विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस
हितार्थ एक सेवा द्वारा किशोरियों को मासिक धर्म की जानकारी देकर किट वितरित किया

राजेन्द्र देवांगन
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विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस
हितार्थ एक सेवा द्वारा किशोरियों को मासिक धर्म की जानकारी देकर किट वितरित किया


कमल दुसेजा,बिलासपुर। आज विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर एक कार्यक्रम में “हितार्थ” एक सेवा के द्वारा किशोरियों को मासिक धर्म से संबंधित भ्रांतियों पर प्रकाश डालते हुए संबंधित सही जानकारियां दी गई एवं प्रत्येक उपस्थित किशोरियों को माहवारी से संबंधित सामग्रियों की किट उपहार स्वरूप प्रदान की गई। कार्यक्रम में सर्वप्रथम सोशल वर्कर श्रीमती सुनीता सिंह द्वारा उपस्थित किशोरी बालिकाओं को माहवारी से संबंधित जानकारी देते हुए बताया गया कि इस संबंध में महिलाओं के बीच फैली हुई अनेक भ्रांतियां व्याप्त है! जिन तक सही जानकारी पहुंचाना बहुत आवश्यक है !उन्होंने भ्रांतियों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित किशोरियों को इसकी सही जानकारी दी एवं इसके लिए बरती जाने वाली स्वच्छता के बारे में अवगत कराया।

उन्होंने इस अवसर पर आगे बताया कि प्रायः ग्यारह से चौदह वर्ष की किशोरियों को जब प्रथमत: माहवारी प्रारंभ होने का अनुभव होता है तो वह अक्सर ऐसी स्थिति में घबरा जाती हैं! यह समय बढ़ती किशोरियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है ।उन्हें ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय सही जानकारी एवं अपनी स्वच्छता पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी होता है। इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं होती। यह बढ़ती उम्र के साथ शरीर के हारमोनिक बदलाव की सामान्य प्रक्रिया है जो कि स्वाभाविक होती है। इस समय किशोरियों को अपने स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है। उन्हें संक्रमण से बचने के लिए रोजाना स्नान करना चाहिए ।प्रत्येक चार घंटे के अंतराल में कॉटन या सेनेटरी पैड बदल देना चाहिए। वहीं अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है। इस दिशा में गवर्नमेंट द्वारा कई जागरूकता योजनाएं चलाई जा रही हैं फिर भी हमारे देश में इस पर बहुत कार्य होना बाकी है। श्रीमती सुनीता सिंह ने आगे कहा कि मासिक धर्म के प्रति सामाजिक जागरूकता बहुत जरूरी है ।रूढ़ियों को भी त्यागना जरूरी है ।इस विषय में उन्होंने कहा कि कोई अन्य परेशानी होती है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि समाज को यह ध्यान जरूर रखना होगा कि मासिक धर्म है तो स्त्री का स्त्रीत्व है । उसके मातृत्व का यह मूल आधार है। यह भगवान से मिला एक वरदान है जो केवल स्त्री को ही प्राप्त हुआ है। वो पांच दिन जब स्त्री को अपवित्र समझा जाता है तब लोगों को यह भी जानना जरूरी है कि वह ऐसी सोच के साथ खुद ही अपनी पैदाइश पर शक करते हैं। कार्यक्रम के अंत में सुनीता सिंह ने उपस्थित किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म से संबंधित सामग्रियों की किट का निशुल्क वितरण किया।
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