छत्तीसगढ़ के 27 मजदूरों को महाराष्ट्र में बनाया बंधक

राजेन्द्र देवांगन
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बलौदाबाजार प्रशासन ने कराई घर वापसी; ठेकेदार ने 3 लाख रुपए में बेच दिया था

बलौदाबाजार जिले के 17 मजदूरों को महाराष्ट्र के बीड़ जिले में बंधुआ बनाकर काम कराए जाने की सूचना मिली थी। जिला संपर्क केन्द्र ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग और श्रम विभाग से समन्वय कर 13 दिसंबर 2024 को मजदूरों को बंधन से मुक्त कराया।.सभी 15 दिसंबर को सकुशल घर पहुंच गए हैं। इसमें 10 मजदूर बिलासपुर जिले के भी है।

ठेकेदार के चंगुल से मुक्त होने पर मजदूरों ने सोमवार को कलेक्टर दीपक सोनी से भेंट कर प्रशासन को धन्यवाद दिया। कलेक्टर ने सभी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजी मजदूरी करने की सलाह दी।बलौदाबाजार जिले के मजदूरों को महाराष्ट्र में बनाया गया था बंधक।मजदूरों ने बताया कि जय आनंद कांबले नाम के व्यक्ति द्वारा मजूदरों को ज्यादा राशि का लाभ देकर बुलाया गया। मजदूरों के वहां पहुंचने के कुछ दिनों तक बिना काम कराए रखा गया।

लगभग 10 दिन बाद जय आनंद कांबले ने मजदूरों को परमेश्वर नाम के व्यक्ति के अधीन काम करने के लिए छोड़ दिया।जहां मजदूरों से अमानवीय तरीके से काम कराया जाता था। मजदूरों के विरोध करने पर पता चला कि जय आनंद कांबले ने उन्हें 3 लाख रुपए में परमेश्वर को बेच दिया है। मजदूरों ने इस घटना की सूचना अपने परिजनों को दी।

परिजनों ने बलौदाबाजार में संचालित सम्पर्क केन्द्र में सम्पर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी। बंधक मजदूरों में पीयेन्द्र मनहरे, सावित्री मनहरे, सुरजा मनहरे, सुहानी मनहरे, साधना मनहरे, निलेश मनहरे, कन्हैया मनहरे, आशीन मनहरे, राजकुमारी, दशरथ, सागर जोसेफ सहित 17 अन्य लोग शामिल थे। इसके अलावा बिलासपुर जिले के 10 मजदूर शामिल हैं।

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