अडानी पर लगे आरोपों पर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों ने क्या कहा, भाजपा ने जवाब दिया? जानें

राजेन्द्र देवांगन
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गौतम अडाणी को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद

अमेरिकी अभियोजकों ने भारत के दिग्गज उद्योगपति गौतम अडानी और अडानी समूह पर सौर ऊर्जा टेंडर हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर (लगभग 2,100 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने का आरोप लगाया है। अडाणी पर आरोप लगाया गया है

कि रिश्वत की जानकारी अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से छिपाई गई। हालांकि, दूसरी ओर अडाणी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और गौतम अडानी को गिरफ्तार करने तक की मांग कर डाली।

इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी राहुल गांधी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और राहुल पर बड़े आरोप लगाए। अब इस पूरे मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से बयान सामने आ रहे हैं। आइए जानते हैं किसने क्या कहा है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिका के आरोपों पर राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि ये बिल्कुल स्पष्ट हो चुका है कि गौतम अदाणी ने भारतीय और अमेरिकी कानून तोड़े हैं। राहुल गांधी ने कहा कि गौतम अडानी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। राहुल ने माधबी पुरी बुच की जांच की भी मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में वह विपक्ष के नेता के तौर पर इस मुद्दे को लोकसभा में उठाऊंगा, जेपीसी की मांग करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि मैं गारंटी दे सकता हूं कि अदाणी को भारत में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा या उनकी जांच नहीं की जाएगी क्योंकि सरकार उन्हें बचा रही है। राहुल ने कहा कि सभी राज्यों में जांच होनी चाहिए, चाहे वहां सत्ता में कोई भी पार्टी हो।

भाजपा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

भाजपा ने राहुल गांधी के बयान को लेकर कहा कि राहुल लंबे समय से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि खराब करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। यह उसी का हिस्सा है। भाजपा प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कहा है कि जहां तक अडानी समूह के खिलाफ आरोपों का सवाल है, तो यह कंपनी पर है कि वह स्पष्टीकरण जारी करके अपना बचाव करे। कानून अपना काम करेगा। संबित पात्रा ने कहा कि जहां सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत दी गई थी, वहां उस समय भाजपा की सरकार नहीं थी।कांग्रेस और उसके सहयोगी छत्तीसगढ़ व तमिलनाडु में सत्ता में थे, तो वहीं वाईएसआर कांग्रेस और बीजू जनता दल (बीजद) का क्रमशः आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर शासन था। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी, उनकी मां सोनिया गांधी और कांग्रेस 2002 से मोदी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं हुए। संबित पात्रा ने सवाल पूछा कि अगर अडानी भ्रष्ट हैं, तो कांग्रेस सरकारें राज्यों में उनकी कंपनी को निवेश क्यों करने दे रही हैं। पात्रा ने ये भी कहा कि कांग्रस पीएम मोदी के कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत होना बर्दाश्त नहीं कर सकती।

पीएम मोदी को जवाब देना चाहिए- TMC

ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अरबपति गौतम अडानी पर लगे आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बयान की मांग की है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा- “यह एक बड़ा आरोप है, मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर एक बयान देना चाहिए।”

आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए- फारूक अब्दुल्ला

गौतम अडानी पर लगे आरोपों पर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी बयान दिया। फारूक ने कहा कि केंद्र सरकार को अडानी समूह के खिलाफ आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए और मामले की गहन जांच करनी चाहिए। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें अडानी समूह से जुड़े मुद्दे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी गलत काम करने के आरोप लगते रहे हैं। फारूक ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और इसकी गहन जांच करेगी।

CPIM ने की CBI जांच की मांग
CPIM ने इस पूरे मामले पर कहा कि मोदी सरकार पर्दे के पीछे नहीं छुप सकती। पार्टी ने गौतम अडानी के खिलाफ रिश्वत के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की है। CPIM ने कहा कि लोक सेवकों को रिश्वत देना भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आता है, जो कि सीबीआई के अधिकार क्षेत्र में है। पार्टी ने इस पूरे मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है।

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