अस्पताल में तीन माह से बंद सीबीसी जांच मशीन,,,निजी लैब में भेजे जा रहे मरीज,,,, प्रशासन बेखबर

राजेन्द्र देवांगन
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अस्पताल में तीन माह से बंद सीबीसी जांच मशीन,,निजी लैब में भेजे जा रहे मरीज,,, प्रशासन बेखबर

संवाददाता तारिणी राठौर

जांजगीर चांपा:-ठा. छेदीलाल शासकीय अस्पताल में तीन माह से सीबीसी मशीन बंद पड़ी है लेकिन इसको बनवाने के बजाय एक निजी पैथोलेब को पायदा पहुंचाया जा रहा है, लैब का नाम पता लिखकर मरीजों को भेज रहे हैं। ताकि मरीज किसी दूसरे पैथोलेव में ना चले जाए। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में रोजाना दो सौ से ढाई सौ के बीच मरीज ईलाज कराने आ रहे हैं। जिनमें बहुत से मरीजों को डॉक्टर सीबोसी जांच के लिए लिख रहे है, लेकिन जिला अस्पताल का सीवीसी मशीन तीन चार माह से बंद पड़ा हुआ है, ऐसे में मरीज जांच के लिए कहां जाए, तो जिला अस्पताल के डॉक्टर बकायदा ,लैब का नाम पता लिखकर मरीजों को भेज रहे है। सबसे बड़ी बात जिस पैथोलेब में मरीजों को जांच के लिए भेजा जा रहा है वह जिला अस्पताल में पदस्थ संविदा पैथोलाजिस्ट डॉ. अश्वनी राठौर का है जिसको डीएमएफ मद से प्रति माह मोटी रकम भुगतान की जाती है, इस पैथोलाजिस्ट का निजी लैब यादव काम्पलेक्स के प्रथम तल पर है। यहीं रोजाना दर्जनों लोग जिला अस्पताल की पर्ची लेकर पहुंच रहे हैं, ताकि डॉक्टर को अपना ब्लड टेस्ट रिपोर्ट दिखाकर ईलाज करा सके। ऐसे में गरीब तबके के ,लोगों की हालत पतली हो गई है। उधारी में पैसे मांगकर पैथोलेब में टेस्ट कराने मजबूर है। मामले में पैथोलाजिस्ट का कहना है मशीन को सुधारने कई पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अबतक मशीन को नहीं बनाया गया है। शासकीय लैब निजी लैब संचालक के हाथों में होगी तो उसकी सुरक्षा भगवान भरोसे ही होगी,फिलहाल जिला अस्पताल में मशीन खराबी के नाम पर मरीजों को एसजे लैब टेस्ट कराने भेजा जा रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर किस स्वार्थ से ऐसा कर रहे है यह जांच का विषय है । ऐसा तभी किया जाता है जब चढ़ावा अधिकारी कोमिलता है ।इससे पूरे मामले की जांच कराने को अधिकारी आवश्यकता है ,

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