मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से बालक टिंगे रितेश ने दी कुपोषण को मात

राजेन्द्र देवांगन
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मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से बालक टिंगे रितेश ने दी कुपोषण को मात

बीजापुर जिले में कुपोषण एक गंभीर समस्या बनी हुई। राज्य शासन में महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान द्वारा चिन्हाकिंत कुपोषित बच्चों को लगातार अभियान से जोड़कर लाभान्वित किया जा रहा है। जिसका सकारात्मक परिणाम देखने का मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से संचालित हो रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमला कुपोषण से मुक्त करने व्यापक स्तर पर कार्य रहे है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से कुपोषित बच्चों की अतिरिक्त पौष्टिक आहार प्रदाय किया जा रहा। जिसमें मोरेंगाबर, पौष्टिक बिस्किट, अण्डा एवं गरम भोजन प्रतिदिन हरी सब्जी दाल, दाल में मोरेंगा पाउडर मिलाकर खिलाया जाता है। जिससे कुपोषित बच्चे तेजी से सुपोषण की अग्रसर हो रहे है।
एकीकृत बाल विकास परियोजना भोपालपटनम के सेक्टर मददेड़ अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र उस्कालेड-1 में दर्ज बच्चों का प्रतिदिन वजन लिया जाता है। वजन के आधार पर बच्चों का कुपोषण स्तर मापा जाता है। कुपोषण से प्रभावित बच्चों को चिन्हाकिंत किया जाता है। इसी दौरान बालक टिंगे रितेश को कुपोषित बच्चे के रुप में चिन्हाकिंत किया गया। टिंगे रितेश का जन्म 2018 में हुआ था, जन्म के समय मात्र 2.500 किलोग्राम था। कुछ दिन बाद बच्चा बार-बार बीमार पड़ने लगा, जिससे उनके माता-पिता परेशान हो गए। फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ललिता दुब्बा ने बच्चे के माता-पिता को पोषण पुनर्वास के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बच्चे को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराने के लिए राजी किया। जहां बच्चे को 15 दिनो तक विशेष निगरानी में रखते हुए उचित देखभाल किया। साथ ही बच्चे की माता कालक्का को पौष्टिक आहार बनाने के विस्तृत जानकारी दी गई, बच्चे के स्वास्थ्य एवं शीघ्र स्तनपान, सतत स्तनपान 6 माह तक कराने के साथ ही उपरी आहार स्वच्छता टीकाकरण के बारे में विस्तार से बताया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा नियमित रुप से 2-3 दिन के अंतराल में गृह भेटकर बच्चे की सेहत की जानकारी ली गई। आज वर्तमान में बालक टिंगे रितेश का वजन 13.3 किलोग्राम जो सामान्य स्थिति में है। बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से बदलाव आया। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है। बच्चे के माता-पिता शासन की योजनाओं को भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की सराहना की और कहा कि जिले के अधिकांश बच्चे अब मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से कुपोषण मुक्त हो रहे हैं।

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