CG:में गर्मी का सितम, पारा गिरा, पर लू जारी:बलौदाबाजार और रायपुर रहे सबसे गर्म; कल बस्तर में बरस सकते हैं बादल

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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CG:में गर्मी का सितम, पारा गिरा, पर लू जारी:बलौदाबाजार और रायपुर रहे सबसे गर्म; कल बस्तर में बरस सकते हैं बादल

छत्तीसगढ़ में रविवार को भी गर्मी का सितम जारी रहा। अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हुई, लेकिन लू के थपेड़े जारी रहे। बलौदा बाजार के अर्जुनी स्थित ARG (ऑटोमेटिक रेन गेज) में 46.8 डिग्री सेल्सियस का अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। यह रविवार को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान था। शनिवार को जहां प्रदेश की गर्मी का रिकॉर्ड टूटा था, उस मुंगेली का तापमान कम होकर केवल 46.5 डिग्री सेल्सियस ही रहा।

प्रदेश में बलौदा बाजार, मुंगेली, बिलासपुर के ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन, माना और नवा रायपुर में ही तापमान 45 डिग्री सेल्सियस अथवा उसके पार पहुंचा था। वहीं राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। जगदलपुर का मौसम अचानक से गर्म हो गया। शनिवार को जगदलपुर का अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस था। रविवार को वहां 40.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र में और बिलासपुर की वेधशाला में अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। पेण्ड्रा रोड में यह 40.7 और अंबिकापुर में 41.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया है। वहीं दुर्ग में 44.4 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचा। मौसम विभाग का कहना है, सोमवार से मौसम में बदलाव आएगा। हालांकि एक दो पैकेट में लू चलने की संभावना अब भी बताई जा रही है।

पूरी तरह सूखा रहा यह रविवार

स्थानीय सिस्टम से दूरी की वजह से रविवार को कहीं भी बरसात नहीं हुई। हालांकि आसमान में बादल कई जगह छाए रहे। पश्चिमी हवाओं का आना जारी है। इसकी वजह से गर्मी की तीव्रता अधिक महसूस हुई है। रायपुर में 6 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चली हैं।

कल बस्तर में बरसात की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक फैली हुई है। इसकी वजह से प्रदेश में एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ के साथ छीटें पडने की सम्भावना है। वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की सम्भावना है।

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