प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में जोगिडीपा जलाशय में ठेकेदार द्वारा जमकर भर्ष्टाचार

राजेन्द्र देवांगन
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समय रहते भी आधे अधूरे निर्माण, बारिश की पहली झलक में ही निर्माण की गुणवत्ता ने जवाब दी

मनोज देवांगन:-गरियाबंद- गरियाबंद जिला के फिंगेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत बोड़की अश्रित ग्राम जोगीडीपा में जोगीडीपा जलाशय को कुछ महीनों पहले ही मरम्मत कार्य किया गया ।शासन प्रशासन से करोड़ों रुपए की स्वीकृति होने के बावजूद भी घटिया निर्माण कार्य किया गया।जिसके चलते बारिश की पहली लहर में ही बांध के पार टूटने के कगार पर है। साथ ही नहर लाइनिग कार्य भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ।बारिश से पहले नव निर्माण कार्य में जो नहर निर्माण किया गया है वह भी फटने लगे है।बता आपको बता दें कि जोगीडीपा जलाशय योजना के शीर्ष कार्य जीर्णोद्धार तथा मुख्य नहर रिमॉडलिंग एवं सी.सी. लाइनिंग कार्य के लिए शासन से स्वीकृत राशि 245 . 27 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। ठेकादार मेसर्स माला मोहन बिल्डर्स द्वारा निर्माण किया गया है वही कार्य प्रारंभ करने की तिथि 31/10/2020 है। वही कार्य पूर्ण करने की की अवधि 8 माह ,यानी 01/07/2021 है। साइन बोर्ड के आधार पर देखा जाए तो इसी माह कार्य पूर्ण की अविधि है।और इसी महीने में ही बारिश की प्रारंभिक अवस्था में ही इनकी गुणवत्ता ने जवाब देना शुरू कर दिया है ।और साथ ही साथ ठेकेदार द्वारा अधूरा निर्माण और गुणवत्ताहीन नहर लाइनिंग कार्य किया गया। जिस नहर का निर्माण हुआ । वह अभी से ही फटने लगा है । कहना लाजमी होगा कि कहीं ना कहीं जिम्मेदार विभागीय अधिकारी भी इसमें शामिल है जिस तरह से इस निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है इससे नाकारा नहीं किया जा सकता कि इसमें विभागीय अधिकारी की मिलीभगत है। देखा जाए तो शासन प्रशासन के द्वारा करो रुपए की स्वीकृति होती है। पर विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदारों द्वारा निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया जाता है।

इस घटिया निर्माण जांच होना चाहिए। और जो राशि अभी भुगतान करने की बची है। उन पर रोक लगाना चाहिए। क्योंकि जिस हिसाब से निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार हुआ है । विभागीय अधिकारी भी देख सकते हैं कि इस निर्माण में भ्र्ष्टाचार हुआ है। कि नही अब देखना यह होगा की खबर लगने पर असर क्या होता है ।इसकी जांच पड़ताल होती है। कि यूं ही शासन-प्रशासन के द्वारा विभागीय अधिकारी और ठेकेदार को छोड़ देते हैं।या कोई ठोस कार्रवाई करते हैं। ग्रामीणों द्वारा इसकी जानकारी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू जी को दिया गया।तो तत्काल एसडीओ नायक से फोन के माध्यम जानकारी ली। और इस मामले को अवगत करा कर भ्र्ष्टाचार करने वाले के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की। साथ ही चंद्रशेखर साहू जी ने कहा कि अगर भर्ष्टाचार के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही होती है । तो आंदोलन की चेतावनी दी है।अब आती है।बात अधूरे निर्माण की ठेकेदार द्वारा अधूरा निर्माण किया गया है । क्योंकि जो बांध के पार में बोल्डर के द्वारा जो निर्माण कार्य किया गया है जिसमें आधा अधूरा कर ठेका द्वार द्वारा पैसे की बचत किया गया। जिसमें विभाग भी मूल्यांकन के लिए आए हो होंगे तो इसका ध्यान भी देना चाहिए था ।क्योंकि निर्माण अभी आधा अधूरा है तो ठेकेदार को पूर्ण करने के लिए बोलना चाहिए था ।लेकिन अधूरा निर्माण कार्य करके कार्य पूर्ण हो गया है।सोच कर यहां से चले गए ।साथ ही में बता दूं की बांध के अंदर से जमकर मुरुम की खुदाई किया गया है।और विभागीय अधिकारी को जानकारी लेने पर कहा गया कि शासकीय काम में ही इसका उपयोग किया जा रहा है।

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