बर्खास्त B.Ed शिक्षकों के समर्थन में भूपेश: बोले – डरने की जरूरत नहीं, आपके साथ धरने पर बैठूंगा

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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भूपेश बघेल ने बर्खास्त शिक्षकों के आंदोलन को दिया समर्थन, बोले- “डरने की जरूरत नहीं, हम सब जेल जाने को तैयार”

नवा रायपुर के तूता में बर्खास्त B.Ed सहायक शिक्षकों के आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का समर्थन मिला है। गुरुवार को भूपेश बघेल धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बर्खास्त शिक्षकों के लिए लड़ाई लड़ना उनका कर्तव्य है।

भूपेश ने कहा, “डरने की कोई जरूरत नहीं है। आजादी की लड़ाई भी जेलों में लड़ी गई थी। यदि जरूरत पड़ी, तो मैं भी जेल जाने के लिए तैयार हूं।” उन्होंने घोषणा की कि NSUI और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल होंगे।

भाजपा सरकार पर निशाना

भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “नए साल के दिन सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। 2897 नियमित कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। यह किसी ठेकेदार या संविदा कर्मचारी का मामला नहीं है। इन शिक्षकों को पूरी भर्ती प्रक्रिया के बाद नियुक्ति दी गई थी। सरकार को इस गतिरोध का समाधान निकालना चाहिए और शिक्षकों की सेवा सुनिश्चित करनी चाहिए।”

प्रदर्शन और गिरफ्तारी

1 जनवरी को बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया। नारेबाजी के बीच प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी दी। पुलिस ने 30 शिक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

आंदोलन की प्रमुख घटनाएं

14 दिसंबर: शिक्षकों ने अंबिकापुर से रायपुर तक पैदल अनुनय यात्रा शुरू की।

19 दिसंबर: रायपुर पहुंचने के बाद धरने की शुरुआत हुई।

22 दिसंबर: ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित कर सरकार को शांतिपूर्ण संदेश दिया।

26 दिसंबर: शिक्षकों ने सामूहिक मुंडन कराया।

28 दिसंबर: धरना स्थल पर यज्ञ और हवन किया।

30 दिसंबर: अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर लेकर जल सत्याग्रह किया।

शिक्षकों की मांग

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से डीएड प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और बर्खास्त शिक्षकों की सेवा बहाली की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगे सांकेतिक जल समाधि जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।

भविष्य की रणनीति

भूपेश बघेल ने शिक्षकों के आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस, NSUI और यूथ कांग्रेस भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़ी है। आंदोलनकारियों ने अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया है।

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