तीन बच्चों का नीट जेईई कोचिंग के  शासकीय मेडिकल कॉलेज में हुआ चयन

राजेन्द्र देवांगन
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सुकमा । जहां चाह होती है वहां राह निकल आती ही है, अगर आपके पास कुछ करने की इच्छा शक्ति है, तो आपको ऐसा करने से कोई नहीं रोक सकता। ये जीवन के लगभग हर पहलू पर समान रूप से लागू होती है। जीवन में हर इंसान समाज पर निर्भर रहता है और हर इंसान चाहता है कि वो अपने परिवार के साथ ही समाज के हर पहलू में सहयोग करे। चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ ही समाज से जुड़कर कोई भी ही सेवा कार्य करने में आत्मसंतुष्टि होती है। मेरे मन में बचपन से प्रबल इच्छा रही कि समाज के लिए कुछ करूं, जो समाज में सकारात्मक प्रभाव पड़े। मैंने और हमारे परिवार ने परेशानियों का सामना किया है। फिर आज के जो सकारात्मक परिणाम है उससे काफी खुश हूं।

ये कहानी है आकाश कुमार पोड़ियामी का जो जिला मुख्यालय सुकमा से दूरस्थ वनांचल सहित संवेदनशील कोंटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत चिउरवाड़ा के ग्राम धामन (कोंटा) का निवासी है। जिनका हाल ही में राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा नीट में बेहतर परिणाम देकर जिले का नाम रोशन किया है। वे बताते हैं कि हमारे परिवार में मां हिड़मे और मेरी बहन साथ रहते हैं।

पिताजी का देहांत 2007 में ही हो गया था। उस समय मेरी स्कूली शिक्षा प्रारंभ भी नहीं हुई थी। इस दौरान हमारे परिवार को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि हमारा गांव माओवाद प्रभावित होने के कारण हमें किसी तरह परिवार का पालन पोषण करना था। वे बताते हैं कि मेरी मां ने हमें मजदूरी और बाजार में वनोपज बेचकर हमें पालन पोषण के साथ ही हमारी स्कूल की शिक्षा दिलाई है।

आकाश ने बताया कि 2015 से मेरी प्राथमिक शिक्षा पोटाकेबिन तोंगपाल में हुई, इसके बाद माध्यमिक शिक्षा पाकेला पोटाकेबिन में पढ़ाई की। इसके पश्चात मेरा चयन प्रयास आवासीय विद्यालय रायपुर संस्था में हुआ, वहां 9 वीं से 12 वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी हुई। उन्होंने बताया कि 2022 में बायोलॉजी (साइंस) विषय में 12 वीं कक्षा पास की। आगे बताते हैं कि 12 वीं के दौरान प्रथम प्रयास में नीट परीक्षा क्वालीफाई नहीं हुआ और मैने ड्राप लेने का विचार किया और जिला मुख्यालय सुकमा में जिला प्रशासन द्वारा संचालित सक्षम नीट कोचिंग में अध्ययन किया और नीट हेतु पुनः प्रयास किया, इस बार भी मैं सफल नही हुआ।

मैंने फिर से जिला मुख्यालय में सक्षम कोंचिंग में अध्ययन पर ध्यान केंद्रित कर मेहनत किया और अंततः तीसरे प्रयास में मैंने नीट क्वालीफाई कर लिया। कुछ दिनों पश्चात् काउसलिंग की तिथि आ गई और छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस बिलासपुर में मेरा चयन हो गया। इस चयन से मैं और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश है। आगे आकाश ने कहा कि हम जैसे दूरस्थ वंनाचल क्षेत्र और माओवाद से प्रभावित इलाके के बच्चों के सपनों को पंख देने का प्रयास जिला प्रशासन कर रही है उसके लिए मैं बहुत धन्यवाद देता हूं।

कलेक्टर हरिस एस. ने नीट की परीक्षा 2024 में चयनित छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। जिसका उत्साहजनक और सकारात्मक परिणाम हमें मिला निरंतर मिल रहा है। इस परिणाम से निश्चित ही बच्चों को प्रेरणा मिलेगी।

जिला शिक्षा अधिकारी जी आर मांडवी ने बताया कि जेईई एवं नीट कोचिंग संस्थान सुकमा के तीन बच्चों का एमबीबीएस के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए चयन हुआ है जिसमें आकाश कुमार पोड़ियामी को छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस बिलासपुर, गुलशन मोड़ियाम को स्वर्गीय बलीराम कश्यप स्मृति शासकीय मेडिकल कॉलेज जगदलपुर और सिल्की नेताम को चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल शासकीय मेडिकल कॉलेज दुर्ग में एमबीबीएस सीट आबंटित किया गया है।

इस दौरान नीट व जेईई कोचिंग संस्थान के सहायक नोडल अधिकारी अशीष राम ने भी बच्चों के उक्त उपलब्धियों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। बच्चों के चयन में प्राचार्य एम संतोषी सोनी सहित विषय विशेषज्ञ शिक्षक देव आशीष शर्मा,आदित्य शर्मा, नीतू गुरू, सोनम सिंग, जॉन सैमुएल, मुखतार कुरैशी और अन्य स्टॉफ का सक्रिय योगदान रहा।

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