आतंकियों के नाम बदलने पर नेटफ्लिक्स सीरीज ‘IC 814: द कंधार हाईजैक’ पर बैन की मांग, दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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नई दिल्ली:-नेटफ्लिक्स सीरीज आईसी 814: द कंधार हाईजैक पर शुरु हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस सीरीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। सुरजीत सिंह यादव की याचिका में कहा गया है कि अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी इस सीरीज में आतंकवादियों को हिंदू नाम देकर उनकी वास्तविक पहचान को छिपाया गया है। इससे पहले सोशल मीडिया पर इस सीरीज का बहिष्कार करने की मांग की जा रही थी। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस सीरीज का विरोध किया था।

कंधार हाईजैक पर बनी वेब सीरीज को लेकर सोशल मीडिया पर पहले ही काफी बवाल हो चुका है। हालांकि, सीरीज के निर्देशक अनुभव सिन्हा ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जरूर शेयर किया है, जिसके जरिए पूरे मामले की हकीकत पता चलती है।

क्या है विवाद ?
कंधार हाईजैक में शामिल आतंकी पाकिस्तान के थे। उनके नाम इब्राहिम अतहर, शाहिद अख्तर सैयद, सनी अहमद काजी, मिस्त्री जहूर इब्राहिम और शाकिर थे। नेटफ्लिक्स की सीरीज में इन आतंकियों के नाम चीफ, डॉक्टर, बर्गर, भोला और शंकर बताए गए हैं। वेब सीरीज का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी आतंकियों के हिंदू नाम रखने से गलत संदेश जाता है और इससे लोगों को हकीकत नहीं पता चल पाएगी। इसके उलट उन्हें लगेगा कि प्लेन हाईजैक भारतीय लोगों ने किया था।

क्या है हकीकत?
वेब सिरीज के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने एक इंटरव्यू में कहा कि पूरी रिसर्च करने के बाद वेब सीरीज बनाई गई है। प्लेन में आतंकी एक दूसरे को इन्हीं नाम से बुला रहे थे। वेब सीरीज के अंत में आतंकियों के असली नाम भी बताए गए हैं। बीबीसी के अनुसार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने भी अपने बयान में इस बात की पुष्टि की थी। साल 2000 में भारत सरकार के बयान में कहा गया था कि आतंकी प्लेन में एक दूसरे को चीफ, डॉक्टर, बर्गर, भोला और शंकर नाम से बुला रहे थे।

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