कोरबा की नहर में बहे दो बच्चे अब तक लापता: गुस्साए परिजनों ने घेरा थाना, पुलिस पर तलाश में कोताही बरतने का आरोप

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

कोरबा में मंगलवार को राताखार जोड़ा पुल के पास मौजूद नहर में अपने दो बच्चों को बचाने उतरी महिला की मौत हो गई थी। वहीं उनके दोनों बच्चे पानी के तेज रफ्तार में लापता हो गए थे। दोनों बच्चों का शव अब तक बरामद नहीं हो पाया है।

इसके विरोध में मंगलवार को पीड़ित परिवार और बस्ती के लोगों ने सीएसईबी चौकी का घेराव कर दिया। साथ ही चौकी के सामने की सड़क जाम कर दी।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासन बच्चों की तलाश में कोताही बरत रहा है। नहर का पानी कम नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते बच्चों की तलाश में मुश्किल हो रही है।थाना घेराव की सूचना मिलते ही कोरबा सीएसपी भूषण एक्का भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को नहर में पानी कम कर बच्चों की तलाश का आश्वासन दिया।

जिसके बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया।।सीएसपी भूषण के समझाइश के लोगों ने खत्म किया प्रदर्शन

ये है पूरा मामला : मैग जीन भाटा की रहने वाली सुषमा मानिकपुरी अपने दो बच्चों के साथ सोमवार को नहर पर पहुंची थीं। यहां सुषमा कपड़े धोने में व्यस्त हो गई।

इसी बीच उनकी बड़ी बेटी सिमरन (14साल) और बेटा प्रतीक (8 साल) नहर में नहाने उतर गए। लेकिन दोनों पानी के तेज बहाव में फंस गए। सुषमा ने जब ये देखा तो दोनों बच्चों को बचाने के लिए उन्होंने भी नहर में छलांग लगा दी।

14 साल की सिमरन और उसका भाई लापता है।चश्मदीद अरविंद कुमार ने बताया कि सुषमा की चीख सुनकर वो और उनके एक साथी भी तीनों को बचाने के लिए नहर में उतर गए।

करीब एक किलोमीटर दूर जाकर सुषमा को पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं दोनों बच्चों को कोई पता नहीं चला।

Share This Article