36 लाख की धोखाधड़ी, झारखंड से 2 गिरफ्तार: फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए EV डिस्ट्रीब्यूशन का झांसा; आरोपियों पर कई राज्यों में अपराध दर्ज

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ के धमतरी में 36 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।

ई-व्हीकल का डिस्ट्रीब्यूटर शीप देने का झांसा दिया। कंपनी में फर्जी दस्तावेज देकर आरोपी ने जाल बिछाया और 36 लाख 1 हजार प्राप्त कर गबन कर लिया।

इससे पहले कई जिलों में भी इसी तरह घटना को अंजा.दरअसल, धमतरी जिले के निशीत पटेल (40) बस्तर रोड धमतरी के रहने वाले है, उन्होंने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी ने ई- व्हीकल का जिला धमतरी में डिस्ट्रीब्यूटरशीप देने का प्रलोभन दिया था।

कंपनी की ओर से एग्रीमेंट के दस्तावेज, ऑथराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर सर्टिफिकेट, इनवाईस लेटर और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से विश्वास दिलाया।चेक के जरिए 36 लाख रुपए लिएअपने कंपनी सिल्वेलाइन पावर स्टेशन प्रा०लि० यूनियन बैंक के खाता में चेक के माध्यम से कुल 36 लाख 1 हजार की राशि अमानत के तौर पर प्राप्त कर लिए।

लेकिन डिस्ट्रीब्यूटरशीप नहीं दिलवाई। जिनके नाम से थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध दर्ज किया गया।थाना प्रभारी राजेश मरई ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पतासाजी में आरोपी बिहार के जेल में थे। जिसकी जानकारी पुलिस को लगी,आरोपियों का प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने से न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट के जरिए उपस्थित किया गया।

महाराष्ट्र और झारखंड के रहने वाले आरोपी प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई तक आरोपियों के औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति प्राप्त की गई। आरोपी सत्यानंद पाणीग्रही (49) महाराष्ट्र, शुभम शर्मा (41) झारखंड के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध दर्ज किया गया।दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। प्रभारी ने यह भी बताया कि प्रकरण में आरोपियों को झारखंड से गिरफ्तार किया गया।

कई राज्यों में धोखाधड़ी के अपराध में संलिप्तता होने के कारण हरियाणा, सोनीपत, छपरा बिहार, श्रवस्ती, गोंडा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ राज्यों के न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट जारी है। प्रकरण में एक आरोपी रजनीकांत फरार है, जिसकी पतासाजी की जा रही है।

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