राज्य सरकार एव स्थानीय प्रशासन से परिणाममूलक समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने की अपेक्षा बेमानी…तीन साल में नही बन सका तारामंडल!-पूर्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल

राजेन्द्र देवांगन
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राज्य सरकार एव स्थानीय प्रशासन से परिणाममूलक समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने की अपेक्षा बेमानी…तीन साल में नही बन सका तारामंडल!-पूर्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल

पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि बिना फंड के दिवालिया हो चुकी,भू माफियाओं के इशारे पर चलने वाली राज्य सरकार एव स्थानीय प्रशासन से परिणाममूलक समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने की अपेक्षा जनता ने खो दी है। बिलासपुर में स्मार्ट सिटी की घोषणा के बाद शहर के नियोजित विकास की सुव्यवस्थित तस्वीर और क्रियान्वयन की रूपरेखा पर कार्य आरंभ किया गया था लेकिन नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की लच्चर और खानापूर्ति कार्य पद्धति शहर विकास के कार्यों को पूर्ण करने के बजाय पीछे की ओर ढकेल रही है।राज्य सरकार के पास नगरीय निकायों को देने के लिए पैसा नहीं है तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार के तरफ मिली राशि से मनमाने खर्च किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग की सड़क पर बिना अनापत्ति लिए और बिना अनुमति के स्मार्ट सिटी के फंड से करोड़ों रुपए खर्च कर दिया जाना मनमर्जी का प्रमाण है। खर्च की जा रही राशि का स्मार्ट सिटी लिमिटेड बिलासपुर के द्वारा किये गए ख़र्च हिसाब किताब भी पता नहीं है। नई सरकार को बने तीन वर्ष पूरे होने को आए ,नए कार्यो की शुरआत दूर लंबित कार्यों को पूरा करना और मूलभूत सुविधाओं और सेवाओं की उपलब्धता करा पाने में स्थानीय प्रशासन स्मार्ट सिटी लिमिटेड और राज्य सरकार लक्ष्य से कोसों दूर है।श्री अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर शहर के लोगों को विशेषकर विद्यार्थियों को ज्ञान विज्ञान और अंतरिक्ष जगत की गतिविधियों से अवगत कराने के उद्देश्य से प्रदेश का पहला तारामंडल स्वयं नगरीय प्रशासन मंत्री रहते हुए हुए कार्य योजना को स्वीकृत कराया था जिसमें रायपुर से भी अधिक क्षमता आधारित सुविधाएं शुरू की किया जाना प्रस्तावित किया गया लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर आवारा पशुओं के रोका छेका के बजाय जनता के हित में चालू की गई परियोजनाओं पर रोका छेका का करने का काम कांग्रेस की सरकार ने पिछले वर्षों में किया है, जिसका दुष्परिणाम प्रदेश की जनता को झेलना पड़ रहा है।बिलासपुर में प्रदेश का सबसे बड़ा प्लेनेटोरियम ऑक्सीजोन व्यापार विहार के निकट लागत- 6 करोड़ अनुमानित व्यय- 8 करोड़ दर्शक क्षमता- 200 निर्माणाधीन एरिया – 4 एकड़ सुविधाए-ओपन गार्डन के साथ लेक्चर हाल
आर्ट गैलरी कैफिटेरिया शहरी सामाजिक वानिकी अंतर्गत परिसर में सघन वृक्षारोपण
-सौंदर्यीकरण सहित तालाब निर्माण कार्य पूर्णता विधि -अक्टूबर 202 स्टेटस – अधूरा, तालाब निर्माण शेष, सिविल वर्क अधूरा, इंटीरियर फिनिशिंग बाकी, अप्रोच रोड निर्माणाधीन, अर्बन फॉरेस्ट्री कार्य शेष,तकनीकी कार्य शेष।ज्ञान विज्ञान की गतिविधियों के प्रचार प्रसार के लिए निर्माणाधीन प्लेनेटोरियम केंद्र में निर्माण के दौरान ही अव्यवस्था का शिकार हो चली है। अनुबंध की समय सीमा बीत जाने के बाद भी सिविल वर्क का कार्य एवं अन्य कार्य शेष है। परिसर में बनाई गई सीसी रोड में दरार पड़ने लगी है। ऑक्सी जोन में लगाए गए पेड़ पौधों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम नहीं हैं। सौंदर्यीकरण का कार्य अधूरा हैं। प्रस्तावित तालाब का तो पता नहीं है, तालाब के सौंदर्यीकरण की बातें केवल कागजो में है, प्रवेश द्वार के बाहर सीसी रोड की ऊंचाई बढ़ाए जाने से परिसर की बाउंड्री वाल बहुत छोटी हो गई है। तारामंडल अक्टूबर 2020 में आरंभ हो जाना था आज भी वह आधी अधूरी अवस्था में है। विलंब के कारण प्रोजेक्ट की कास्ट बढ़ती जा रही है। प्लेनेटोरियम तक पहुंच मार्ग नहीं बन पाया है। चारों ओर गंदगी और कचरों ढेर से लोगो मे बीमारी फैलने का डर है। केंद्र तक पहुंचने में बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या आम है। नागरिक गण और पर्यटकों, विद्यार्थियों के लिए ज्ञान विज्ञान और खगोल भौतिकी के मूलभूत तथ्यो का मनोरंजन के साधन से शिक्षण देने का उद्देश्य लक्ष्य से कोसों दूर दिखाई देता है बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे की बर्बादी सहज ही देखी जा सकती है।

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