NEET : नीट परीक्षा रद्द करने और काउंसलिंग पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, NTA को नोटिस…!

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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NEET : नीट परीक्षा रद्द करने और काउंसलिंग पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, NTA को नोटिस…!
देश की सर्वोच्च अदालत ने नीट यूजी 2024 की काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सोमवार को नीट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने ये माना कि नीट यूजी परीक्षा परिणाम प्रभावित जरूर हुआ है और इसको लेकर एनटीए को जवाब भी देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस संदर्भ में एनटीए और सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने 8 जुलाई को अगली सुनवाई का समय निर्धारित किया है।

स्पेशल बेंच ने क्या कहा?
शीर्ष अदालत ने 10 उम्मीदवारों की ओर से नीट परीक्षा को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम यह मान रहे हैं कि परीक्षा परिणाम प्रभावित हुए हैं और इसको लेकर एनटीए और सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है, लेकिन परीक्षा को रद्द नहीं किया जाएगा और ना ही काउंसलिंग पर रोक लगाई जाएगी। जस्टिस विक्रम नाथ और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की स्पेशल बेंच ने काउंसलिंग पर रोक लगाने और परीक्षा को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया।

67 टॉपर्स से नीट यूजी पर खड़े हुए हैं सवाल
बता दें कि नीट यूजी परीक्षा 5 मई को आयोजित हुई थी जिसका रिजल्ट 4 जून को जारी हुआ। रिजल्ट को लेकर शिकायतें तब आई जब 67 स्टूडेंट्स ने इस परीक्षा को टॉप किया। पिछले 2-3 साल में 3-4 स्टूडेंट्स ही परीक्षा को टॉप कर पाए हैं, लेकिन इस बार टॉपर्स की संख्या ने एग्जाम में गड़बड़ी की ओर इशारा किया। रिजल्ट के बाद से ही पेपर लीक के आरोप एनटीए पर लग रहे हैं। हालांकि एनटीए ने भी माना है कि उसके कुछ सेंटर्स पर पेपर में गड़बड़ी हुई है। हालांकि पेपर लीक की बात को एनटीए ने खारिज किया है।

शिवांगी मिश्रा और अन्य 9 ने दाखिल की थी याचिका
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में शिवांगी मिश्रा और अन्य 9 लोगों ने याचिका दाखिल कर नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी। ये याचिका 1 जून को दाखिल हुई थी। सभी 10 याचिकाकर्ताओं ने नीट यूजी परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की मांग की थी। बता दें कि एनटीए के शेड्यूल के मुताबिक रिजल्ट भी 10 दिन पहले जारी किया गया था। रिजल्ट जारी होने की तारीख पहले 14 जून थी। याचिका में कुछ उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स देने के एनटीए के फैसले पर भी सवाल उठाया गया है।

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