हत्या के प्रयास के चार साल पुराने मामले में तीन दोषी करार, अदालत ने सुनाई 7 से 8 साल की कठोर सजा

राजेन्द्र देवांगन
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भिंड। जिले की एक अदालत ने चार साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इनमें से दो आरोपियों को सात-सात वर्ष और एक को आठ वर्ष की सजा दी गई है।

मामला 28 फरवरी 2022 का है, जब पीड़िता जूली यादव ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने अपने जेठ जगदीश यादव और उमेश यादव पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने का आरोप लगाया था। उस समय जूली जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती थीं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की और जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।

अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाह पेश किए गए, जिनके बयानों को अदालत ने विश्वसनीय माना। इन साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

कोर्ट ने दोषियों को सुनाई ये सजा:

  • विपेंद्र उर्फ छोटू (पुत्र जगदीश यादव):

    भारतीय दंड संहिता की धारा 307, आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(ए) एवं 27 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और ₹20,000 का अर्थदंड।

  • उमेश यादव (पुत्र ओमप्रकाश यादव):

    धारा 307/34 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 का जुर्माना।

  • जगदीश यादव (पुत्र आशाराम यादव):

    धारा 307/34 के तहत 8 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 का जुर्माना।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी जान से मारने की नीयत से फायरिंग जैसी गंभीर वारदात में संलिप्त पाए गए, जो समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करते हैं। इसलिए उन्हें कठोर सजा देना आवश्यक है।


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