परिवहन विभाग: 40 लाख पुराने वाहनों में लगाएंगे नए नंबर प्लेट, पढिए पूरी खबर

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
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राज्य में 2019 से पहले के सभी दुपहिया और चार चक्के वाले वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) यानी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए दो कंपनियों को ठेका दिया गया है। दोनों कंपनियां ही 33 जिलों की 40 लाख गाड़ियों में

इसलिए www.realmazon.com और www.rosmertahsrp.com में ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए शासन ने 120 दिनों का समय दिया है। इसके बाद नंबर प्लेट नहीं लगाने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य में ऐसी 40 लाख से ज्यादा गाड़ियां है, जिसमें नई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाया जाना है। क्योंकि अप्रैल 2019 के बाद जितनी भी गाड़ियां आ रही है। उसमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट कंपनी से ही लगाकर भेजी जा रही है। इसे लेकर फेडरेशन ऑफ ऑटो मोबाइल एसोसिएशन (फाडा) व रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (राडा) ने संयुक्त रुप से संगोष्ठी का आयोजन किया।

उन्हें नंबर प्लेट लगाने संबंधित निर्देश दिया गया है। इसमें सभी वाहनों डीलर्स को नई नंबर प्लेट के संबंध में जानकारी दी गई। संगोष्ठी में परिवहन विभाग के सचिव व आयुक्त एस प्रकाश, फाडा के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया, विवेक गर्ग,राडा से कैलाश खेमानी समेत अन्य उपस्थित थे।

नई नंबर प्लेट की विशेषता

1. इंटरनेशनल रजिस्ट्रेशन कोड होता है। इसे बदलकर चोर वाहन बेच नहीं सकेंगे।

2. लेजर युक्त यूनिक सीरियल नंबर होता है। इसकी मदद से रात में भी कैमरा नंबर प्लेट की फोटो खींच सकेगा।

3. अशोक चक्र का 3डी होलोग्राम होता है। नंबर प्लेट बदलने की कोशिश से ये टूट जाएगा।

4. क्रोमियम बेस्ट होलोग्राम होता है। इस होलोग्राम को बदलकर दूसरा नहीं लगाया जा सकता।

5. आईडेंटिफिकेशन नंबर लेजर ऐड कोटेड होता है। इस वजह से नंबर प्लेट पर पेंट नहीं किया जा सकेगा।

6. दो नॉन रियुजेबल लॉक होते हैं। इस वजह से नंबर प्लेट नहीं खुलेगी। ज्यादा कोशिश करने पर टूट जाएगी।

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