बिलासपुर। लालखदान के पास 4 नवंबर को हुए भीषण MEMU ट्रेन हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन में हलचल मच गई है। रेल मंत्रालय ने हादसे की जांच का जिम्मा रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) ब्रजेश कुमार मिश्रा को दिया था, जिन्होंने लगभग 30 पेज की रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां उजागर की हैं।
हादसे में लोको पायलट सहित 12 यात्रियों की मौत, और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। MEMU ट्रेन ने बिलासपुर स्टेशन से 6 किमी पहले खड़ी मालगाड़ी को तेज रफ्तार में टक्कर मारी थी।
साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट को ड्यूटी देना हादसे की मुख्य वजह
CRS रिपोर्ट में बड़ा खुलासा यह है कि MEMU ट्रेन चला रहे लोको पायलट विद्यासागर साइको-एप्टीट्यूड टेस्ट में फ़ेल थे। इसके बावजूद—
- प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (PCEE) राजीव बरनवाल
- सीनियर DOP मसूद आलम
ने उन्हें MEMU ट्रेन चलाने की अनुमति दी। रिपोर्ट के अनुसार यह निर्णय रेलवे सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है और हादसे का प्रमुख कारण बना।
जांच रिपोर्ट से पहले ‘दिखावटी कार्रवाई’
रिपोर्ट आने से पहले कुछ औपचारिक कार्रवाइयाँ की गईं—
- 16 नवंबर: सीनियर DOP मसूद आलम को लंबी छुट्टी पर भेजा गया
- 3 दिसंबर: प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सुबोध चौधरी का तबादला
- 10 दिसंबर: मसूद आलम की पोस्टिंग बदलकर लोको शेड में की गई
हालांकि रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाइयाँ सतही मानी जा रही हैं।
CRS रिपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई: DRM और PCEE बदले
जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड भेजे जाने के तुरंत बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए—
हटाए गए अधिकारी
- बिलासपुर DRM राजमल खोईवाल को हटा दिया गया
- PCEE राजीव बरनवाल का ट्रांसफर ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर दिया गया
नियुक्तियां
- बिलासपुर के नए DRM उमेश कुमार बनाए गए
- नए PCEE के रूप में आर.के. चौधरी को SECR बिलासपुर भेजा गया
इन आदेशों ने जोनल मुख्यालय में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है।
जोनल स्तर के और अधिकारियों पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
रेल सूत्रों के अनुसार, रेलवे बोर्ड अभी और कार्रवाई कर सकता है।
खासतौर पर—
- साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट को ड्यूटी देने वाले वरिष्ठ अधिकारियों
- ड्यूटी प्रमाणपत्र व रिकॉर्ड प्रबंधन में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अफसरों
पर कड़ी departmental action की संभावना है।
जोनल मुख्यालय में चर्चा है कि अब तक केवल विभाग बदलना या छुट्टी पर भेजना “औपचारिक कदम” हैं, लेकिन CRS रिपोर्ट के आधार पर अगले चरण में सस्पेंशन या कठोर दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
क्या था हादसा
- 4 नवंबर की सुबह MEMU ट्रेन लालखदान स्टेशन के पास खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई
- टक्कर इतनी भीषण थी कि इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया
- 12 लोगों की मौत हुई, 20 से अधिक यात्री घायल हुए
- हादसे के बाद रेलवे ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया था

