नक्सली DVCM दीपक उर्फ सुधाकर और ACM रोहित उर्फ मंगलू का आत्मसमर्पण; MMC जोन हुआ पूरी तरह खत्म

राजेंद्र देवांगन
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ालाघाट/रायपुर। मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ (MMC) जोन के दो हार्डकोर नक्सली DVCM दीपक उर्फ सुधाकर और ACM रोहित उर्फ मंगलू ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पर कुल 43 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इनके सरेंडर के बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि राज्य से सशस्त्र नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है और MMC जोन पूरी तरह खत्म हो गया है।

कौन है नक्सली दीपक और रोहित

  • दीपक (56 वर्ष) साल 1986 में नक्सल संगठन में शामिल हुआ था।
  • इस पर 100 से अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं।
  • दोनों क्षेत्र में कई नक्सली घटनाओं, धमकियों और आंदोलन गतिविधियों में शामिल थे।

सरेंडर के बाद सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाए गए SLR, इंसास राइफल सहित अन्य हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है।


छत्तीसगढ़ में अब भी जारी है नक्सल संघर्ष

जहाँ मध्यप्रदेश ने अपने इलाके को नक्सलवाद मुक्त घोषित किया है, वहीं छत्तीसगढ़ का दंडकारण्य क्षेत्र अभी भी सक्रिय नक्सल गतिविधियों से प्रभावित है।

  • हाल ही में नक्सली सतीश उर्फ रूपेश के सरेंडर के बाद माना जा रहा है कि माड़ डिवीजन लगभग समाप्त हो गया है।
  • लेकिन देवा (बटालियन नंबर 1), पापा राव और कई अन्य वरिष्ठ नक्सली अभी सक्रिय हैं, जिनकी तलाश में पुलिस एवं केंद्रीय बल लगातार अभियान चला रहे हैं।

MP में कैसे बढ़ा था नक्सलियों का प्रभाव

  • नक्सल गतिविधियां 1990 के आसपास बालाघाट, मंडला और डिंडोरी के जंगल क्षेत्रों में फैलनी शुरू हुईं।
  • हथियारों के बल पर ग्रामीणों को धमकाकर नक्सलियों ने यहाँ अपनी पकड़ बनाई।
  • 1990 से 2025 तक
    • 38 पुलिसकर्मी शहीद,
    • 57 नागरिकों की हत्या,
    • 45 नक्सली ढेर,
    • 28 गिरफ्तार किए गए।

हॉकफोर्स, CRPF, जिला पुलिस और कोबरा बटालियन ने लगातार ऑपरेशनों से नक्सलियों को पीछे धकेला।


MMC जोन कैसे तैयार हुआ था

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार—

  • 2014 से 2016 के बीच नक्सलियों ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ बॉर्डर को एक बड़ा सामरिक क्षेत्र बनाकर MMC जोन तैयार किया।
  • सेंट्रल कमेटी ने मिलिंद तिलतुमड़े को इसका प्रभारी बनाया।
  • यहाँ नक्सलियों की संख्या 80–100 से अधिक थी।

2 डिवीजन बनाए गए थे—

  1. GBR डिवीजन – गोंदिया, बालाघाट, राजनांदगांव
  2. KB डिवीजन – कान्हा, भोरमदेव

MMC जोन के टूटने की कहानी

  • 2021, गढ़चिरौली: सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में MMC प्रभारी मिलिंद तिलतुमड़े सहित 26 नक्सलियों को मार गिराया
  • 2023, GBR प्रभारी मंगू की मौत हुई।
  • इसके बाद बस्तर निवासी रामधेर को सेंट्रल कमेटी मेंबर बनाकर MMC जोन में भेजा गया।

लेकिन लगातार दबाव और ऑपरेशनों ने नक्सल संरचना को तोड़ दिया।


तीन राज्यों में लगातार सरेंडर

  1. 28 नवंबर – MMC जोन के प्रवक्ता अनंत ने अपने 11 साथियों के साथ महाराष्ट्र में आत्मसमर्पण किया।
  2. 6 दिसंबर – KB डिवीजन प्रभारी सुरेंद्र उर्फ कबीर ने 10 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया।
  3. 8 दिसंबर – छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में CCM रामधेर ने 12 साथियों सहित हथियार डाल दिए।

इनके बाद नक्सली संगठन पूरी तरह कमजोर हो गया था।


अंतिम दो नक्सलियों के सरेंडर के साथ MMC जोन खत्म

अब सुधाकर और मंगलू के सरेंडर के बाद

  • MMC जोन का अंतिम हथियारबंद ढांचा भी समाप्त
  • मध्यप्रदेश ने नक्सल मुक्त क्षेत्र होने का दावा किया है।

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राजेंद्र देवांगन (प्रधान संपादक)