गरियाबंद में 200 लोगों से 5 करोड़ की ठगी: फर्जी ट्रेडिंग ऐप का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, भोपाल में रच रहा था जाल

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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गरियाबंद, छत्तीसगढ़: एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए भोले-भाले ग्रामीणों से करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। इस घोटाले का मास्टरमाइंड अरुण द्विवेदी को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। इस गैंग ने 200 लोगों को झांसे में लेकर करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी की, और कुल निवेश की रकम 10 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।

फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए ठगी का जाल

  • आरोपियों ने “ट्रेड एक्सपो” नामक एक ऐप लॉन्च किया, जिसमें निवेशकों को रोजाना 1% ब्याज और 5 गुना मुनाफे का लालच दिया गया।
  • शुरुआती 3 महीनों तक निवेशकों को रिटर्न दिया गया, जिससे उनका विश्वास जीता गया।
  • इसके बाद ऐप से पैसे निकालने का विकल्प बंद कर दिया गया।

भोले-भाले ग्रामीणों को बनाया निशाना

  • आरोपी अरुण द्विवेदी ने अपने सहयोगियों शरद चंद्र शर्मा, यशवंत नाग, और कमलेश साहू के जरिए नेटवर्क फैलाया।
  • ये लोग ग्रामीण इलाकों में घूम-घूमकर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे।
  • कई निवेशकों ने घर-बाड़ी तक बेचकर पैसा लगाया, जबकि कुछ ने बाजार से ब्याज पर पैसे उठाकर निवेश किया।

भोपाल में रच रहा था साजिश

  • मास्टरमाइंड अरुण द्विवेदी भोपाल में बैठकर हेड ऑफिस से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
  • एजेंटों को 10% कमीशन दिया जाता था और उनकी सुख-सुविधाओं पर भारी खर्च किया जाता था।
  • हर महीने भोपाल में पार्टी और गेट-टुगेदर आयोजित किया जाता था।

ठगी के आरोपियों की गिरफ्तारी

  • पुलिस ने अब तक अरुण द्विवेदी, शरद चंद्र शर्मा, यशवंत नाग, और कमलेश साहू को गिरफ्तार किया है।
  • अन्य आरोपी राजाराम तारक और संजय बागरिया अभी फरार हैं।
  • इस मामले की जांच गरियाबंद पुलिस और एंटी क्राइम यूनिट कर रही है।

राजिम क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभावित निवेशक

  • इस घोटाले में सबसे ज्यादा लोग राजिम क्षेत्र से हैं, जो पहले भी चिटफंड कंपनियों के शिकार हो चुके हैं।
  • सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 7 साल पहले जिले में 93,598 लोग चिटफंड कंपनियों के जरिए 181 करोड़ रुपये गंवा चुके हैं।

पुलिस की अपील और जांच जारी

गरियाबंद पुलिस ने इस मामले में निवेशकों से आगे आकर शिकायत दर्ज करने की अपील की है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

सावधान रहें और सतर्क रहें

पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी ऐप और कंपनियों के झांसे में न आएं और निवेश से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें। इस घटना ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

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