Rahul Gandhi Disqualified: राहुल गांधी ही नहीं, इन नेताओं को भी पद पर रहते मिली सजा, फिर छिनी सदस्यता

राजेन्द्र देवांगन
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राहुल गांधी से पहले ये नेता भी खो चुके हैं सांसदी, विधायकी; लिस्ट में भाजपा MLA के भी नाम…!
राहुल गांधी की सांसदी छिन गई है. लोकसभा सचिवालय ने इस संबंध में शुक्रवार (24 मार्च) को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.. गुरुवार को सूरत की एक अदालत ने मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी. 
राहुल गांधी को सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें संसद की सदस्यता के अयोग्य करार दिया गया है. राहुल गांधी पहले नेता नहीं है जिन्हें अयोग्य करार दिया गया है. आइए ऐसे नेताओं की सूची पर एक नजर डालते हैं.

उत्तर प्रदेश
आजम खान- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे आजम खान को हेट स्पीच मामले में 2022 में सजा सुनाई गई थी. इसके बाद आजम खान को विधायकी से अयोग्य करार दिया गया था.
अब्दुल्ला आजम- आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को भी 2022 में विधानसभा के लिए अयोग्य करार दिया गया है. सपा से विधायक रहे अब्दुल्ला को उम्र के बारे में गलत जानकारी देने के मामले में दोषी पाया गया था.

कुलदीप सेंगर- उत्तर प्रदेश के उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर को साल 2019 में बलात्कार के केस में सजा सुनाई गई थी. 

राशिद मसूद- यूपी से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मसूद को 2013 में भ्रष्टाचार मामले में सजा सुनाए जाने के बाद सांसदी गंवानी पड़ी थी.

बजरंग सिंह- ये यूपी से बीजेपी विधायक थे, जिन्हें लाभ के बदले पद मामले में सजा सुनाई गई थी.

विक्रम सैनी- उत्तर प्रदेश से बीजेपी के विधायक, मुजफ्फरनगर दंगों के मामले में साल 2022 में सजा सुनाई गई.

खब्बू तिवारी- उत्तर प्रदेश से बीजेपी विधायक, मार्कशीट फ्रॉड मामले में 2021 में सजा सुनाई गई.

अशोक चंदेल- यूपी विधानसभा सदस्य चंदेल को साल 2019 में हत्या के मामले में दोषी पाते हुए सजा दी गई थी, जिसके चलते विधानसभा की सदस्यता गंवानी पड़ी थी.
बिहार
लालू प्रसाद यादव- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव को 2013 में चारा घोटाले में सजा सुनाई गई थी. अदालत के फैसले के बाद लालू यादव को बिहार विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य करार दिया गया था. 

जगदीश शर्मा- आरजेडी से विधायक शर्मा को भी लालू यादव के साथ 2013 में चारा घोटाला मामले में सजा सुनाई गई थी. 

अनंत सिंह- बिहार के बाहुबली नेता और आरजेडी विधायक अनंत सिंह को आर्म्स एक्ट में 2022 में सजा सुनाई गई थी. इसके बाद सिंह के हाथ से विधायकी भी चली गई थी.

राज बल्लभ यादव- आरजेडी से विधायक यादव को साल 2018 में रेप के मामले में सजा सुनाई गई थी.

अनिल कुमार सहनी- आरजेडी विधायक सहनी को जालसाजी के मामले में 2022 में सजा सुनाई गई थी. 

इलियास हुसैन- आरजेडी से विधायक रहे हुसैन को 2018 में भ्रष्टाचार केस में सजा सुनाई गई थी.

तमिलनाडु

जयललिता- तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके नेता रहीं जयललिता को 2000 में भ्रष्टाचार केस में सजा सुनाए जाने के बाद विधायकी से हाथ धोना पड़ा था. जयललिता को 2014 में एक बार फिर से संपत्ति मामले में सजा सुनाई गई जिसके बाद उन्हें दोबारा विधानसभा की सदस्यता गंवानी पड़ी थी.

टीएम सेल्वागनपति- एआईएडीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा सदस्य सेल्वागनपति को 2014 में भ्रष्टाचार के केस में दोषी ठहराते हुए सजा दी गई. 

पी बालकृष्ण रेड्डी- तमिलनाडु से बीजेप विधायक रेड्डी को आगजनी मामले में 2019 में अदालत ने सजा सुनाई थी. 

झारखंड

केके भगत- आजसू से विधायक भगत पर हत्या की कोशिश का आरोप था. 2015 में अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुनाई. 

अमित महतो- झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक, हमले का दोषी पाया गया और 2018 में सजा मिली.

योगेंद्र महतो- कोयले की तस्करी मामले में जेएमएम विधायक योगेंद्र महतो को 2018 में दोषी ठहराया गया.
इनोस एक्का- झारखंड विधानसभा के सदस्य एक्का को 2018 में हत्या मामले में सजा सुनाई गई थी.

बंधु तिरके- कांग्रेस विधायक, 2022 में संपत्ति मामले में सजा
ममता देवी- कांग्रेस से विधायक, हत्या के प्रयास मामले में दोषी करार दिए गए. 2022 में सजा सुनाई गई.
केरल
पी जयराजन- सीपीएम विधायक, 2001 में चुनाव नियम तोड़ने के मामले में सजा सुनाई गई.
पीसी थॉमस- केरल विधानसभा के सदस्य थॉमस को 2006 में हेट स्पीच का दोषी पाया गया था.
केएम शाजी- मुस्लिम लीग के विधायक शाजी को हेट स्पीच मामले में सजा के बाद विधानसभा के लिए अयोग्य ठहराया गया था.

ए राजा- सीपीएम विधायक, 2023 में चुनाव धांधली मामले में सजा.

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