प्रोफेसर गैंग के हथियार सप्लायर को VIP-ट्रीटमेंट: मेकाहारा में बिना हथकड़ी लोगों से मुलाकात; पुलिस की मौजूदगी में मिल रहा मोबाइल और मैगजीन, पढ़ें पूरी खबर

राजेन्द्र देवांगन
6 Min Read
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रायपुर में हथियार सप्लाई करने वाले लोकेश अग्रवाल (सोनू) को न्यायिक हिरासत में वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। इस पर ड्रग्स सप्लायर प्रोफेसर गैंग को भी हथियार सप्लाई करने का आरोप है। आरोपी सांस की बीमारी बताकर 19 अक्टूबर से अंबेडकर (मेकाहारा) अस्पताल के.अस्पताल में लोकेश बिना हथकड़ी रिश्तेदारों के साथ मुलाकात करता है।

पुलिसकर्मियों के सामने खुलेआम फोन पर बात करता है, जबकि उसकी निगरानी के लिए दो पुलिसकर्मी वार्ड के बाहर तैनात किए गए हैं, लेकिन आने-जाने वाले किसी की जांच नहीं होती।आरोपी लोकेश अग्रवाल उर्फ सोनू के साथ उसके रिश्तेदार बीते दो दिन से अस्पताल में मौजूद है।23 सितंबर को पकड़ा था पुलिस नेआरोपी लोकेश अग्रवाल को टिकरापारा और एसीसीयू की टीम ने 23 सितंबर को पकड़ा था।

लोकेश पर प्रोफेसर गैंग के सदस्य शुभम को 1 लाख रुपए में पिस्टल बेचने का आरोप था। आरोपी शुभम को कस्टडी में लेने के दौरान पुलिस ने ड्रग्स के साथ पिस्टल भी बरामद किया था। पुलिस की पूछताछ में लोकेश अग्रवाल ने शुभम को पिस्टल देने की बात कही थी।न्यायिक हिरासत में पुलिस ने जेल भेजा थाजेल के सूत्रों के अनुसार आरोपी ने 17-18 अक्टूबर को जेल प्रहरियों को पेट में दर्द होने की बात कही थी।

जेल में देखने के बाद उसको 19 अक्टूबर को जेल अस्पताल से मेकाहारा लाया गया था।गोल घेरे में खड़ा आरोपी लोकेश अग्रवाल उर्फ सोनू है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद मीडिया के सामने पेश किया था।सांस लेने में तकलीफ होने की बताई थी शिकायत मेकाहारा पहुंचते ही आरोपी सोनू ने डॉक्टरों से सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत की थी।

सोनू की शिकायत के बाद डॉक्टरों ने बीपी, चेस्ट और ऑक्सीजन लेवल की जांच की थी। दैनिक भास्कर के पास मौजूद सोनू की रिपोर्ट के अनुसार उसका बीपी 110, ऑक्सीजन लेवल 100 प्रतिशत है।ये दोनों रिपोर्ट आने के बाद सोनू ने डॉक्टरों को लूज मोशन की शिकायत बताई, तो डॉक्टरों ने स्पॉरो लेक की गोलियां दी। दो दिन से इन्हीं शिकायतों के आधार पर मेकाहारा अस्पताल में वो अपना इलाज करवा रहा है।आरोपी लोकेश अग्रवाल की रिपोर्ट, जो मेकाहारा प्रबंधन ने जांच के बाद दी है।

हर समय रिश्तेदार रहते हैं मौजूद लोकेश के साथ दो दिन से लगातार उसके परिजन उसके साथ अस्पताल में मौजूद हैं। पुलिस की मौजूदगी में परिजन उसे खाना, मोबाइल, मैगजीन उपलब्ध करवा रहे हैं, लेकिन ड्यूटी में मौजूद पुलिसकर्मी सबकुछ देखकर अनजान बने बैठे हैं। वहीं अस्पताल प्रबंधन भी मामले पर बयान देने से बच रहा है।जेल प्रहरी नहीं कर रहे प्रोटोकॉल का पालन सोनू की निगरानी के लिए जेल प्रशासन ने दो पुलिसकर्मी लगाए है। इन कर्मियों को निर्देश है, कि बंदी को हथकड़ी लगाकर उसका इलाज करवाए। लेकिन सोनू के साथ आए पुलिसकर्मियों ने उसकी हथकड़ी खोल दी है। बिना हथकड़ी के सोनू खुलेआम वार्ड में घूम रहा है।पहले भी जेल से इलाज कराने या पेशी के दौरान कैदी प्रहरियों को चकमा देकर फरार हो चुके हैं, इन सबके बावजूद जेल प्रशासन की गाइड लाइन का प्रहरी उल्लंघन कर रहे हैं।आरोपी लोकेश अग्रवाल के रिश्तेदार नए चेहरे को वार्ड में देखकर इस तरह चहलकदमी करने लगते हैं।

15 मई को प्रोफेसर गैंग के सरगना को पकड़ा था पुलिस ने15 मई 2024 को प्रोफेसर गैंग के सरगना आयुष अग्रवाल को खम्हार डीह पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। आयुष के साथी कुसुम और महेश कस्टमर को ड्रग्स सप्लाई करने गए थे, इस दौरान दोनों पुलिस के हत्थे चढ़े थे।पुलिस की कस्टडी में आने के बाद आरोपी कुसुम और महेश की निशानदेही पर पुलिस ने सरगना आयुष अग्रवाल उर्फ प्रोफेसर और महेश को पकड़ा था।

सभी आरोपी अंग्रेजी वेब सीरीज मनी हाईस्ट के किरदारों पर अपना नाम रखकर कोड वर्ड के जरिए ड्रग्स की सप्लाई करते थे।प्रोफेसर गैंग के सरगना आयुष अग्रवाल और उसकी टीम को रायपुर पुलिस ने 15 मई को खम्हार डीह इलाके से पकड़ा था।

आरोपियों ने ड्रग्स सप्लाई करने के लिए ऑनलाइन ऐप और वेबसाइट बनाई थी। इन्हीं ऐप और वेबसाइट की मदद से वो अपने ग्राहकों से संपर्क करते थे और एडवांस पैसा लेकर लोगों को ड्रग्स और नशीली सामग्री मुहैया करवाते थे। इस सिंडिकेट के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अलग-अलग छह कार्रवाई की है। मामले में पुलिस की जांच अभी भी जारी है।प्रोफेसर गैंग के अब तक इन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी आयुष अग्रवाल कुसुम हिंदुजा महेश सिंह शुभम सोनी अभिषेक साहू ओने एक्का स्टेपन ओजु चुक्कनजरे आलम आर्यन ठाकरे अमनदीप सिंह छाबड़ा , लोकेश अग्रवाल उर्फ सोनू अग्रवाल,अशोक यादव

प्रोफेसर गैंग का चौथा आरोपी गिरफ्तार; ‘मनी हाईस्ट’ वेब-सीरीज के किरदारों के नाम पर चलाते थे रैकेट आरोपी आर्यन ठाकरे को पुलिस ने 10 लाख रुपए के MDMA ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है।रायपुर में मनी हाईस्ट वेब सीरीज के किरदार के नाम पर ड्रग्स का कारोबार करने वाले प्रोफेसर गैंग के ड्रग सप्लायर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी आर्यन ठाकरे को पुलिस ने 10 लाख रुपए के MDMA ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। इस ड्रग्स को आरोपी हिमाचल प्रदेश के मनाली से लेकर आया था।

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