गणेश प्रतिमाओं की खरीदी के लिए उमड़े श्रद्धालु, इको फ्रेंडली गणपति बना लोगों की पहली पसंद

राजेन्द्र देवांगन
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 रायपुर। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं की खरीदी करने के लिए श्रद्धालु उमड़े। सत्ती बाजार, सदरबाजार, मालवीय रोड, शास्त्री बाजार, आमापारा जैसे मुख्य बाजारों के अलावा अनेक इलाकों में रौनक छाई रही। महंगी होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी पसंद की प्रतिमाओं की खरीदारी की। रिद्धि-सिद्धि के बीच में विराजे और पगड़ी पहने गणेश की प्रतिमाएं पहली पसंद रहीं। बड़े मूषक पर विराजित प्रतिमाएं भी खूब बिकीं।

पंडालों में 15 फीट की प्रतिमाएं

अनेक बड़े पंडालों में 10 से 15 फीट की प्रतिमाएं विराजित की जा रहीं हैं। खासकर महाराष्ट्रीयन स्टाइल में बनाई गई प्रतिमाएं, लालबाग के राजा, राजस्थानी पगड़ी वाली प्रतिमाओं की अधिक मांग रही। एक दिन पहले ही गाजे-बाजे के साथ गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे लगाते हुए युवा पंडालों तक पहुंचे। शनिवार की शाम तक पंडालों में विधिवत प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित की जाएगी।

इको फ्रैंडली को प्राथमिकता

मिट्टी की प्रतिमाओं के अलावा चाक, कैंडी, टाफी, नारियल जूट, मौली धागा, क्राफ्ट पेपर, मोमबत्ती से बनाई गई प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र है। इन मूर्तियों को विशेष रूप से आर्डर पर तैयार किया गया है।

स्थल सजावट की थीम

कालीबाड़ी चौक में राम दरबार, शीशमहल, विक्रांता की थीम पर पंडाल का निर्माण किया गया है। नयापारा में केदारनाथ की झांकी बनाई जा रही है। इसी तरह टिकरापारा में गोवर्धन पर्वत को उठाते कृष्ण की झांकी बन रही है।

गुढ़ियारी में वृंदावन

गुढ़ियारी पड़ाव गणेशोत्सव समिति के मनोज राठी व प्रकाश माहेश्वरी ने बताया कि वृंदावन धाम की झांकी बनाई जा रही है। दुर्ग के कलाकार जंगी मल्होत्रा झांकी बना रहे हैं। इसमें नंदगांव, यमुना नदी में गोपियों के वस्त्र चुराते, कालिया नाग का मर्दन करते, पूतना वध, माखन चोरी, नल कुबेर और मणि ग्रीव को मुक्त करने, रासलीला का प्रसंग और पुष्प वाटिका में राधा-कृष्ण का दर्शन, गोवर्धन पर्वत को प्रस्तुत किया जाएगा।

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