सत्ता के शह में सागौन की अवैध बलि ,,, पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा,,, प्रशासन मौन

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

स्कूल में सागौन की अवैध कटाई पर पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने प्रशासन पर तंज कसा

सिरोंज विश्वकर्मा :-बीजापुर के स्कूल में सागौन की अवैध कटाई पर पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने सत्तापक्ष और प्रशासन पर तंज कसा , गागड़ा का कहना है कि बीजापुर जिला वनो से अच्छादित इलाका है। यहां सागौन की बहुलता है। चूंकि सागौन जैसे बेशकीमती वृक्षों की अवैध कटाई को लेकर सख्त कानून भी बने हैं, लेकिन जिला मुख्यालय में पिछले दिनों सागौन की अवैध कटाई ने वनों की सुरक्षा के दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चूंकि मामला बेहद ही संवेदनशील है और इसमें नगर के कुछ रसूखदारों का हाथ होने की बात सामनें आ रही है। ऐसे में अवैध कटाई के आरोपी हाईप्रोफाइल तस्करों पर कार्रवाई जल्द होनी चाहिए, बावूजद मामले को इतने दिन बीत जाने के बाद भी वन, राजस्व और पुलिस महकमा की कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई मंे जिस तरह की मुस्तैदी दिखनी चाहिए, वैसी नहीं दिख रही, जिससे प्रतीत होता है कि पूरे मामले की जांच प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। कही ना कही इसमें सत्तापक्ष का दबाव नजर आ रहा है। पूरे मामले में सत्तारूढ़ विधायक विक्रम शाह मंडावी की चुप्पी से कई सवाल उठ रहे हैं। मामले में नगर के कुछ रसूखदारों का हाथ होने की बातें सामने आ रही है तो क्या विधायक की चुप्पी को मान लें कि हाइप्रोफाइल तस्करों को विधायक का संरक्षण है। गागड़ा का कहना है कि भारतीय वन अधिनियम 1927 और भारतीय दंड संहिता के तहत् धारा 379 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध होना चाहिए । पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का मामला भी बनता है, इसके अलावा 379 के तहत् चोरी का प्रकरण भी, लेकिन अवैध कटाई को इतने दिन बीत जाने के बाद भी वन, पुलिस, राजस्व की कार्रवाई के प्रति सुस्ती सत्तापक्ष के दबाव की ओर इंगित करता है। बहरहाल भाजपा इस मु्द्दे को लेकर जल्द ही सड़क पर उतरने वाली है। दोसही रसूखदारों पर कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने आंदोलन होगा।

Share This Article