रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर के नकटी गांव में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई जारी है। प्रशासन की टीम प्रभावित ग्रामीणों को समझाने और पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित 75 परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उन्हें सेक्टर-30, नया रायपुर स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों में बसाने की तैयारी की जा रही है।
भारी विरोध के बीच चलने लगा बुलडोजर
प्रशासन ने बताया कि यहां रहने वाले लोगों ने अवैध कब्जा किया था। सरकार द्वारा यहां विधायक कॉलोनी प्रस्तावित है। वहीं प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी और स्थायी दोनों तरह की आवासीय व्यवस्था की जा रही है। मकानों के आवंटन की प्रक्रिया भी तेज़ी से जारी है, ताकि विस्थापित परिवारों को जल्द राहत मिल सके। इधर, गांव में बुलडोजर कार्रवाई के तहत अब तक 80 से अधिक मकानों को तोड़ा जा चुका है। मौके पर 20 से 25 जेसीबी मशीनें कार्रवाई में लगी हुई हैं। प्रशासनिक टीम घरों से सामान निकालकर वाहनों के जरिए बाहर पहुंचा रही है।
गांव में लोगों की एंट्री बैन
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अगले दो दिनों तक जारी रह सकती है। स्थिति को देखते हुए गांव में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बाहरी लोगों को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके घरेलू सामानों को वाहनों में भरकर जल्दबाजी में बाहर ले जाया जा रहा है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस और स्थानीय रहवासियों के बीच हुई झड़प
इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मौके पर तैनात पुलिस बल और स्थानीय रहवासियों के बीच कई बार झड़प की स्थिति भी बनी। तनाव के दौरान कुछ ग्रामीणों ने बुलडोजर और एम्बुलेंस पर पथराव किया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

