किसान-शौर्य और विजय दिवस मनाकर किसानों ने ढोल ताशे ,मिठाई वितरण एवम् किसान केक काटकर ख़ुशी मनाए

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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बिलासपुर से हरीश माड़वा की ख़ास ख़बर

किसान-शौर्य और विजय दिवस मनाकर किसानों ने ढोल ताशे ,मिठाई वितरण एवम् किसान केक काटकर खुशी मनाए
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हम भारत के लोग किसान मजदूर महासंघ एवं छ.ग. किसान सभा का नेहरू चौक में हुआ आयोजन
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बिलासपुर-राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर आज नेहरू चौक बिलासपुर में तीनों काले कानून वापस होने एवम् एमएसपी की कानूनी गारंटी देने सहित सभी मांगों को पूर्ण करने मोदी सरकार द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने पर 380 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन को स्थगित कर 11 दिसंबर को विजय दिवस मनाने के निर्णय अनुसार आज हम भारत के लोग किसान मजदूर महासंघ एवं छग किसान सभा बिलासपुर द्वारा *नेहरू चौक बिलासपुर में दो बजे से 4 बजे तक ढोल ताशे के साथ नाचते हुए नारे बाजी के साथ नेहरू चौक पर विजय जुलूस निकाल कर , किसान केक काटकर मिठाई एवम् केक खिलाकर *ऐतिहासिक किसान आंदोलन की सफलता* की खुशी मनाई गई।
इस अवसर पर महासंघ के संयोजक श्याम मूरत किसान पुत्र, किसान नेता नन्द कश्यप, उप संयोजक सालिक यादव, अजय राय, छग किसान सभा के उपाध्यक्ष राकेश चौहान, अंबिका कौशिक, आशा सुबोध, एड राजदीप छाबड़ा एड प्रियंका शुक्ला , सुखाऊ निषाद गणेश निषाद, राजेन्द्र कौशिक, नत्थू गिरी गोस्वामी, अंबेडकर वादी चिंतक संजीत बर्मन, सुनीता साहू, महेश्वर साहू, पिंटू खांडे, चुन्ना लाल शिव कुमार कश्यप, बहोरण, डाकेश्वर कौशिक भोला साहू कुणाल रामटेके एवम् बसंत ओंड कार ने कहा कि ये किसान आंदोलन जो आजादी का दूसरा आंदोलन है ,ने हमें सिखाया है कि बड़े से बड़े तानाशाही सरकार को झुकाया जा सकता है। हमने इस आंदोलन को बड़े ही धैर्य संयम साहस और रणनीति के तहत 380 दिनों तक चलाया और शासन प्रशासन और गोदी मीडिया के लाखों उपाय करने के बाद भी हमारा आंदोलन असफल नहीं हुआ और हम विजय हासिल कर लिए। इस उत्साह को बनाए रखना है और गाव गाव जाकर किसानों को उत्साहित करना है छग में भी किसानों की बहुत समस्याएं है जिनके लिए भी हमें एकजुट होकर संघर्ष करना है।
*केन्द्र सरकार द्वारा जो msp की कानूनी गारंटी देने सहित सभी मांगों को पूर्ण करने की लिखित आश्वासन की आगामी 15 जनवरी को राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में समीक्षा की जाएगी फिर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। हम आव्हान करते है कि अभी ये आंदोलन समाप्त नहीं स्थगित हुआ है जो सरकार के आश्वासन पर कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
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