अवैध रूप से भण्डारित 877 ट्रीप रेत जब्त, 5.84 लाख
में सरकारी काम करने वाले ठेकेदार को सौंपा गया

राजेन्द्र देवांगन
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अवैध रूप से भण्डारित 877 ट्रीप रेत जब्त, 5.84 लाख
में सरकारी काम करने वाले ठेकेदार को सौंपा गया

बिलासपुर, हरीश माड़वा-अवैध रूप से भण्डारित रेत का कोई वारिस सामने नहीं आनेे के कारण 877 ट्रीप रेत को जब्त कर खनि विभाग द्वारा सरकारी काम के लिए ठेकेदार को सौंप दिया गया है। इससे राज्य सरकार को 5 लाख 84 हजार रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। मामला बिलासपुर तहसील के ग्राम गढ़वट का है। गौरतलब है कि गढ़वट के ग्रामीणों ने विगत 22 जनवरी को रेत के अवैध भण्डारण की शिकायत की थी। खनि विभाग द्वारा मौका पहुंचकर राजस्व एवं ग्राम पंचायत के सहयोग से मामले की जांच की गई । कोई भी मालिक रेत का दावा नहीं किया, जिसके कारण 877 ट्रीप रेत को जब्त कर सरकारी काम के लिए ठेकेदार को निर्धारित दर की राशि लेकर सौंप दिया गया है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने ग्रामवासियों के हवाले से बताया कि भण्डारित रेत के अवैध भण्डारणकर्ताओं को मौके पर नोटिस जारी कर अग्रिम कार्यवाही हेतु कार्यालय में तीन दिवस के भीतर उपस्थित होने के लिए कहा गया था किन्तु कोई भी अवैध भण्डारणकर्ता नियत तिथि में उपस्थित नहीं हुये और न ही किसी ने रेत भण्डारण किया जाना स्वीकार किया।
गौरतलब है कि खनिज एवं राजस्व अमले द्वारा ग्राम पंचायत गढ़वट के सरपंच, सचिव और ग्रामीणों के उपस्थिति में गावं के विभिन्न स्थलों में लावारिस रूप से भण्डारित किये गये रेत की मात्रा की गणना की गई। संयुक्त एवं जांच दल की गणना अनुसार ग्राम गढ़वट में लगभग 877 ट्रीप ट्रेक्टर रेत भण्डारित होना पाया गया था। उक्त खनिज रेत को लावारिस हालत में जप्त कर ग्राम पंचायत गढ़वट के सरपंच की सुपुर्दगी में दिया गया।
ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने बताया कि गांव में हमेशा अज्ञात लोगों के द्वारा रेत चोरी करने से विवाद की स्थिति बनी रहती है। कई बार भण्डारित रेत खनिज की निगरानी के लिए गांव वालों को रात में भी जागना पड़ता है। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने बताया कि यदि भण्डारित रेत को शासन द्वारा निर्धारित किये गये शुल्क जमा करने पर किसी भी ठेकेदार द्वारा शासकीय निर्माण कार्य में इस रेत का उपयोग किया जाता है तो ग्राम पंचायत को कोई आपत्ति नहीं होगी। इस प्रकार नियमानुसार रेत की मात्रा के आधार पर शुल्क राशि जमा करने पर भण्डारित रेत को रतनपुर के मेसर्स राधेश्याम अग्रवाल को भण्डारित रेत का उपयोग शासकीय निर्माण कार्य में करने की स्वीकृति दी गई।
इससे पहले भी लिंगियाडीह में भी अवैध रूप से भण्डारित लावारिस रेत को जब्त कर इसका उपयोग सरकारी कार्य में उपयोग के लिए सुपुर्द किया गया था। खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुए लिंगियाडीह और मधुबन में 06 व्यक्तियों के खिलाफ अवैध भण्डारण का प्रकरण भी दर्ज किया गया है तथा इन व्यक्तियों पर अर्थदण्ड भी लगाया गया है.

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