गद्दारों की पहचान करने जिला कांग्रेस कमेटी नाकाम…क्रॉस वोटिंग करने वाले बिकाऊ पार्षदों को बचाने कैसी सांठगांठ…? PCC चीफ के पास पहुँची लिखित शिकायत…गंभीर आरोप…

Jagdish Dewangan
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मुंगेली :- नगर पालिका मुंगेली के उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस के बहुमत के बावजूद कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था, कांग्रेस के 3 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग कर अपनी ही पार्टी से गद्दारी की थी। मामले में जिला कांग्रेस कमेटी ने दिनांक 24/03/2025 को जांच टीम का गठन भी किया परंतु परिणाम कुछ न निकला।जिससे मुंगेली जिला कांग्रेस कमेटी पर गद्दारों की पहचान करने और उन पर कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम रहने का गंभीर आरोप लगा हैं। कांग्रेस पार्टी के भीतर से ही सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्रॉस वोटिंग करने वाले ‘बिकाऊ पार्षदों’ को बचाने के लिए किसके इशारे पर सांठगांठ की जा रही है ? इस मामले की लिखित शिकायत अब सीधे प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) चीफ दीपक बैज के पास पहुंच चुकी हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई हैं।

​जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल…

कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और निष्ठावान नेताओं का आरोप है कि पार्टी के भीतर रहकर भीतरघात करने वालों के खिलाफ जिला स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे संगठन की छवि धूमिल हो रही हैं और कांग्रेस पर तरह तरह के आरोप लग रहे हैं। जब जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा 24/03/2025 को उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस के क्रॉस वोटिंग की जांच हेतु 3 सदस्यीय टीम गठन किया गया था तो डेढ़ वर्ष बाद भी जांच कमेटी किसी निष्कर्ष पर क्यों नहीं पहुँची ? क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के गद्दार पार्षदों की पहचान क्यों नहीं की गई ? और जांच कमेटी ने जब क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों की पहचान नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने इस पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की ? ये सभी सवाल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हर समय रखा हैं पर उन्हें जवाब नहीं मिला।

​​सांठगांठ के गंभीर आरोप…

स्थानीय स्तर पर कांग्रेस से क्रॉस वोटिंग करने वाले गद्दारों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें संरक्षण देने और मामले को दबाने के लिए परदे के पीछे सांठगांठ किए जाने की चर्चा जोरों पर है।

​PCC चीफ दीपक बैज के दरबार में शिकायत…

मामले की गंभीरता को देखते हुए और असंतुष्ट नेताओं और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के आक्रोश और पीड़ा को देखते हुए पूर्व विधायक प्रतिनिधि स्वतंत्र तिवारी ने दिनांक 15/10/2026 को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज को लिखित शिकायत सौंप दी है, जिसमें उन्होंने मुंगेली नगर पालिका उपाध्यक्ष चुनाव 2025 में कांग्रेस पार्टी से गद्दारी, भीतरघात करने और अपना वोट भाजपा को बेचने वालों की पहचान कर नाम सार्वजनिक कर उन्हें कांग्रेस पार्टी से निष्कासित करने तथा जिला कांग्रेस कमेंटी द्वारा दिनांक 24/03/2025 को गठित जांच टीम द्वारा आज दिनांक तक सही और पूर्ण जांच न किये जाने को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी से स्पष्टीकरण मांगने तथा कांग्रेस पार्टी हित में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की मांग की गई हैं।

​राजनीतिक हलचल…

मुंगेली कांग्रेस में मचे इस घमासान के बाद अब सबकी निगाहें प्रदेश नेतृत्व पर टिकी हैं कि पीसीसी चीफ दीपक बैज इस गंभीर शिकायत पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं और क्या वाकई पार्टी के भीतर छुपे ‘गद्दारों’ पर नकेल कस पाएगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। आपको बता दे कि जांच टीम ने क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के पार्षदों में एक पार्षद विनय चोपड़ा पर कार्यवाही करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर औपचारिकता निभा तो दिया बाद में उनका भी निष्कासन रद्द हो गया, और आज तक बाकी दो कांग्रेसी पार्षदों की पहचान नहीं हो पाई हैं।

जानिये क्या हैं पूरा मामला….

नगर पालिका मुंगेली के चुनाव में कांग्रेस के 11, बीजेपी के 10 और 1 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर आए थे। कांग्रेस ने वरिष्ठ पार्षद अरविंद वैष्णव को और भाजपा ने जयप्रकाश मिश्रा को नगर पालिका उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया था। कांग्रेस पार्षदों के बहुमत के बावजूद भी कांग्रेस का उपाध्यक्ष नहीं बनाया जा सका। इस चुनाव में कांग्रेस के पाले में अध्यक्ष सहित 12 मत थे। जबकि, बीजेपी के पास निर्दलीय पार्षद के साथ 11 मत थे। निर्वाचित नपा अध्यक्ष और 22 वार्ड के पार्षद ने अपने मतों का प्रयोग किया। जिसमें बीजेपी के पक्ष में 13, कांग्रेस के पक्ष में 9 तो 1 मत रिजेक्ट होकर बीजेपी पार्षद जयप्रकाश मिश्रा नगरपालिका में उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। इस परिणाम ने यह सिद्ध कर दिया था कि कांग्रेस में चालाकी और धोखेबाजी करने वालों की कमी नहीं हैं क्योंकि कुछ 12 मत होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार को 9 मत मिलना यह अपने आप में बड़ा उदाहरण था। परिणाम आने के बाद कांग्रेस में क्रोस वोट करने वालों की पहचान के लिए टीम बनाई गई थी, जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा दिनांक 24/03/2025 को तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था, परंतु जांच टीम ने ऐसी जांच की कि केवल एक कांग्रेसी पार्षद विनय चोपड़ा को क्रॉस वोटिंग करने का दोषी पाते हुए कांग्रेस पार्टी से निकाला गया, जबकि पार्टी के बाकी धोखेबाजों के विषय में अभी तक कोई जांच या कार्यवाही नही की गई, अब इसमें क्या अड़चन आ रही है यह तो कांग्रेस कमेटी या जांच कमेटी ही जाने ? कांग्रेस कार्यकर्ताओं में यह चर्चा हैं कि भाजपा को सपोर्ट करने वाले कांग्रेसी पार्षदों पर कार्यवाही न करने सत्तापक्ष के नेताओं का दबाव हैं? डर हैं ? या कोई और बात ? यह समझ से बाहर हैं ? उनका कहना हैं कि कांग्रेस के खिलाफ काम करने वाले धोखेबाजों को जल्द ही पार्टी से निलंबित करना चाहिए। कार्यवाही न होने से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में बहुत ही आक्रोश देखा गया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कहा कि जांच टीम को जल्द ही बाकी धोखेबाजों को पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए, मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को कड़ी कार्यवाही करनी चाहिये।

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संपादक - जगदीश देवांगन