!
    कांकेर: कांकेर जिले के ग्राम मोदे में नौ दिन पहले एक बुर्जुग की मौत हुई थी, जिसे सगे बेटे ने ही मार कर हार्ट अटैक होना बताया था. मृतक की बेटी की शिकायत पर शनिवार को प्रशासनिक अमले और पुलिस की मौजूदगी में कांकेर नगर से सटे भंडारीपारा में दफन शव को कब्र से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. जिस गांव में व्यक्ति की मौत हुई थी, वहां धर्मांतरण का मसला हावी होने के चलते गांव वालों ने शव दफनाने नहीं दिया था. इसके बाद शव को कांकेर में दफनाया गया था. कांकेर में शव दफनाने को लेकर वार्डवासियों ने भी विरोध किया था.

    गांववालों को सूचना दिए बिना ही दफनाया था शव:कांकेर एसडीओपी मोहसिन खान ने बताया कि “थाना कोरर क्षेत्र में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. मृतक की बेटी जानकी बाई पटेल ने मामला दर्ज कराया है. उसका भाई, जो ग्राम मोदे का निवासी है, अपने बुजुर्ग पिता के साथ मार-पीट करता था. इसी मारपीट की वजह से बुजुर्ग की मौत होना बताया है. गांव वालों को बिना सूचना दिए भ्रमित कर बेटे ने शव दफना दिया था. बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है.”

    बेटी ने कांकेर एसपी से की थी शिकायत:15 जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे मोदे निवासी मृतक के भाई सगनूराम पटेल ने बताया कि “उनके भाई बजरूराम पटेल ने दो शादी की थी. पहली पत्नी की एक बेटी जानकी बाई पटेल है, जिसकी शादी विश्रामपुरी के पलना में हुई है. पहली पत्नी की मौत के बाद उसने दूसरी शादी कुमारी बाई से की और इसके तीन संतान सुनील कुमार, अंजू और सुनीता हैं. कुमारी बाई और उसकी तीनों संतानों ने इसाई धर्म अपना लिया. भाई बजरूराम जो शराब का आदी था, वह नशे में धर्म विशेष पर कुछ न कुछ बोलता रहता था. इससे उसकी पत्नी और बच्चे नाराज रहा करते थे.”
    7 जून से पहले ठीक था बजरूराम का स्वास्थ्य:सगनूराम पटेल के मुताबिक बजरूराम का स्वास्थ्य ठीक था. 7 जून की दोपहर बजरूराम के मरने की खबर उसके बेटे ने परिजनों को दी और कहा कि हार्ट अटैक से मौत हुई है. गांववालों के विरोध करने पर उसके धर्म के साथी पहुंचकर शव को लेकर चले गए. इसके बाद इमलीपारा में शव को दफनाया गया. यहां भी शव को दफनाने को लेकर विवाद हुआ था और पार्षद ने भी इस मामले की शिकायत की थी.
    बाप का चेहरा भी नहीं देख पाई बेटी:मृतक बजरूराम के मौत की खबर पर बेटी जानकी बाई पटेल अपने ससुराल ग्राम पलना से देखने आई, लेकिन उनका चेहरा भी नहीं देख पाई और लोगों ने शव को दफना दिया. इसके बाद उसने कोरर थाने में शिकायत दर्ज कराई. जानकी बाई पटेल पिता की हत्या का सौतेले भाई सुनील पटेल पर लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल आरोपी बेटा फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है.

  • Kanker: दत्तक ग्रहण केंद्र में बच्चों से मारपीट मामले में कार्रवाई, बाल संरक्षण अधिकारी को हटाया…!

    Kanker: दत्तक ग्रहण केंद्र में बच्चों से मारपीट मामले में कार्रवाई, बाल संरक्षण अधिकारी को हटाया…!

    Kanker: दत्तक ग्रहण केंद्र में बच्चों से मारपीट मामले में कार्रवाई, बाल संरक्षण अधिकारी को हटाया…!

    सुशील सलाम, कांकेर. शहर के दत्तक ग्रहण केंद्र में बच्चों से मारपीट मामले में बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया को हटा दिया गया है. कलेक्टर ने बाल सरंक्षण अधिकारी (संविदा) पद से रीना की सेवा समाप्त कर दी है. आपको बता दें कि इस मामले में पहले ही दत्तक ग्रहण केंद्र के महिला प्रोग्राम मैनेजर की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं बाल संरक्षण अधिकारी रीना को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.

    नोटिस का जवाब संतोष जनक नहीं पाए जाने एवं कार्य में लापरवाही बरतने की बात सामने आई. इसके अलावा बच्चों से दुर्व्यवहार की जानकारी होने के बाद भी उच्च अधिकारियों को सूचित करना नहीं पाया गया. इसके चलते रीना लारिया की सेवा समाप्त कर दी गई. आपको बता दें कि 4 एवं 5 जून के बीच दत्तक केंद्र में बच्चों से मारपीट करते हुए प्रोग्राम मैनेजर का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया.

    कारण बताओ नोटिस के जवाब में बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया की ओर से प्रस्तुत जवाब समाधान कारक नहीं पाया गया एवं उनके द्वारा कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई. जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया (संविदा) के विरुद्ध 30 मई 2023 को भी एक शिकायत प्राप्त हुई थी. इस संबंध में 05 जून 2023 को कार्यालय मुख्यमंत्री निवास, छत्तीसगढ़ शासन से भी जांच के लिए पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें वर्णित शिकायत अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग के पूर्व कर्मचारी (संविदा) द्वारा तत्कालीन पद से त्याग पत्र देने के बाद भी वर्ष 2022-23 का कार्यालयीन रोकड़-बही का संधारण किया गया है.

    शिकायत पर कलेक्टर कार्यालय ने जांच समिति बनाई थी. समिति से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में रीना लारिया एवं पूर्व कर्मचारी (संविदा) द्वारा दिए गए कथनों से शिकायत की पुष्टि हुई. इन कारणों से रीना लारिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी (संविदा) की सेवा कलेक्टर ने समाप्त कर दी गई है.

  • Kanker news “पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 05 लाख ईनामी 01महिला नक्सली का शव और    01रायफल बरामद….!

    Kanker news “पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 05 लाख ईनामी 01महिला नक्सली का शव और 01रायफल बरामद….!

    Kanker news “पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 05 लाख ईनामी 01महिला नक्सली का शव और 01रायफल बरामद….!
    नक्सल विरोधी अभियान में कांकेर पुलिस को मिली महत्वपूर्ण सफलता।पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 05 लाख ईनामी 01 वर्दीधारी महिला नक्सली का शव एवं 303 बोर रायफल 01 नग बरामद थाना छोटेबेठिया क्षेत्र के ग्राम बिनागुण्डा जंगल पहाड़ क्षेत्र की घटना।*
    *घटना स्थल से भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद। विवेकानंद सिन्हा (भा.पु.से.) अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल अभि./एसआईबी पुलिस मुख्यालय रायपुर, श्री सुन्दरराज पी.(भा.पु.से.) पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री इंद्राज सिंग महानिरीक्षक बीएसएफ, श्री बालाजी राव.(भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर के मार्गदर्शन, दिव्यांग पटेल(भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक कांकेर के निर्देशन में जिले में नक्सल उन्मूलन के तहत नक्सलियों के विरूद्ध लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है। थाना छोटेबेठिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम बिनागुण्डा व उसके आसपास क्षेत्र में 20-25 नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर श्री धनंजय मिश्रा सेनानी 132 वीं वाहिनी बीएसएफ बांदे, श्री राघवेन्दर सिंग सेनानी 94 वीं वाहिनी बीएसएफ बांदे,श्री धीरेन्द्र पटेल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पखांजूऱ, श्री रवि कुमार कुजूर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पखांजूर के पर्यवेक्षण में रात्रि डीआरजी$बीएसएफ की संयुक्त टीम संयुक्त ऑप्स प्लान में थाना छोटेबेठिया़ क्षेत्रांतर्गत ग्राम बिनागुण्डा,कलपर, आलदण्ड की ओर रवाना हुये थे। गस्त/सर्चिंग के दौरान दिनांक 12.06.2023 के प्रातः लगभग 07ः00 बजे थाना छोटेबेठिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम बिनागुण्डा जंगल पहाड़ में घात लगाकर बैठे माओवादियों द्वारा पुलिस पार्टी डीआरजी टीम को देखकर जान से मारने एवं हथियार लूटने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग किया गया, पुलिस पार्टी द्वारा भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायर किया गया। फायरिंग रूक-रूक कर करीब 03 घंटे तक चली, दोनो ओर से करीब 100 से ज्यादा एम्युनेशन फायर किया गया। माओवादियों द्वारा पुलिस पार्टी को भारी पड़ता देख जंगल/पहाड़ का आड़ लेकर भाग गये, बाद पुलिस पार्टी द्वारा घटना स्थल का बारीकी से सर्चिंग करने पर घटना स्थल से 01 वर्दीधारी महिला ईनामी नक्सली का शव, 303 बोर रायफल 01 नग एवं भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद किया गया। मृत महिला नक्सली की पहचान सुनीता (एरिया कमेटी सदस्य) जो कि बलदेव (एसजेडसी प्रभारी आरकेबी डिवीजन) के सहायक के रूप में हुई है।* प्रकरण की अग्रिम विवेचना जारी है। उक्त नक्सल अभियान में कांकेर *डीआरजी टीम द्वारा महत्वपूर्ण भुमिका निभाई गई।