भीषण गर्मी में पानी संकट से जूझता दंतेवाड़ा शंखनी नदी का जलस्तर गिरा, 20 हजार आबादी की पेयजल व्यवस्था पर खतरा

राजेन्द्र देवांगन
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दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में भीषण गर्मी के बीच शहर में जल संकट गहराता नजर आ रहा है। शंखनी नदी पर बने एनीकेट का गेट जल संसाधन विभाग द्वारा रिटर्निंग वाल निर्माण कार्य के चलते खोल दिए जाने से नदी का जलस्तर तेजी से गिर गया है। इसका सीधा असर शहर की करीब 20 हजार आबादी की पेयजल व्यवस्था पर पड़ने लगा है।

शहर की जलापूर्ति पर मंडरा संकट
शहर की जलापूर्ति पूरी तरह इसी नदी पर बने इंटेक वाल पर निर्भर है। जलस्तर कम होने से पानी की सप्लाई बाधित होने लगी है। हालात संभालने के लिए नगर पालिका ने नदी में रेत का अस्थायी बांध बनाकर पानी रोकने की कोशिश की है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी और लगातार घटते जलस्तर के बीच यह उपाय पर्याप्त साबित नहीं हो रहा।

आपात स्थिति से निपटने को नगरपालिका तैयार नहीं
नगरपालिका की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। पालिका के पास 13 पानी टैंकर उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए केवल 3 ड्राइवर ही हैं, जिससे आपात स्थिति में जल वितरण प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा जल संसाधन विभाग और नगर पालिका के बीच समन्वय की कमी भी समस्या को बढ़ा रही है, जिसके चलते कार्य गैर-तकनीकी तरीके से किए जाने के आरोप लग रहे हैं।

रेत का बांध सुधार लिया गया, जल सप्लाई जारी-
नगरपालिका के सीएमओ वीकेएस पालदास का कहना है कि, रेत का बांध पहले टूट गया था, जिसे सुधार लिया गया है और फिलहाल जल सप्लाई जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि, गंदे पानी की साफ-सफाई कर सप्लाई की जा रही है।

विभागों की लट्ठम-लट्ठा में फंसी पेयजल व्यवस्था
वहीं स्थानीय निवासी यशवंत यादव ने बताया कि पूरे शहर की पेयजल व्यवस्था शंखनी नदी पर निर्भर है। रिटर्निंग वाल निर्माण के कारण गेट खोलने से इंटेक वाल पर जलस्तर गिर गया है। विभागों के बीच समन्वय की कमी और गैर-तकनीकी निर्माण कार्य के चलते स्थिति बिगड़ी है, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ सकता है। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में दंतेवाड़ा को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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