केबिनेट की बैठक,छत्तीसगढ़ में नए कृषि कानून को लेकर सरकार बना रही रणनीति कल विधानसभा में हो सकता है पेश

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर के सिविल लाइंस इलाके से कुछ ही देर में प्रदेश की सबसे बड़ी खबर सामने आ सकती है। दरअसल यहां सीएम हाउस में कैबिनेट की बैठक चल रही है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कर रहे हैं। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सहित सभी मंत्री इस बैठक में शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो प्रदेश में नए कृषि कानून को लेकर इस बैठक में अहम फैसला हो सकता है। चूंकि 27 अक्टूबर यानी कल विधानसभा का विशेष सत्र भी है, इस कानून को सदन में रखा जा सकता है।

रविंद्र चौबे ने कहा था ड्राफ्ट तैयार है
केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का कांग्रेस सरकार विरोध कर रही है। इसे पूंजीपतियों को फायदे पहुंचाने वाला कानून बता रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने करीब 15 दिन पहले यह घोषणा की थी कि नया कानून बनाया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए कृषि कानून को लेकर हमने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसे विधानसभा में पेश करने की तैयारी है। इस ड्राफ्ट में श्रम कानून, फार्मिंग का बिल, मंडी के नियमों को शामिल किया गया है। हम हम किसानों, मजदूरों और उपभोक्ता के साथ है। सभी वर्गों को साथ रखकर ड्राफ्ट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जो कानून लेकर आ रही है उसमें धान खरीदी की प्रक्रिया परेशानी में आ जाएगी, गरीबों को जो एक रुपए किलो में चावल मिलता है, वह प्रभावित होगा। मिलों से मजदूरों को निकाला जाएगा। हम यह सब नहीं होने देंगे।

कानून में इन बातों को शामिल करने की मांग

  • हाल ही में किसान और मजदूर संघ के नेताओं ने कृषि मंत्री से मिलकर नए कानून में इन बातों को शामिल करने की मांग की थी। प्रगतिशील किसान मंच लोरमी के राकेश तिवारी लोरमी का कहना था कि नये विधेयक में कृषि उपज मंडी को मजबूत करने का प्रावधान हो
  • महासमुंद जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर का सुझाव था कि प्रदेश सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदी के कानून को मजबूत करें और ऐसा न करने वाले व्यापारियों व मंडी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखे ।
  • भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के प्रदेश महासचिव सुनील दुबे स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश को पूर्ण रूप से लागू करने का प्रावधान राज्य सरकार के नए विधेयक में होना चाहिए ।
  • कृषि वैज्ञानिक डॉ संकेत ठाकुर का कहना था कि नए विधेयक में धान खरीदी को प्रतिवर्ष 1 नवंबर से करना नियमित किया जाए।
  • भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष दौलत सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए धान खरीदी पर से 15 क्विंटल के बंधन को हटा दे।
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