कांग्रेस नेताओं के करीबी रहे ठग पर इनाम घोषित: रायपुर पुलिस ने जांच आयकर को सौंपी

राजेन्द्र देवांगन
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पुलिस ने आरोपी का पता बताने पर 10 हजार का इनाम रखा है। कांग्रेस नेताओं के करीबी रहे बिलासपुर के निवासी के के श्रीवास्तव पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है। आरोपी लंबे वक्त से फरार चल रहा है और रायपुर पुलिस इसे पकड़ने के लिए कई ठिकानों में रेड कार्यवाही कर चुकी है।लेकिन आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर है।

जिसके बा.सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस को आरोपी के के श्रीवास्तव के खाते की जांच करने में करीब 30 करोड़ रुपए के लेन-देन की जानकारी मिली है।

इसके अलावा आरोपी से जुड़े पांच अन्य बैंक खाते भी मिले हैं जिसमें करीब 300 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। हालांकि ये बैंक खाते EWS मकानों में रहने वाले लोगों के नाम पर है। करोड़ों रुपए के लेनदेन को देखते हुए पुलिस ने आयकर विभाग को इसकी जांच सौंप दी है। फिलहाल इस मामले में आगे की जांच पड़ताल के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।क्या था पूरा मामला जानिए…FIR के मुताबिक ठगी उत्तर प्रदेश के रावत एसोसिएट के मालिक अर्जुन रावत के साथ हुई है। जून 2023 में उनकी मुलाकात एक धर्मगुरु के माध्यम से केके श्रीवास्तव से हुई।

श्रीवास्तव ने तेलीबांधा लाभांडी स्थित एक अपार्टमेंट में रावत से मुलाकात की।कांग्रेस नेताओं का करीबी बतायाजहां श्रीवास्तव ने खुद को कई कांग्रेस नेताओं का करीबी बताया। रावत का देश भर में हाईवे, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, कंस्ट्रक्शन और बिल्डिंग निर्माण से संबंधित कारोबार से जुड़े हैं। वे अपनी कंपनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में काम के नए टेंडर लेना चाहते थे।

गारंटी मनी के नाम पर लिए रुपएबताया जा रहा है कि आरोपी श्रीवास्तव ने अर्जुन रावत से प्रोजेक्ट के लिए 15 करोड़ गारंटी मनी और परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के नाम पर वसूल किए। उसने ठेकेदार को 500 करोड़ का काम दिलाने की बात कही थी। इसके लिए श्रीवास्तव ने उसे प्रोजेक्ट के कई फर्जी दस्तावेज भी दिखाए। इसके अलावा एक फर्जी कंपनी का मेमोरेंडम भी तैयार करके भेजा। ताकि चीजें ऑफिशियल लगे।

पीड़ित ने इस रकम को अलग-अलग किश्तों में भुगतान किया था।जब ठेकेदार को लंबे समय तक स्मार्ट सिटी का टेंडर नहीं मिला तो उसे ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद पीड़ित ने रायपुर के तेलीबांधा थाने में 2 महीने पहले शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।पिता-पुत्र पर FIR, जांच जारीइस मामले में पुलिस ने केके श्रीवास्तव और उसके बेटे कंचन श्रीवास्तव को आरोपी बनाया है।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, जान से मारने की धमकी और क्रिमिनल तरीके से प्लानिंग करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी पर 6 धाराएं लगी हैं। फिलहाल, दोनों पिता-पुत्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।पुलिस पिछले 1-2 महीने से दोनों आरोपियों की तलाश में बिलासपुर स्थित अज्ञेय नगर और दूसरे जगहों पर छापा मारा था। लेकिन वे दोनों वहां पर नहीं मिले तो पुलिस ने आसपास पूछताछ कर वापस लौट आई थी।

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