Government price of land in Chhattisgarh-:जल्द बढ़ेंगे जमीनों के दाम, नए सर्किल रेट का फार्मूला तय., जानें कब से होंगे लागू

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर -विष्णुदेव साय सरकार ने छत्तीसगढ़ में अचल संपत्ति व जमीन की सरकारी कीमत तय करने के लिए मापदंड निर्धारित कर दिए हैं। सात मार्च को महानदी भवन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रोड से लगकर स्थित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स या आवासीय कॉम्प्लेक्स के लिए केवल रोड की दर प्रस्तावित की जाएगी। वहीं रोड से अंदर की दर प्रस्तावित नहीं की जाएगी, ताकि कोई भ्रम की स्थिति न रहे। इसी प्रकार किसी रिहायशी कॉलोनी या मोहल्ले में 40 फीट से अधिक चौड़ाई की सड़क, मुख्य मार्ग मानी जाएगी। इसके अलावा इससे कम चौड़ाई की सड़क, जो दो इलाकों को जोड़ने वाली परंपरागत सड़क के रूप में उपयोग होती हो, वह भी मुख्य मार्ग मानी जाएगी। अगर गाइडलाइन की किसी कंडिका में मुख्य मार्ग की दर है, तो उस कंडिका का विनिर्दिष्ट क्षेत्र भी मुख्य मार्ग होगा।

जल्द बढ़ेंगे जमीनों के दाम, नए सर्किल रेट का फार्मूला तय

प्रत्येक दस्तावेज में मुख्य मार्ग का नाम देते हुए उसमें संपत्ति की स्पष्ट दूरी का उल्लेख अनिवार्य होगा। निकटतम मुख्य मार्ग का नाम तथा स्पष्ट दूरी अंकित नहीं होने पर संपत्ति के मुख्यमार्ग में होने की उपधारणा की जाएगी। प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी महानिरीक्षक पंजीयन व केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के अध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने अचल संपत्ति का बाजार मूल्य मार्गदर्शिका सिद्धांत वर्ष 2025-26 निर्धारित करने के संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। छत्तीसगढ़ बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना व उनका पुनरीक्षण नियम 200 के प्रावधानों के अनुसार हर साल की तरह वर्ष 2025 26 के लिए अचल संपत्ति की बाजार मूल्य दरों का पुनरीक्षण किया जाना है।

छत्तीसगढ़ में जमीन की रजिस्ट्री हो सकती है महंगी,

इसके लिए निर्धारित मापदंडों व बिंदुओं को ध्यान में रखकर गाइडलाइन तैयार करने कहा गया है। गाइडलाइन में संपत्ति की अन्य पहचान के लिए कम से कम कंडिकाएं रखी जाएंगी। ऐसे सभी कंडिकाओं का विलोपन या संविलयन किया जाएगा, जिसमें कोई स्थान दो या अधिक कंडिकाओं में ओवरलेपिंग होते हों। शासन द्वारा निर्धारित मानदंड व दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए गाइडलाइन दर तैयार करने के लिए समय-सीमा तय कर दी गई है। उप जिला मूल्यांकन समिति स्तर तक की सभी कार्यवाही 31 मार्च तक पूरी की जाएगी। वहीं, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को प्रस्ताव 15 अप्रैल तक प्ररस्तुत करना होगा। उप जिला मूल्यांकन समिति द्वारा प्रस्तावित दर में 4 कॉलम होंगे। इनमें हेक्टेयर दर-संपत्ति मुख्यमार्ग पर स्थित व संपत्ति मुख्यमार्ग से अंदर तथा वर्गमीटर दर-संपत्ति मुख्य मार्ग पर स्थित व संपत्ति मुख्यमार्ग से अंदर शामिल हैं।

असिंचित भूमि की दर सिंचित भूमि से 10 प्रतिशत कम

बताया गया है कि कृषि भूमि के मामले में केवल सिंचित भूमि की दर निर्धारित की जाएगी और असिंचित भूमि की दर सिंचित भूमि से 10 प्रतिशत कम कर संगणित की जाएगी। एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी में एक ही कंडिका रखी जाएगी। यदि कंडिकाओं की संख्या बढ़ी है तो उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों के निवेश व भावी विस्तार क्षेत्र की जानकारी नगर तथा ग्राम निवेश से ली जाएगी।

सामान्य तौर पर एक वार्ड, ग्राम, कॉलोनी,

ताकि समूचे निवेश क्षेत्र व भावी विस्तारण क्षेत्र में प्रचलित बाजार दर अनुसार गाइडलाइन दर की एकरूपता हो।गाइडलाइन तैयार करते समय समूचे नगर या ग्राम को एक समष्टि मानकर स्थानों, बसाहटों का सैद्धांतिक मूल्य सापेक्ष वर्गीकरण किया जाएगा। वर्गीकरण की दर निर्धारित की जाएगी और इन दरों को सैद्धांतिक वर्गीकरण के आधार पर समतुल्य कंडिकाओं में प्रतिस्थापित किया जाएगा।

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