CM की चेतावनी: छत्तीसगढ़ तीसरी लहर की ओर…कहा- बड़े आयोजनों-सभाओं पर रोक लगाएं,,,,, संक्रमण बढ़ने पर लग सकता है लॉकडाउन

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

CM की चेतावनी- छत्तीसगढ़ तीसरी लहर की ओर…कहा- बड़े आयोजनों-सभाओं पर रोक लगाएं,,,,, संक्रमण बढ़ने पर लग सकता है लॉकडाउन

छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश तीसरी लहर की ओर बढ़ रहा है। कोरोना के मामले तेजी से बढ़ेंगे, इसकी तेज पहचान और तत्काल इलाज शुरू कर स्थिति नियंत्रित की जा सकती है। अभी बड़े आयोजनों और सभाओं पर रोक लगाने की आवश्यकता है। सीएम ने कहा कि मरीजों के बढ़ने पर लॉकडाउन का फैसला भी लिया जा सकता है।

सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए आपात समीक्षा की। सीएम निवास में हुई बैठक में जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। फिलहाल सीएम ने विभागीय अधिकारियों को इलाज और नियंत्रण की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बड़े आयोजनों और सभाओं पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों ने सीएम को कोरोना के मौजूदा हालात और दूसरे प्रदेशों में आ रहे केस के बारे में जानकारी दी है। अधिकारियों का कहना था, देश भर में मरीज बढ़ रहे हैं। यह तीसरी लहर की दस्तक है। अधिकारियों ने स्वास्थ्य और नागरिक प्रशासन की तैयारियों की भी जानकारी दी है।

सीएम भूपेश बघेल ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण और संक्रमित मरीजों के इलाज के पुख्ता बंदोबस्त करने को कहा है। उन्होंने सभी स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।

लॉकडाउन आखिरी विकल्प

सीएम भूपेश बघेल ने कहा, लॉकडाउन हमारा अंतिम विकल्प होगा। अभी हमने नजर रखी हुई है। कोशिश यह हाेगी कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड में चेकिंग बढ़ाने की बात है। होम आइसोलेशन, क्वारैंटाइन की व्यवस्था हो। उसके बाद भी संक्रमण बढ़ रहा हो तो लॉकडाउन का फैसला हो सकता है।

कोरोना की रोकथाम के लिए विभागों को तैयार रहने के निर्देश

पत्रकारों से चर्चा में सीएम भूपेश बघेल ने कहा, कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए विभागों को तैयारी रखने काे कहा है। कोई कदम उठाने से पहले विभाग से जानकारी ले लें। स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग से बात करेंगे। व्यापारियों, कारोबारियों, उद्योगों और दूसरे संगठनों से चर्चा करके ही कोई फैसला लें।

Share This Article