वर-वधु को 100 वा हेलमेट बाटकर बनाया कीर्तिमान…1001 हेलमेट बांटने का गिनीज बुक में नाम दर्ज हो लक्ष्य रखा…

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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बिलासपुर, बदलते दौर में जहां शादियों में महंगे और दिखावटी उपहारों का चलन बढ़ गया है, वहीं गुप्ता समाज ने एक ऐसी पहल शुरू की है जो सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का संदेश भी दे रही है। अब दूल्हा-दुल्हन को उपहार में हेलमेट दिया जा रहा है—ताकि उनका वैवाहिक जीवन सुरक्षित और लंबा हो। छत्तीसगढ़ में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए अखिल भारतीय कसौंधन वैश्य महासभा ट्रस्ट पंजीकृत के नेतृत्व में गुप्ता समाज ने यह अनोखी और सराहनीय पहल शुरू की है। समाज के लोग शादियों में पहुंचकर वर-वधु को हेलमेट भेंट कर रहे हैं और साथ ही सड़क सुरक्षा का संदेश भी दे रहे हैं। समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता का कहना है  आज बिलासपुर के मांगलिक आयोजन में वर-वधु को 100 वा हेलमेट बाटकर शतक पूरा हुआ और
1001 हेलमेट बांटने का गिनीज बुक में नाम दर्ज हो लक्ष्य रखा गया, आज भी अधिकांश लोग दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने में लापरवाही करते हैं। यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित होती है। ऐसे में अगर शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर हेलमेट को उपहार बनाया जाए, तो यह सिर्फ एक गिफ्ट नहीं बल्कि “जीवन रक्षा का संकल्प” बन जाता है।
इस अभियान के तहत सिर्फ हेलमेट ही नहीं, बल्कि लोगों को पैम्फलेट बांटकर भी जागरूक किया जा रहा है। मंच से अपील की जाती है कि चाहे युवा हों, बुजुर्ग या बच्चे—हर किसी के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। साथ ही कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाने का भी संदेश दिया जा रहा है।
गुप्ता समाज की यह पहल अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। समाज का मानना है कि अगर छोटे-छोटे प्रयासों से लोगों की सोच बदली जाए, तो सड़क हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
खास बात:
अब यह पहल सिर्फ शादियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जन्मदिन और अन्य आयोजनों में भी “रिटर्न गिफ्ट” के रूप में हेलमेट देने की अपील की जा रही है—ताकि हर घर में सुरक्षा की संस्कृति विकसित हो सके।
जहां एक ओर शादियों में खुशियों का माहौल होता है, वहीं गुप्ता समाज इस खुशी के साथ सुरक्षा का संदेश जोड़कर एक नई मिसाल पेश कर रहा है—क्योंकि असली उपहार वही है, जो जिंदगी बचाए। इस अवसर पर समाज के रामेश्वर गुप्ता, दिलीप गुप्ता, रामकृष्ण गुप्ता, रमेश गुप्ता, धीरेन्द्र गुप्ता, आशीष गुप्ता, अजय गुप्ता, आनंद गुप्ता, श्रीमती लीला गुप्ता, लेखनी गुप्ता, श्रीमती दीपा गुप्ता, श्रीमती सुजाता गुप्ता, श्रीमती माधुरी गुप्ता, श्रीमती मधु गुप्ता आदि उपस्थित रहे l

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