बलि देना है तो अपने अंदर की पशुता की देनी चाहिए: अजय

राजेन्द्र देवांगन
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शारदीय नवरात्रि के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अम्बिकापुर ने चोपड़ापारा में चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन किया है। झांकी का शुभारंभ विधि-विधान से किया गया।

सामाजिक कार्यकर्ता वन्दना दत्ता ने अपने विचार रखे।मंगल पाण्डे ने कहा कि हम यहां आकर साक्षात देवियों का दर्शन करते हैं।

हम अपने दैनिक जीवन के भागदौड़ में कई बातों व समस्याओं से ग्रस्त रहते हैं। इन समस्याओं के समाधान, शांति व नैतिक कल्याण के लिए यह संस्था कई वर्षों से मानव मन के अन्दर की कमियों को दूर करने का कई प्रोग्रामों द्वारा ध्यान और मेडिटेशन के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते रही है। आर्ट ऑफ लीविंग के संचालक अजय तिवारी ने कहा कि बलि देना हीं है, तो अपने अन्दर की पशुता की देनी चाहिए।

आज हम भैंस के समान जीवन जी रहे हैं, माता-पिता जो संस्कार दे रहे, उन्हें सुनते नहीं है। डीएनए के माध्यम से भी हमारे अन्दर विकार आ गए हैं, तो रक्त सोधन करें।

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