बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) क्षेत्र से विस्थापित किए जा रहे ग्रामीण परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। एटीआर प्रबंधन के अनुसार टाइगर रिजर्व के तीन गांवों के 171 परिवारों को नए स्थान पर बसाने की योजना के तहत जोगीपुर में आवास निर्माण का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से एक गांव के विस्थापित परिवार इस बार नए घर में दीपावली मनाएंगे।

तीन गांवों के 171 परिवार होंगे विस्थापित
एटीआर क्षेत्र के बिरारपानी, छिरहट्टा और तिलईडबरा गांवों के करीब 133 परिवारों के विस्थापन का काम चल रहा है। वहीं तीनों गांवों के कुल 171 परिवारों को नए स्थान पर बसाने की योजना बनाई गई है।
प्रबंधन के अनुसार, पहले चरण में तिलईडबरा के ग्रामीणों के लिए जोगीपुर में पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई है। यहां 93 परिवारों के लिए मकान निर्माण का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
जोगीपुर में तैयार हो रहे नए घर
जोगीपुर में विस्थापित ग्रामीणों के लिए आवास निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। खबर के मुताबिक, पहले चरण में 93 परिवारों के लिए बनाए जा रहे आवास का काम अंतिम चरण में है।

इसके अलावा दूसरे चरण में अन्य विस्थापित परिवारों के लिए भी आवास तैयार किए जाने हैं। एटीआर प्रबंधन के अनुसार, ग्रामीणों को नए स्थान पर बसाने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है।
255.300 हेक्टेयर जमीन चिह्नित
विस्थापन के लिए जोगीपुर और भरतपुर में कुल 255.300 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। इसमें 171 परिवारों के पुनर्वास की योजना है।
अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक परिवार को पुनर्वास के लिए निर्धारित आर्थिक सहायता के साथ आवास उपलब्ध कराया जाएगा। खबर में बताया गया है कि प्रत्येक परिवार के लिए करीब 15 से 15 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
दूसरे चरण में अन्य गांवों का होगा विस्थापन
एटीआर प्रबंधन के मुताबिक, पहले चरण में तिलईडबरा गांव के परिवारों को स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके बाद बिरारपानी और छिरहट्टा के ग्रामीणों के विस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रबंधन के अनुसार इन गांवों के ग्रामीणों के लिए जोगीपुर में नए आवास बनाने की प्रक्रिया भी जारी है। कुछ परिवारों के पुराने मकानों को हटाने और जमीन को खाली कराने की कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है।
19 गांवों में से तीन गांवों का चयन
एटीआर अधिकारियों के अनुसार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने वाले 19 गांवों में से तीन गांवों को फिलहाल विस्थापन के लिए चिह्नित किया गया है। इसके बाद अन्य गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा सकती है।
एटीआर प्रबंधन का कहना है कि विस्थापन के बाद ग्रामीणों को नए स्थान पर आवास के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
जोगीपुर में मूलभूत सुविधाओं का भी विकास
विस्थापित ग्रामीणों के लिए जोगीपुर में आवास के साथ अन्य जरूरी सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक गांव में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर दिनेश कुमार पटेल के अनुसार विस्थापित ग्रामीणों को नए स्थान पर बसाने के लिए आवास निर्माण सहित जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करने पर काम किया जा रहा है।


